डेली संवाद, नई दिल्ली।
Punjab News: पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी दल सक्रिय हो गए हैं। नई दिल्ली में पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में राजधानी में लगातार बैठकों का दौर शुरू हो गया है, जिसकी अध्यक्षता भूपेश बघेल ने की। इस महत्वपूर्ण बैठक में Congress Working Committee (CWC) के सभी सदस्य मौजूद रहे और आगामी चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए भूपेश बघेल (Bhupesh Baghel) ने स्पष्ट किया कि पार्टी इस बार पंजाब
(Punjab)
विधानसभा चुनाव में टिकट वितरण में पूरी सावधानी बरतेगी। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों के चयन के लिए सर्वे कराया जाएगा और केवल जीतने की क्षमता रखने वाले नेताओं को ही टिकट दिया जाएगा। बघेल (Bhupesh Baghel) के मुताबिक, पार्टी जमीनी स्तर पर लोगों का मूड समझने के लिए व्यापक सर्वेक्षण करेगी।
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संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी और Aam Aadmi Party पर भी तीखा हमला बोला। बघेल ने कहा कि भाजपा में नेतृत्व का अभाव है, जबकि आम आदमी पार्टी की स्थिति “विक्रम-बेताल” जैसी हो गई है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भगवंत मान विक्रम की तरह हैं और दिल्ली के नेता उन पर “वेताल” की तरह लदे हुए हैं। उन्होंने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया का नाम लेते हुए कहा कि पार्टी का नेतृत्व बाहरी प्रभाव में है।
कांग्रेस की रणनीति पर बात करते हुए बघेल ने बताया कि अप्रैल के अंत से लेकर मई तक पार्टी पूरी तरह फील्ड में सक्रिय हो जाएगी। उन्होंने कहा कि 21 से 30 अप्रैल के बीच बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा, जिसमें मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी भी हिस्सा लेंगे। इसके बाद मई से जिला स्तर पर मीटिंग और संगठन को मजबूत करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिला प्रधानों के चयन के लिए ऑब्जर्वर भी नियुक्त किए गए हैं।
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नए चेहरों को भी मौका
उम्मीदवार चयन को लेकर बघेल ने कहा कि पार्टी A कैटेगरी के स्थापित नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका देगी। उन्होंने कहा कि सर्वे के माध्यम से यह तय किया जाएगा कि किस उम्मीदवार को जनता का समर्थन मिल सकता है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कांग्रेस इस बार बिना मुख्यमंत्री चेहरे के चुनाव मैदान में उतर सकती है।
इस दौरान संजीव अरोड़ा के घर हुई ईडी रेड को लेकर भी बघेल ने टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक कारणों से प्रेरित हो सकती है। बघेल ने कहा कि केंद्र सरकार “ऊंट को पहाड़ के नीचे लाने” की कोशिश कर रही है और आम आदमी पार्टी व भाजपा के बीच “अंडर टेबल डीलिंग” के संकेत मिलते हैं।
कुल मिलाकर, कांग्रेस ने पंजाब चुनाव को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट कर दी है। अब देखना होगा कि पार्टी की यह तैयारी आगामी चुनावों में कितना असर दिखाती है और क्या कांग्रेस राज्य में अपनी खोई हुई जमीन वापस हासिल कर पाती है।