डेली संवाद, मेरठ। Meerut Neela Drum Murder Case Saurabh Rajpoot : उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित सौरभ राजपूत हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को फांसी की सजा सुनाई। दोनों पर सौरभ राजपूत की बेरहमी से हत्या करने और सबूत मिटाने के आरोप थे। सजा के ऐलान के बाद सौरभ की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि उन्हें शांति से न्याय मिल गया।
अदालत में सजा सुनाए जाने से पहले जेल में बंद मुस्कान और साहिल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। इस दौरान दोनों रोने लगे। मामले की गंभीरता और अपराध की क्रूरता को देखते हुए अदालत ने दोनों को मृत्युदंड सुनाया। मुस्कान ने अपने पति की नृशंस हत्या कर शरीर को काटकर नीले ड्रम में भर दिया था।
अधर्म के काम पर सजा देना धर्म होता है
सजा सुनाते हुए जज ने कहा कि मुस्कान और साहिल ने मिलकर सौरभ की नृशंस हत्या की है। रिपोर्ट के मुताबिक, जज ने टिप्पणी की, “अधर्म के काम पर सजा देना धर्म होता है।
मुस्कान-साहिल, आप दोनों ने ही सौरभ की नृशंस हत्या की है। इसलिए माफी स्वीकार नहीं होगी।” अदालत की इस टिप्पणी के बाद दोनों दोषियों को मौत की सजा सुनाई गई।
जज ने मुस्कान से पूछा- क्या सजा चाहती हो?
सजा के ऐलान से पहले अदालत ने मुस्कान से पूछा कि वह अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या में दोषी है, तो क्या सजा चाहती है? इस पर मुस्कान ने कहा कि उसकी बच्चियों का ख्याल रखा जाए। इसके बाद वह खामोश हो गई।
जब यही सवाल साहिल से पूछा गया, तो उसने कोई जवाब नहीं दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान दोनों फूट-फूटकर रोते नजर आए।
नीले ड्रम में मिला था सौरभ का शव
सौरभ राजपूत की हत्या 3 मार्च 2025 को हुई थी। मामले में सामने आए आरोपों के मुताबिक, हत्या के बाद शव को पांच टुकड़ों में काटकर नीले ड्रम में रखा गया था। सबूत मिटाने के लिए ड्रम में सीमेंट का घोल भी डाला गया था।
इस घटना ने पूरे देश में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने मामले की जांच के बाद मुस्कान और साहिल के खिलाफ कार्रवाई की। यह हत्याकांड लंबे समय तक चर्चा में रहा।
मुस्कान की गोद में थी बेटी
अदालत में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान मुस्कान की गोद में उसकी 10 महीने की बेटी मन्नत उर्फ राधा भी थी। रिपोर्ट के अनुसार, बच्ची का जन्म नवंबर में हुआ था, जब मुस्कान जेल में बंद थी।
मुस्कान ने अदालत में अपनी बच्चियों की देखभाल की बात कही। दूसरी ओर, फैसला सुनने के बाद सौरभ की मां रो पड़ीं और उन्होंने न्याय मिलने पर संतोष जताया।
मेरठ के जिला जज ने सुनाई सजा
इस मामले में सजा सुनाने वाले मेरठ के जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार मिश्रा-II का जन्म 2 जुलाई 1971 को उत्तर प्रदेश के मऊ में हुआ था। उन्होंने बीए, एलएलबी और एलएलएम की पढ़ाई की है।
उन्होंने 31 मई 2003 को सिविल जज (जूनियर डिवीजन) के रूप में न्यायिक सेवा शुरू की थी। अपने न्यायिक करियर के दौरान वह गाजीपुर, अलीगढ़, गोरखपुर, कानपुर और मिर्जापुर समेत कई जिलों में तैनात रहे। रिपोर्ट के अनुसार, वह 21 मई 2026 से मेरठ में तैनात हैं।
एसएसपी ने पुलिस टीम की सराहना की
मेरठ के एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति ने कहा कि मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने सौरभ की हत्या की थी। उन्होंने मामले में अच्छा काम करने वाले पुलिसकर्मियों और अन्य संबंधित लोगों की प्रशंसा की। एसएसपी के मुताबिक, सराहनीय कार्य करने वालों को प्रशस्ति पत्र और नकद पुरस्कार दिया जाएगा।