Skip to content

Punjab News: मार्केट कमेटी के चेयरमैन से शादी के नाम पर ठगी, फर्जी PCS अफसर बनकर युवती ने नेता जी को लगा दिया लाखों का चूना

फतेहगढ़ साहिब में शादी के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप में महिला और उसके परिवार के पांच अन्य सदस्यों समेत छह लोगों पर केस दर्ज हुआ है। शिकायतकर्ता ने महिला को PCS अधिकारी बताकर शादी कराने का आरोप लगाया है।

Punjab News: मार्केट कमेटी के चेयरमैन से शादी के नाम पर ठगी, फर्जी PCS अफसर बनकर युवती ने नेता जी को लगा दिया लाखों का चूना
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, फतेहगढ़ साहिब। Punjab News: पंजाब के फतेहगढ़ साहिब में शादी के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। थाना फतेहगढ़ साहिब पुलिस ने सरहिंद मार्केट कमेटी के चेयरमैन और ब्लॉक समिति सदस्य अमरिंदर सिंह की शिकायत पर एक महिला और उसके परिवार के पांच अन्य सदस्यों समेत कुल छह लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

शिकायतकर्ता अमरिंदर सिंह, निवासी गांव मंडोफल, ने पुलिस को दिए बयानों में आरोप लगाया कि आरोपियों ने कथित तौर पर साजिश के तहत मनविंदर कौर को अविवाहित और PCS अधिकारी के रूप में पेश किया। इसके अलावा उसकी उम्र को लेकर भी कथित तौर पर गलत जानकारी दी गई।

10 फरवरी 2026 को हुई थी शादी

शिकायत के मुताबिक, इन्हीं दावों और कथित गलत जानकारी के आधार पर अमरिंदर सिंह की शादी मनविंदर कौर से 10 फरवरी 2026 को करवाई गई। शादी के बाद जब उन्हें कुछ बातों पर संदेह हुआ तो उन्होंने अपने स्तर पर मामले की पड़ताल शुरू की।

यह भी पढ़ें: मैरिटन होटल को अवैध बताकर खाली करवाने वाले नगर निगम के अफसर हुए 'लाचार'

शिकायतकर्ता के अनुसार, जांच के दौरान उन्हें पता चला कि मनविंदर कौर पहले से तलाकशुदा है और उसका एक बच्चा भी है। साथ ही, शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि वह किसी सरकारी पद पर कार्यरत नहीं है और उसे PCS अधिकारी बताना कथित तौर पर गलत था।

महिला समेत परिवार के 6 लोगों पर केस

पुलिस ने शिकायत के आधार पर मनविंदर कौर, उसके भाई तरलोचन सिंह, मां अमरजीत कौर, ताऊ के बेटे नरेंद्र सिंह, भाभी रुपिंदर कौर और पूर्व सरपंच सुखमंदर सिंह राणा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। सभी आरोपी जिला तरनतारन के थाना भिक्खीविंड क्षेत्र के गांव सुरसिंह के रहने वाले बताए गए हैं।

पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी जांच शुरू कर दी है। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।