डेली संवाद, होशियारपुर। ED Raid: पंजाब में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह कांग्रेस नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री सुंदर शाम अरोड़ा के घर पर छापेमारी की। ED की टीम सुबह करीब 5 बजे होशियारपुर के जोधा मल रोड स्थित उनके आवास पर पहुंची। इस दौरान केंद्रीय एजेंसी के अधिकारियों के साथ CRPF के जवान भी मौजूद रहे। सुरक्षा के मद्देनजर जवानों ने पूरे आवास को घेर लिया और आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी।
एजेंसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। बताया जा रहा है कि ED की टीमें सुंदर शाम अरोड़ा से जुड़े अन्य ठिकानों पर भी जांच कर रही हैं। हालांकि, छापेमारी के दौरान क्या-क्या बरामद हुआ है, इस बारे में अभी तक आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।
ED की रेड का आधार
1. आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच
सूत्रों के अनुसार, ED की कार्रवाई कथित तौर पर आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और अवैध रूप से कमाए गए धन को ठिकाने लगाने के आरोपों से जुड़ी है। एजेंसी मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत मामले की जांच कर रही है।
2. बेटे और रियल एस्टेट कारोबार से जुड़े लोगों के ठिकानों पर भी छापे
जानकारी के मुताबिक, ED की टीमों ने सुंदर शाम अरोड़ा के होशियारपुर स्थित आवास के अलावा उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा और उनसे जुड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स के ठिकानों पर भी कार्रवाई की है। इनमें मार्बेला ग्रुप और गुलमोहर टाउनशिप ग्रुप के प्रमोटरों के ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं।
3. पहले भी भ्रष्टाचार के मामलों में घिर चुके हैं पूर्व मंत्री
सुंदर शाम अरोड़ा इससे पहले भी कई कानूनी मामलों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। इनमें मोहाली में औद्योगिक प्लॉट के कथित अवैध ट्रांसफर और सब-डिवीजन का मामला तथा विजिलेंस अधिकारी को रिश्वत देने की कथित कोशिश का मामला शामिल है।
27 जनवरी को भी ED और इनकम टैक्स ने की थी रेड
इससे पहले 27 जनवरी को भी ED ने इनकम टैक्स विभाग के साथ मिलकर सुंदर शाम अरोड़ा के घर पर दबिश दी थी। उस दौरान अधिकारियों ने घर में मौजूद दस्तावेजों की जांच की थी। हालांकि, उस कार्रवाई में क्या मिला था, इसकी जानकारी एजेंसियों की ओर से सार्वजनिक नहीं की गई थी।
सुंदर शाम अरोड़ा पर रहे हैं ये दो बड़े मामले
मोहाली में इंडस्ट्रियल प्लॉट ट्रांसफर का मामला
पहला मामला पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन (PSIEC) के एक औद्योगिक प्लॉट को रियल एस्टेट कंपनी को ट्रांसफर करने से जुड़ा था। आरोप था कि औद्योगिक जमीन को 12 प्लॉट से विभाजित कर 125 प्लॉट में बदलने की मंजूरी दी गई थी।
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इस मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने जनवरी 2023 में सुंदर शाम अरोड़ा, एक IAS अधिकारी और अन्य अधिकारियों सहित कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। हालांकि, दिसंबर 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले की FIR रद्द कर दी थी।
विजिलेंस अधिकारी को 50 लाख रुपये रिश्वत देने का आरोप
अक्टूबर 2022 में विजिलेंस ब्यूरो ने सुंदर शाम अरोड़ा को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि उन्होंने अपने खिलाफ चल रही जांच में राहत दिलाने के लिए विजिलेंस के AIG मनमोहन कुमार को एक करोड़ रुपये देने की पेशकश की थी। आरोप के मुताबिक, पहली किस्त के रूप में 50 लाख रुपये देते समय उन्हें गिरफ्तार किया गया था।
बाद में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस मामले की कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। फिलहाल ED की ताजा कार्रवाई को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। छापेमारी में क्या तथ्य सामने आते हैं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।