डेली संवाद, चंडीगढ़।
Punjab News: केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) बुधवार को पंजाब एससी आयोग के सामने पेश हुए। आयोग के सामने उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से विस्तृत पक्ष रखा और कहा कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले कुछ शब्द कानूनी दृष्टि से गलत थे।
जातिसूचक टिप्पणी से जुड़े विवाद में केंद्रीय रेल राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू (Ravneet Singh Bittu) बुधवार को पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग के समक्ष पेश हुए। इस दौरान उन्होंने आयोग के सामने अपना पक्ष रखा।
सार्वजनिक रूप से मांग चुके माफी
आयोग के सामने उन्होंने अपने वकीलों के माध्यम से विस्तृत पक्ष रखा और कहा कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले कुछ शब्द कानूनी दृष्टि से गलत थे। उन्होंने यह भी दोहराया कि वह इस मामले में पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं।
आयोग ने उनका पक्ष सुनने के बाद उनको धार्मिक सजा सुनाई है राज्यमंत्री को 4 जगहों पर माथा टेकने को कहा है। बिट्टू 4 स्थानों पर नतमस्तक होंगे। इनमें श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल), फिल्लौर स्थित डेरा ब्रह्मदास, भगवान वाल्मीकि जी का डेरा (रामतीर्थ, अमृतसर) और डेरा बल्लां में माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
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रवनीत सिंह बिट्टू एससी कमीशन के समक्ष पेश[/caption]
गढ़ी ने कहा कि ऐसा करने से संबंधित वर्ग की भावनाओं का सम्मान होगा और समाज में सकारात्मक संदेश जाएगा। उन्होंने कहा कि विवाद के बाद उत्पन्न हुई नाराजगी और भावनात्मक स्थिति को शांत करने में भी यह कदम सहायक हो सकता है।
तनाव के कारण हुए भावुक
केंद्रीय मंत्री ने आयोग के समक्ष कहा कि लगातार तनाव और घटनाक्रम के कारण वह भावुक हो गए थे। उन्होंने दोहराया कि यदि उनके मुंह से कोई आपत्तिजनक शब्द निकला है तो उसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। बिट्टू ने कहा कि वह ऐसी राजनीतिक विचारधारा से आते हैं, जहां समाज के हर वर्ग के सम्मान पर जोर दिया जाता है।
बता दे कि यह पूरा विवाद 26 मई 2026 को निकाय चुनाव के मतदान के दौरान शुरू हुआ था। धूरी में भाजपा नेता ओंकार सिंह को हिरासत में लिए जाने के बाद रवनीत सिंह बिट्टू और पुलिस अधिकारियों के बीच हुई बहस का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद उन पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के प्रयोग के आरोप लगे थे।