डेली संवाद, जालंधर।
Jalandhar News: पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) जालंधर (Jalandhar) रेंज को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस टीम ने जालंधर शहर में कार्रवाई करते हुए दो कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 330 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
ANTF जालंधर रेंज के सहायक इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (AIG) जगजीत सिंह सरोआ ने बताया कि पंजाब के अतिरिक्त डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (ADGP) निलाभ किशोर तथा डीएसपी जगीर सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत नशा तस्करों और समाज विरोधी तत्वों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया
इसी कड़ी में पुलिस टीम ने जालंधर में इंटरनेशनल होटल और इंडो कैनेडियन बस सर्विस के नजदीक नाकाबंदी के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरविंदर सिंह उर्फ मोनू पुत्र गुरचरण सिंह तथा बलविंदर सिंह उर्फ बिंदा पुत्र राजिंदर सिंह के रूप में हुई है।
दोनों आरोपी जिला फतेहगढ़ साहिब के थाना बडाली आला सिंह के अधीन आने वाले गांव चुन्नी कलां के निवासी हैं। पुलिस के अनुसार बरामद 330 ग्राम हेरोइन हरविंदर सिंह उर्फ मोनू के कब्जे से मिली है। वहीं उसके साथी बलविंदर सिंह उर्फ बिंदा के पास से कोई आपत्तिजनक सामग्री बरामद नहीं हुई। इसके बावजूद मामले में उसकी भूमिका को देखते हुए उसे भी गिरफ्तार किया गया है।
हेरोइन की खेप कहां से लाई गई थी?
इस संबंध में एएनटीएफ थाना, एसएएस नगर (मोहाली) में सब इंस्पेक्टर आकाशवीर सिंह की शिकायत पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ शुरू कर दी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हेरोइन की खेप कहां से लाई गई थी तथा इसे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।
प्रारंभिक पूछताछ में हरविंदर सिंह ने बताया कि वह केवल आठवीं कक्षा तक पढ़ा है और एक कोल्ड ड्रिंक फैक्ट्री में लोडिंग का काम करता है। वह नशे का आदी है और अपनी लत पूरी करने के साथ-साथ जल्दी पैसा कमाने के लालच में हेरोइन तस्करी के धंधे में शामिल हो गया। वहीं बलविंदर सिंह ने बताया कि वह इलेक्ट्रिशियन का काम करता है और नशे की लत के कारण इस अवैध कारोबार से जुड़ गया।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ जारी है। जांच के दौरान नशा तस्करी के पूरे नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की संभावना है।