डेली संवाद, पटियाला। Punjab: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए इन्हें पूरी तरह भ्रष्ट पार्टियां करार दिया, जो पंजाब के विकास को पटरी से उतारने और अपने साझे राजनीतिक हितों की रक्षा के लिए एकजुट हो गई हैं। भविष्य के राजनीतिक मुकाबले को ‘एक बनाम सभी’ बताते हुए उन्होंने कहा कि अलग-अलग झंडे और चुनाव चिह्न होने के बावजूद इन पार्टियों का मकसद एक ही है – पंजाब को लूटना और यहां के लोगों का शोषण करना।
पटियाला के विधानसभा क्षेत्र घनौर में एक विशाल सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियों को इस बात की बेचैनी है कि एक आम घर का बेटा समाज के हर वर्ग की भलाई के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाबियों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और उन्होंने विरोधियों को चेतावनी दी कि साल 2022 की तरह ही 2027 में भी लोग विरोधी दल के बड़े-बड़े नेताओं को घर बैठा देंगे।
‘रंगला पंजाब’ बनाने की ताकत दे रहा है
अपने ‘एक्स’ हैंडल पर साझा की गई पोस्ट में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “पटियाला के विधानसभा क्षेत्र घनौर के गांव मंडोली में पीने के पानी के नए प्रोजेक्ट के उद्घाटन के मौके पर आज विशाल सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विरोधियों के विपरीत, हम कुर्सियों की लड़ाई नहीं लड़ रहे। हमारी लड़ाई पंजाब के लोगों को पीने का साफ पानी, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराने की है। आम परिवारों के बच्चों को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां देना हमारी सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक है। लोगों का प्यार और साथ हमें ‘रंगला पंजाब’ बनाने की ताकत दे रहा है।”
दो जिलों के लिए नहर जल आपूर्ति प्रोजेक्ट लोगों को समर्पित करने के बाद सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मौजूदा राजनीतिक हालात को “एक बनाम सभी” करार दिया। उन्होंने कहा कि जहां पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनकी सरकार के खिलाफ एकजुट हो गई हैं, वहीं वे पंजाब के लोगों के प्यार और आशीर्वाद के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, “एक तरफ भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस हैं, जबकि दूसरी तरफ मैं पंजाब के लोगों के प्यार और आशीर्वाद के साथ खड़ा हूं।
पंजाबियों के सुख-दुख के भागीदार बने
इन पार्टियों ने दशकों तक पंजाब पर राज किया और अब ये इसलिए परेशान हैं क्योंकि एक आम घर का बेटा समाज के हर वर्ग के भले के लिए ईमानदारी से काम कर रहा है।” मुख्यमंत्री ने कहा, “इनके झंडे और चुनाव चिह्न अलग-अलग हैं, लेकिन इनकी नीयतें एक जैसी हैं। ये इस बात को हजम नहीं कर पा रहे कि पंजाब के संसाधन अब मुट्ठी भर राजनीतिक परिवारों की बजाय आम पंजाबियों की भलाई के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं।” उन्होंने कहा कि ये राजनीतिक पार्टियां पंजाब को लूटने के लिए एकजुट हुई हैं, जबकि वे 3.25 करोड़ पंजाबियों के सुख-दुख के भागीदार बने हैं।
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पारंपरिक पार्टियां उन्हें इसलिए निशाना बना रही हैं क्योंकि उन्हें समझ आ चुकी है कि लोग अब उनकी धोखे, भ्रष्टाचार और परिवारवाद की राजनीति को स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अकाली लीडरशिप ने अपने शासनकाल के दौरान लगभग हर कारोबार में अपना हिस्सा डाल लिया। ये नेता हर कारोबार में जबरदस्ती अपना हिस्सा लेते थे, जबकि मैंने आम लोगों के सुख, संघर्ष और दुख बांटने का रास्ता चुना है। इन्हें तकलीफ इस बात की है कि हमारी सरकार रसूखदार परिवारों की जगह आम लोगों के लिए काम कर रही है।”
कांग्रेस पार्टी आंतरिक फूट से जूझ रही
गांवों के दौरे के दौरान लोगों से मिलने वाले स्नेह का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोगों का प्यार और आशीर्वाद ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी और पंजाब की सेवा का इनाम हैं। उन्होंने कहा, “जब भी मैं गांवों में जाता हूं तो मेरी पगड़ी फूलों से भर जाती है क्योंकि लोग मुझ पर अपना प्यार, आशीर्वाद और स्नेह बरसाते हैं। मेरी पीठ पर किसी रसूखदार परिवार या बड़े पूंजीपतियों का हाथ नहीं है, बल्कि मेरे पास आम लोगों के आशीर्वाद हैं। जब तक पंजाब के लोग मेरे साथ खड़े हैं, मुझे विरोधियों की कोई परवाह नहीं।”
कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि कांग्रेस पार्टी आंतरिक फूट से जूझ रही है और इसके नेता आपस में ही एकता बनाए रखने में सक्षम नहीं हैं। उन्होंने आगे कहा कि भले ही कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल सार्वजनिक रूप से एक-दूसरे के विरोधी होने का दिखावा करते हैं, लेकिन जब मौजूदा सरकार का विरोध करने की बात आती है तो ये सभी अंदरखाने एक हो जाते हैं।
मौकापरस्ती की राजनीति करते हुए रंग बदलते रहते
दलबदल की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में लंबे समय तक रहे कई नेता अब भाजपा में शामिल हो चुके हैं। मनप्रीत सिंह बादल, सुनील जाखड़ और रवनीत सिंह बिट्टू उन नेताओं में से हैं जिन्होंने समय-समय पर अपनी वफादारियां बदली हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी दलबदल पारंपरिक पार्टियों की पहचान बन चुकी हैं, जिनके नेता अपनी सुविधा के अनुसार मौकापरस्ती की राजनीति करते हुए रंग बदलते रहते हैं।
प्रमुख राजनीतिक नेताओं को लोगों द्वारा चुनावों में नकारे जाने का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब के लोगों ने पिछली चुनावों में कैप्टन अमरिंदर सिंह, चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, बिक्रम सिंह मजीठिया और अन्य को हराकर अपनी जनतंत्रीय ताकत का सबूत पहले ही दे दिया है। उन्होंने कहा, “कोई भी राजनीतिक नेता, चाहे उसका पद या रसूख कितना भी बड़ा क्यों न हो, लोगों से बड़ा नहीं होता। लोकतंत्र में जनता ही सर्वोच्च है और उसका फैसला ही सबसे अहम होता है। कोई भी राजनीतिक परिवार या व्यक्ति पंजाब की मालिकी का दावा नहीं कर सकता। लोगों ने बार-बार साबित किया है कि वे अहंकार, धोखा और लूट-खसोट को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे।
पीने का साफ पानी निर्बाध मिलेगा
जनता वोटों के लिए झूठे वादे करने वालों और जमीनी स्तर पर काम करके दिखाने वालों के बीच का फर्क साफ समझती है।” कार्यक्रम के दौरान समर्पित किए गए प्रोजेक्टों के महत्व का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीने का साफ पानी मुहैया कराना सिर्फ बुनियादी ढांचे का उपक्रम नहीं है, बल्कि पंजाब के लोगों के स्वास्थ्य और भविष्य में सीधा निवेश है। उन्होंने कहा, “लगभग 90,000 घरों से संबंधित पांच लाख से अधिक लोगों को नहरों पर आधारित पीने का साफ पानी निर्बाध मिलेगा। ये प्रोजेक्ट खास तौर पर महत्वपूर्ण हैं क्योंकि कई गांवों में भूजल अत्यधिक फ्लोराइड और भारी धातुओं के प्रदूषण से प्रभावित हो चुका है।
हमारी सरकार ने लोगों को भूजल के दूषित पानी से जुड़े स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिए यह उपक्रम किया है।” मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि उनकी सरकार सिर्फ पाइपलाइनें नहीं बिछा रही बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वास्थ्य को सुरक्षित कर रही है। साफ पीने का पानी एक बुनियादी जरूरत है और हर परिवार को उसका बराबर अधिकार है, चाहे वह किसी भी आर्थिक पृष्ठभूमि से संबंधित हो। उन्होंने आगे कहा कि ये प्रोजेक्ट हजारों परिवारों के लिए जीवन रेखा साबित होंगे।
सरकार के प्रयासों के नतीजों को दर्शाता
मुख्यमंत्री ने सरकारी स्कूलों के कायाकल्प का जिक्र करते हुए कहा कि सुधरी हुई शैक्षिक कार्यप्रणाली और छात्रों में बढ़ता आत्मविश्वास सरकार के प्रयासों के नतीजों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “साल 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 छात्र नीट के लिए योग्य हुए थे, जबकि इस साल यह संख्या बढ़कर 882 हो गई है। यह सुधार हमारी सरकार की आम परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बराबर अवसर प्रदान करने के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”
उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के बच्चों को पहले यह मानने के लिए मजबूर किया जाता था कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और पेशेवर करियर उनकी पहुंच से बाहर हैं। उनकी सरकार ने सरकारी स्कूलों की हालत सुधारकर और शिक्षकों व छात्रों को सक्षम बनाकर इस मानसिकता को बदलने के लिए काम किया है। उन्होंने आगे कहा कि आज सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चे सबसे महंगे निजी संस्थानों के छात्रों से सफलतापूर्वक मुकाबला कर रहे हैं।
10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह वास्तव में लोगों की भलाई वाली सरकार है, जो लोगों की जिंदगियों को सुधारने के लिए अथक मेहनत करती है। उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सरकार ने आम आदमी क्लीनिक और मुख्यमंत्री सेहत योजना के जरिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत किया है, जिसके तहत योग्य परिवारों को 10 लाख रुपए तक का स्वास्थ्य बीमा कवर मिलेगा। उन्होंने कहा, “इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी परिवार चिकित्सा खर्चों के कारण आर्थिक मुश्किल में न पड़े और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा आम नागरिकों की पहुंच में रहे।
हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि लोगों को आर्थिक बोझ की चिंता किए बिना जरूरी स्वास्थ्य सेवा मिले।” किसानों के लिए सरकार के उपक्रमों का हवाला देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि कार्यों के लिए दिन के समय बिजली मुहैया कराने से किसान समुदाय को बड़ी राहत मिली है। किसान अब अपनी फसलों की सिंचाई के लिए पूरी रात जागने की बजाय दिन के समय अपने खेतों में काम कर सकते हैं।
किसानों को बेवजह संघर्ष न करना पड़े
उन्होंने आगे कहा कि नहर सिंचाई के अंतर्गत रकबा भी काफी बढ़ा है, जिससे भूजल पर निर्भरता घटी है और प्रदेश के पानी के कीमती संसाधनों को बचाने में मदद मिली है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे किसान पंजाब की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी सुविधा, सम्मान और खुशहाली हमारी प्राथमिकताएं हैं। दिन के समय बिजली देना और नहर नेटवर्क का विस्तार करना कृषि को अधिक टिकाऊ बनाने और यह सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं कि हमारे किसानों को बेवजह संघर्ष न करना पड़े।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां इस तथ्य को हजम करने से असमर्थ हैं कि पंजाब में शासन का नया मॉडल देखने को मिल रहा है जिसमें सार्वजनिक पैसा शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पीने के पानी, सिंचाई और अन्य जरूरी सेवाओं पर खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि विरोधी दल अपने राजनीतिक हमले जारी रख सकते हैं, लेकिन लोग सरकारों का मूल्यांकन उनके प्रदर्शन और प्रतिबद्धता के आधार पर करेंगे।
एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल होता रहेगा
जिन्होंने दशकों तक पंजाब पर राज किया, उनके पास लोगों की सेवा करने के बहुत सारे मौके थे लेकिन वे अपनी जिम्मेदारियां निभाने में असफल रहे। उन्होंने आगे कहा कि आज जब सरकारी स्कूल सुधर रहे हैं, स्वास्थ्य सेवा लोगों के दरवाजों तक पहुंच रही है, किसानों को दिन के समय बिजली मिल रही है और गांवों को पीने का साफ पानी मिल रहा है तो वही राजनीतिक ताकतें बेचैन हो रही हैं। अपनी सरकार की विकास के प्रति प्रतिबद्धता को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सार्वजनिक पैसे का एक-एक पैसा लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल होता रहेगा।
उन्होंने कहा कि आने वाली राजनीतिक लड़ाई किसी एक व्यक्ति या किसी एक राजनीतिक पार्टी के बारे में नहीं है, बल्कि पंजाब के हितों की रक्षा करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर भविष्य सुनिश्चित करने के बारे में है। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोग मेरा परिवार हैं और उनका विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत है। ये राजनीतिक पार्टियां एकजुट हो सकती हैं, मुहिम चला सकती हैं और आरोप लगा सकती हैं, लेकिन वे पंजाबियों की सामूहिक इच्छाओं को हरा नहीं सकती। पंजाब का भविष्य इसके लोगों द्वारा तय किया जाएगा, न कि कुछ राजनीतिक परिवारों द्वारा।”