Skip to content

UP News: पार्किंग का ठेका दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपए घूस लेते पकड़े गया ये नेता, दफ्तर में मचा हड़कंप

Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper
डेली संवाद, मेरठ। UP News: मेरठ कैंट बोर्ड के नामित सदस्य और भाजपा नेता डॉ. सतीश चंद्र शर्मा को केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने कथित रूप से रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि उन्होंने कैंट क्षेत्र में पार्किंग ठेके का नवीनीकरण कराने के बदले एक ठेकेदार से रिश्वत की मांग की थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई ने जाल बिछाकर कार्रवाई की और शुक्रवार देर रात पल्लवपुरम स्थित अंसल टाउन में उनके आवास से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद हुई तलाशी में उनके घर से 50 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद होने की जानकारी सामने आई है। जानकारी के अनुसार शनिवार को कैंट बोर्ड की महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित थी, जिसमें पार्किंग ठेकों के नवीनीकरण सहित कई अहम प्रस्तावों पर विचार किया जाना था। आरोप है कि इसी बैठक से पहले डॉ. सतीश शर्मा ने बालाजी कंस्ट्रक्शन से जुड़े ठेकेदार विक्की से गांधीबाग समेत कई पार्किंग स्थलों के ठेकों को रिन्यू कराने के नाम पर 9 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। [caption id="attachment_104620" align="aligncenter" width="1200"] Bribe Bribe[/caption]

9 लाख रुपये की रिश्वत मांगी

दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत हुई और अंततः तीन लाख रुपये में सौदा तय हो गया। हालांकि ठेकेदार ने रिश्वत देने के बजाय पूरे मामले की शिकायत सीबीआई से कर दी। बताया जा रहा है कि ठेकेदार ने डॉ. शर्मा के साथ हुई बातचीत की रिकॉर्डिंग भी जांच एजेंसी को उपलब्ध कराई थी। शिकायत और साक्ष्यों के आधार पर सीबीआई ने आरोपी को रंगे हाथ पकड़ने की योजना तैयार की।

यह भी पढ़ें: Japnoor Travels के सतनाम सिंह पर 45 लाख रुपए ठगी का आरोप, किसानों ने दफ्तर घेरा

सूत्रों के मुताबिक डॉ. सतीश शर्मा ने ठेकेदार को शुक्रवार को अपने अंसल टाउन स्थित आवास पर रकम लेकर आने के लिए बुलाया था। तय योजना के अनुसार ठेकेदार विक्की रिश्वत की रकम लेकर वहां पहुंचा। उसके साथ सीबीआई का एक अधिकारी रिश्तेदार बनकर मौजूद था। जैसे ही कथित रूप से डॉ. शर्मा ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, पहले से निगरानी कर रही सीबीआई टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद बाहर मौजूद अन्य अधिकारी भी घर के अंदर पहुंच गए और पूरे परिसर को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। [caption id="attachment_112344" align="aligncenter" width="1200"] The CBI team seized files recovered from Dr. Satish Sharma's residence The CBI team seized files recovered from Dr. Satish Sharma's residence[/caption]

घर से 50 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद

गिरफ्तारी के बाद सीबीआई ने उनके आवास की विस्तृत तलाशी ली। इस दौरान घर से 50 लाख रुपये से अधिक नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। इसके अलावा कई महत्वपूर्ण फाइलें, दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। जांच एजेंसी को आशंका है कि इन दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन और अन्य कथित भ्रष्टाचार से जुड़े महत्वपूर्ण सबूत मिल सकते हैं। सीबीआई अब इन दस्तावेजों की गहन जांच कर रही है। डॉ. सतीश शर्मा पेशे से होम्योपैथी चिकित्सक हैं और केंद्रीय मंत्रालय की ओर से मेरठ कैंट बोर्ड में नामित सदस्य के रूप में नियुक्त किए गए थे। वह लगातार चौथी बार इस पद पर कार्यरत थे। कैंट बोर्ड में लंबे समय से चुनाव नहीं होने के कारण उन्हें नामित सदस्य के रूप में जिम्मेदारी दी जाती रही है। मूल रूप से लालकुर्ती क्षेत्र के निवासी डॉ. शर्मा वर्तमान में अंसल टाउन स्थित एक आलीशान कोठी में रहते हैं।

पहले डॉ. शर्मा के खिलाफ शिकायत की

सीबीआई अब उनके अन्य कार्यों और गतिविधियों की भी जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, शहर में बन रहे एक नए मॉल से जुड़े ठेकेदार ने भी पहले डॉ. शर्मा के खिलाफ शिकायत की थी। जांच एजेंसी इस पहलू को भी गंभीरता से खंगाल रही है। इसके अलावा लालकुर्ती स्थित उनके होम्योपैथिक क्लीनिक से जुड़े दस्तावेजों और गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। उधर, डॉ. शर्मा की गिरफ्तारी के बावजूद शनिवार को कैंट बोर्ड की निर्धारित बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी, मेरठ सांसद अरुण गोविल तथा कैंट बोर्ड के अन्य सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में राज्यसभा सांसद डॉ. लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने कहा कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है, लेकिन जांच जारी होने के कारण वह इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना कार्य करने दिया जाना चाहिए। [caption id="attachment_87045" align="aligncenter" width="1200"] Central Bureau of Investigation Central Bureau of Investigation[/caption]

मामले की जांच CBI कर रही

वहीं, कैंट बोर्ड के अध्यक्ष ब्रिगेडियर संजीव कुमार सिंह ने कहा कि पूरे मामले की जांच सीबीआई कर रही है। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत इस मामले में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि जैसे ही सीबीआई की ओर से आधिकारिक पत्र प्राप्त होगा, बोर्ड की ओर से आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ब्रिगेडियर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि जिस पार्किंग टेंडर के नवीनीकरण को लेकर यह कार्रवाई हुई है, उससे संबंधित कोई प्रस्ताव शनिवार की बैठक में विचार के लिए नहीं आया था। उन्होंने कहा कि यह मामला एक नामित सदस्य से जुड़ा हुआ है और बोर्ड प्रशासन भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रखता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई

फिलहाल सीबीआई की कार्रवाई के बाद मेरठ के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मची हुई है। जांच एजेंसी अब बरामद नकदी, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहराई से पड़ताल कर रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।