डेली संवाद, मोहाली। Punjab News: आय से अधिक संपत्ति (डीए) मामले में पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के साले गजपत सिंह ग्रेवाल को बड़ी कानूनी राहत मिली है। मोहाली की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है। पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की ओर से पूरक चार्जशीट दाखिल करने और हिरासत में पूछताछ की जरूरत नहीं होने की बात कहने के बाद अदालत ने 31 अक्टूबर को यह फैसला सुनाया।
इससे पहले विजिलेंस ब्यूरो ने अदालत में कहा था कि मामले की जांच आगे बढ़ाने और कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति छिपाने की साजिश का पता लगाने के लिए गजपत सिंह ग्रेवाल से हिरासत में पूछताछ जरूरी है। हालांकि, पूरक चार्जशीट दाखिल होने के बाद विजिलेंस का रुख बदल गया।
पूरक चार्जशीट के बाद विजिलेंस ने बदला अपना रुख
विजिलेंस ब्यूरो ने अदालत को बताया कि गजपत सिंह ग्रेवाल से संबंधित जांच पूरी कर ली गई है और अब उनसे हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद अदालत ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका स्वीकार कर ली।
विजिलेंस के इस बदले हुए रुख को ग्रेवाल के लिए अहम कानूनी राहत माना जा रहा है। अग्रिम जमानत मिलने के बाद अब उन्हें इस मामले में गिरफ्तारी से राहत मिल गई है, हालांकि केस की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी।
भगोड़ा घोषित करने की कार्रवाई पर हाईकोर्ट ने लगाई थी रोक
इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने पहले गजपत सिंह ग्रेवाल को भगोड़ा (प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर) घोषित करवाने के लिए अदालत में याचिका दाखिल की थी। विजिलेंस के अनुसार, ग्रेवाल के तीन अलग-अलग पते सामने आए थे।
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इनमें गांव खेड़ी, जिला संगरूर, बसंत विहार, दिल्ली और डिफेंस कॉलोनी, दक्षिणी दिल्ली शामिल हैं। हालांकि, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने विजिलेंस की इस कार्रवाई पर अगले आदेशों तक रोक लगा दी थी। इसके बाद मामले में कानूनी कार्यवाही आगे बढ़ी।
बिक्रम मजीठिया के साथ आपराधिक साजिश में भूमिका का आरोप
यह मामला डीएसपी इंदरपाल सिंह की याचिका पर दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1) और 13(2) तथा भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी के तहत कार्रवाई की गई है।
विजिलेंस ब्यूरो का आरोप है कि गजपत सिंह ग्रेवाल ने मुख्य आरोपी बिक्रम सिंह मजीठिया की कथित आय से अधिक संपत्ति जुटाने और उसे अलग-अलग माध्यमों से छिपाने की आपराधिक साजिश में अहम भूमिका निभाई थी। फिलहाल अदालत से अग्रिम जमानत मिलने के बाद गजपत सिंह ग्रेवाल को बड़ी राहत मिली है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।