मुख्यमंत्री ने कहा कि तालाबों के सौंदर्यीकरण के साथ-साथ यह सुनिश्चित किया जाए कि उनमें गंदा पानी जमा न हो। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांवों से आने वाले गंदे पानी को सीधे तालाबों में डालने के बजाय थ्री-पॉन्ड सिस्टम विकसित किया जाए। इसके साथ ही तालाबों के रख-रखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों को सौंपी जाएगी।
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इसके अलावा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) ने बड़े तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा देने के लिए ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से तालाबों की बोली लगाने की भी बात कही। इस पहल से न केवल तालाबों का संरक्षण होगा, बल्कि ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे।