Skip to content

Jalandhar News: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लतीफपुरा में बड़ी कार्रवाई तय, हटेंगे अवैध कब्जे

Jalandhar News: हाईकोर्ट की सख्ती के बाद लतीफपुरा में बड़ी कार्रवाई तय, हटेंगे अवैध कब्जे
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: मॉडल टाउन से सटे लतीफपुरा क्षेत्र में वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्ज़ों को लेकर अब निर्णायक कार्रवाई के संकेत मिल गए हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल एच.पी.एस. ईशर ने अदालत को भरोसा दिलाया है कि 9 फरवरी से पहले लतीफपुरा क्षेत्र से सभी अवैध कब्ज़े हटा दिए जाएंगे। यह मामला डिप्टी कमिश्नर जालंधर ( Jalandhar ) के खिलाफ दायर अदालत की अवमानना याचिका से जुड़ा हुआ है, जिसमें कोर्ट के पुराने आदेशों की अवहेलना का आरोप लगाया गया है। गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने 29 जुलाई 2025 को डिप्टी कमिश्नर जालंधर को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि लतीफपुरा की सड़कों से एक माह के भीतर सभी अवैध कब्ज़े हटाकर यातायात बहाल किया जाए।

120 फुट चौड़ी सड़क अवैध कब्ज़ों के चलते पूरी तरह बंद

हालांकि कोर्ट के आदेश के बावजूद कई महीने बीत जाने के बाद भी ज़मीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके चलते याचिकाकर्ता सोहन सिंह और रबिंदर सिंह ने पहले प्रशासन को कानूनी नोटिस भेजा और फिर उनके वकील एडवोकेट रणजीत सिंह बजाज और सिदकजीत सिंह बजाज के माध्यम से हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की।

यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी

वर्तमान हालात बेहद चिंताजनक बने हुए हैं। लतीफपुरा की 120 फुट चौड़ी मुख्य सड़क अवैध कब्ज़ों के चलते पूरी तरह बंद पड़ी है। वर्ष 2022 में प्रशासन द्वारा चलाए गए तोड़फोड़ अभियान के बाद न तो मलबा हटाया गया और न ही सड़क का निर्माण किया गया। इसके बाद विस्थापित लोगों ने अस्थायी झोंपड़ियां बनाकर दोबारा सड़क पर कब्ज़ा कर लिया, जिससे इलाके में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्कूली बसों, एंबुलेंसों और स्थानीय निवासियों को रोज़ाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। [caption id="attachment_71508" align="aligncenter" width="800"] Municipal Corporation Municipal Corporation[/caption]

कार्रवाई की निगरानी जिला प्रशासन खुद करेगा

सूत्रों के अनुसार, हाईकोर्ट के सख्त रुख और अवमानना मामले के दबाव के बाद जिला प्रशासन अब फरवरी 2026 के पहले सप्ताह में एक व्यापक एक्शन ड्राइव चलाने की तैयारी कर रहा है। इस कार्रवाई की निगरानी जिला प्रशासन खुद करेगा। पहले चरण में ड्यूटी मैजिस्ट्रेट की नियुक्ति की जाएगी, ताकि कार्रवाई के दौरान किसी तरह की कानूनी अड़चन न आए। नगर निगम जालंधर (Nagar Nigam Jalandhar) की ओर से इस अभियान के लिए डिच मशीनें, लोडर, टिप्पर समेत भारी मशीनरी उपलब्ध करवाई जाएगी। मलबा उठाने और स्थल की सफाई की जिम्मेदारी भी नगर निगम की टीमों को सौंपी जाएगी। चूंकि लतीफपुरा क्षेत्र इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट की स्कीम के अंतर्गत आता है, इसलिए ट्रस्ट के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहेंगे और तकनीकी सहयोग देंगे। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी व्यापक इंतजाम किए जाएंगे। पूरे ऑपरेशन की जिम्मेदारी कमिश्नरेट पुलिस के पास होगी और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर रहकर स्थिति की निगरानी करेंगे, ताकि किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या न उत्पन्न हो।

9 फरवरी से पहले चलेगा बुलडोजर

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2022 की कार्रवाई के बाद विस्थापित परिवारों ने ‘लतीफपुरा पुनर्वास मोर्चा’ के बैनर तले सरकार के खिलाफ आंदोलन भी छेड़ा था। उस समय आम आदमी पार्टी के कुछ स्थानीय नेताओं ने उन्हें मदद और पुनर्वास का आश्वासन दिया था, लेकिन समय बीतने के साथ यह मामला राजनीतिक रूप से ठंडा पड़ गया। न तो अवैध कब्ज़ों को स्थायी रूप से हटाया गया और न ही पुनर्वास को लेकर कोई ठोस नीति सामने आई। अब स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि हाईकोर्ट में चल रहे अवमानना मामले के चलते प्रशासन इस बार ढिलाई नहीं बरतेगा और लतीफपुरा की वर्षों से बंद पड़ी सड़कों के खुलने का रास्ता साफ होगा। साथ ही यह भी देखना अहम होगा कि सरकार विस्थापित परिवारों के पुनर्वास को लेकर कोई ठोस और मानवीय समाधान पेश करती है या नहीं।