डेली संवाद, मोहाली। Punjab News: पंजाब के मोहाली जिले के जीरकपुर में रविवार को पटाखों के स्टॉलों में आग लगने से हड़कंप मच गया। ढकोली स्थित गुरु नानक एन्क्लेव मार्केट में पटाखों और सजावट के सामान के स्टॉल अचानक आग की चपेट में आ गए।
देखते ही देखते आग ने कई स्टॉलों को अपनी चपेट में ले लिया और उनमें रखे पटाखे तेज धमाकों के साथ फटने लगे। धमाकों की आवाज से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ, लेकिन लाखों रुपये का सामान जलकर राख हो गया।
पटाखों में आग लगते ही होने लगे जोरदार धमाके
जानकारी के मुताबिक, ढकोली की गुरु नानक एन्क्लेव मार्केट में पटाखों और सजावट के सामान के स्टॉल लगाए गए थे। इसी दौरान अचानक एक स्टॉल में आग लग गई। आग ने देखते ही देखते आसपास के स्टॉलों को भी अपनी चपेट में ले लिया।
स्टॉलों में रखे पटाखे एक के बाद एक फटने लगे। लगातार हो रहे धमाकों से मार्केट में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की तरफ भागने लगे।
दमकल विभाग ने कड़ी मशक्कत के बाद पाया आग पर काबू
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। पटाखों में लगातार हो रहे धमाकों के कारण दमकल कर्मियों को आग बुझाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
यह भी पढ़ें: फगवाड़ा-चंडीगढ़ हाईवे पर North Wood प्रोजैक्ट के खिलाफ विजीलैंस ब्यूरो में शिकायत
दमकल टीम ने सूझबूझ से राहत एवं बचाव कार्य चलाया और कुछ ही देर में आग पर पूरी तरह काबू पा लिया। समय रहते आग बुझा दिए जाने से एक बड़ा हादसा टल गया।
प्रशासन ने जारी किए थे सिर्फ 8 लाइसेंस, फिर भी लगे सैकड़ों स्टॉल
इस घटना के बाद जीरकपुर में पटाखों की बिक्री और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन पर सवाल उठने लगे हैं। जानकारी के मुताबिक, मोहाली जिला प्रशासन की ओर से जीरकपुर में पटाखों की बिक्री के लिए केवल 8 आधिकारिक लाइसेंस जारी किए गए थे।
इसके बावजूद शहर के अलग-अलग इलाकों में कथित तौर पर सैकड़ों अवैध पटाखा स्टॉल लगाए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि निर्धारित लाइसेंस की संख्या से कहीं अधिक स्टॉल कैसे संचालित हो रहे थे?
सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठे सवाल
आग लगने की घटना ने पटाखा स्टॉलों पर सुरक्षा इंतजामों को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या सभी पटाखा स्टॉलों की प्रशासन की ओर से जांच की गई थी?
क्या वहां अग्निशमन यंत्र और पानी की पर्याप्त व्यवस्था थी?
क्या आपातकालीन निकासी के लिए उचित रास्ते बनाए गए थे?
केवल 8 लाइसेंस जारी होने के बावजूद बाकी स्टॉल कैसे लगाए गए?
फिलहाल इस अग्निकांड में लाखों रुपये के नुकसान की बात सामने आई है। प्रशासन की ओर से कथित अवैध स्टॉलों के खिलाफ जांच और कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।