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Jalandhar News: नितिन कोहली ने CM के अनोखे स्वागत के साथ ‘जालंधर पढ़ाओ’ को दिया बढ़ावा

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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: सीएम मान के जालंधर सेंट्रल दौरे के दौरान आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और जालंधर सेंट्रल हल्का इंचार्ज नितिन कोहली ने एक नई और सकारात्मक पहल की शुरुआत की। उन्होंने “जालंधर पढ़ाओ मुहिम” शुरू करते हुए मुख्यमंत्री के स्वागत में पारंपरिक फूलों का बुके देने की बजाय कॉपी, पेंसिल, इरेज़र, शार्पनर और पूरा स्टेशनरी सेट भेंट किया। नितिन कोहली ने कहा कि शिक्षा समाज को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है और बदलाव की शुरुआत छोटी लेकिन अर्थपूर्ण सोच से होती है। उन्होंने “बुके कल्चर” की जगह “कॉपी-पेंसिल कल्चर” को अपनाने का संदेश देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में ऐसी परंपराएं शुरू होनी चाहिए जिनसे समाज को सीधा और स्थायी लाभ मिले। [caption id="attachment_102231" align="aligncenter" width="1200"] Nitin Kohli promotes Teach Jalandhar Nitin Kohli promotes Teach Jalandhar[/caption]

कोहली ने शुरू की ‘जालंधर पढ़ाओ मुहिम’

उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब वे आगे से जालंधर (Jalandhar) सेंट्रल सहित किसी भी उद्घाटन, सम्मान समारोह या सार्वजनिक कार्यक्रम में फूलों के बुके की जगह बच्चों के लिए शैक्षणिक सामग्री ही भेंट करेंगे। उनका मानना है कि हर कार्यक्रम को शिक्षा से जोड़कर समाज के लिए उपयोगी बनाया जा सकता है।

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नितिन कोहली ने स्पष्ट किया कि यह पहल केवल एक प्रतीक नहीं है, बल्कि एक निरंतर अभियान है। “जालंधर पढ़ाओ मुहिम” के तहत एकत्र की गई स्टेशनरी जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों तक पहुंचाई जाएगी, ताकि संसाधनों की कमी उनकी पढ़ाई में बाधा न बने। [caption id="attachment_88512" align="aligncenter" width="1200"] Nitin Kohli Jalandhar AAP Leader Nitin Kohli Jalandhar AAP Leader[/caption]

अपील की

उन्होंने कहा कि एक छोटी सी कॉपी और पेंसिल भी किसी बच्चे के सपनों को नई दिशा दे सकती है। अगर समाज मिलकर शिक्षा को प्राथमिकता दे, तो हर बच्चा आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकता है। नितिन कोहली ने नागरिकों, पार्टी कार्यकर्ताओं और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे भी अपने कार्यक्रमों में इस तरह की सकारात्मक पहल अपनाएं। उनका विश्वास है कि जब शिक्षा को प्राथमिकता दी जाएगी, तभी जालंधर सेंट्रल और पूरा जालंधर सच्चे मायनों में आगे बढ़ेगा और हर बच्चे को समान अवसर मिलेगा।