Skip to content

Haryana News: सीएम नायब सैनी की सख्ती, RTE के नियम तोड़ने वाले निजी स्कूलों की रद्द होगी मान्यता

Haryana News: सीएम नायब सैनी की सख्ती, RTE के नियम तोड़ने वाले निजी स्कूलों की रद्द होगी मान्यता
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
डेली संवाद, चंडीगढ़। Haryana News: हरियाणा में शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत गरीब और जरूरतमंद बच्चों को निजी स्कूलों में दाखिला देने के मामले में शिक्षा विभाग ने अब सख्त रुख अपना लिया है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य के सभी निजी मान्यता प्राप्त स्कूलों को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए 21 मई तक आरटीई एडमिशन पोर्टल पर छात्रों के दाखिले की स्थिति अपडेट करने के निर्देश दिए हैं। हरियाणा (Haryana) के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini) की सख्ती के बाद शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी करने वाले स्कूलों पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ उनकी मान्यता तक रद्द की जा सकती है। शिक्षा विभाग इससे पहले भी 30 अप्रैल और 5 मई को निजी स्कूलों को निर्देश जारी कर चुका है। [caption id="attachment_97118" align="aligncenter" width="1200"] Summer Vacations Summer Vacations[/caption]

रिकॉर्ड का सत्यापन लंबित

शिक्षा विभाग द्वारा नौ मई तक सभी स्कूलों को एडमिशन स्टेटस अपडेट करने के लिए कहा गया था, लेकिन बड़ी संख्या में स्कूलों ने विभागीय आदेशों का पालन नहीं किया। कई स्कूलों में अभी तक दाखिला रिकॉर्ड का सत्यापन लंबित है, जबकि अनेक स्कूलों ने अलॉट किए गए छात्रों की स्थिति तक पोर्टल पर अपडेट नहीं की। विभाग ने इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए नाराजगी जाहिर की है।
यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा
मौलिक शिक्षा निदेशालय ने कहा है कि सभी निजी स्कूलों को 21 मई तक प्रत्येक छात्र के दाखिले की स्थिति पोर्टल पर दर्ज करनी होगी। यदि किसी छात्र का दाखिला अस्वीकार किया जाता है, तो उसका कारण भी स्पष्ट रूप से बताना अनिवार्य होगा। विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समय सीमा के बाद किसी भी प्रकार की लापरवाही को शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 की धारा 12(1)(सी) और धारा 13 का गंभीर उल्लंघन माना जाएगा।  ऐसे मामलों में स्कूलों के खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

आरटीई मॉनिटरिंग कमेटियां

इसके साथ ही जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों (डीईईओ) और ब्लॉक स्तर की आरटीई मॉनिटरिंग कमेटियों को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों के निजी स्कूलों की निगरानी करने, लंबित मामलों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने और अभिभावकों की शिकायतों का समय पर निपटारा करने को कहा गया है। विभाग का कहना है कि सरकार गरीब बच्चों को शिक्षा का अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।