डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: पंजाब में राजनीतिक दलों को मिले चंदे को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच नया राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि पंजाब (Punjab) में व्यापारियों और उद्योगपतियों को प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई का डर दिखाकर राजनीतिक चंदा वसूला जा रहा है।
वहीं भाजपा (BJP) ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि चंदे के आंकड़े खुद इस बात का प्रमाण हैं कि पंजाब के व्यापारी अब आम आदमी पार्टी सरकार से संतुष्ट नहीं हैं। अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट साझा करते हुए दावा किया कि पंजाब में भाजपा के केवल दो विधायक हैं, इसके बावजूद पार्टी को पिछले वर्ष व्यापारियों और उद्योगपतियों से लगभग 60 करोड़ रुपये का चंदा मिला।
AAP को सिर्फ 70 लाख
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि- दूसरी ओर पंजाब में पूर्ण बहुमत की सरकार होने के बावजूद आम आदमी पार्टी को केवल 70 लाख रुपये का राजनीतिक चंदा प्राप्त हुआ। केजरीवाल ने सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर पंजाब के व्यापारियों ने भाजपा को इतना बड़ा चंदा क्यों दिया। उनके अनुसार यह स्वेच्छा से दिया गया सहयोग नहीं बल्कि दबाव बनाकर की गई वसूली का परिणाम है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े लोग व्यापारियों और उद्योगपतियों को बुलाकर यह चेतावनी दे रहे हैं कि यदि उन्होंने चंदा नहीं दिया तो उनके प्रतिष्ठानों पर ईडी की रेड करवाई जा सकती है।
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Arvind kejriwal X[/caption]
आम आदमी पार्टी प्रमुख ने कहा कि पंजाब में एक बार फिर डर और दबाव की राजनीति शुरू करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने राज्य के व्यापारियों और उद्योगपतियों से अपील की कि वे ऐसी धमकियों से डरें नहीं और यदि कोई व्यक्ति चंदे के लिए दबाव बनाता है या धमकी देता है तो तुरंत पंजाब सरकार को इसकी सूचना दें। केजरीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है और धमकी देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भाजपा का पलटवार
दूसरी ओर भाजपा ने केजरीवाल के आरोपों पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रितपाल सिंह बलियेवाल ने कहा कि राजनीतिक चंदे के आंकड़ों को लेकर केजरीवाल की प्रतिक्रिया उनकी राजनीतिक निराशा को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि व्यापारी और उद्योगपति आमतौर पर उसी राजनीतिक दल का समर्थन करते हैं, जिससे उन्हें भविष्य में बेहतर शासन और नीतियों की उम्मीद होती है।
बलियेवाल ने दावा किया कि पंजाब के व्यापारियों ने आम आदमी पार्टी सरकार को चंदा न देकर साफ संकेत दे दिया है कि वे मौजूदा सरकार के कामकाज से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में जिस प्रकार का माहौल बना हुआ है, उसे देखते हुए आम आदमी पार्टी को यह भी संतोष करना चाहिए कि उसे 70 लाख रुपये का चंदा मिल गया।
भाजपा प्रवक्ता ने पंजाब की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में व्यापारियों के साथ लगातार लूटपाट और रंगदारी की घटनाएं सामने आ रही हैं। गैंगस्टर खुलेआम व्यापारियों को धमका रहे हैं, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रही है। ऐसे माहौल में व्यापारी वर्ग का सरकार से भरोसा उठना स्वाभाविक है।
करोड़ों रुपये का चंदा
बलियेवाल ने यह भी कहा कि खबरों के अनुसार कांग्रेस को भी व्यापारियों और उद्योगपतियों से करोड़ों रुपये का चंदा प्राप्त हुआ है, जो यह दर्शाता है कि आम आदमी पार्टी के प्रति व्यापारिक वर्ग का विश्वास लगातार कम हो रहा है। उनके अनुसार राजनीतिक चंदे के मौजूदा आंकड़े पंजाब की राजनीति में बदलते रुझानों की ओर संकेत कर रहे हैं।
पंजाब में राजनीतिक चंदे को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब सियासी बहस का बड़ा मुद्दा बन गया है। एक ओर आम आदमी पार्टी भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है, वहीं भाजपा इसे पंजाब सरकार के खिलाफ जनता और व्यापारियों के बढ़ते असंतोष का संकेत बता रही है। आने वाले समय में यह मुद्दा पंजाब की राजनीति में और अधिक गर्माने की संभावना है।