डेली संवाद, लखनऊ।
UP News: गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार शाम गुरु गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की साधारण बैठक की। उन्होंने विभिन्न संस्थाध्यक्षों और शिक्षकों से आह्वान किया कि वे युवाओं को एआई, साइबर, स्पेस साइंस इत्यादि अत्याधुनिक विषयों में दक्ष बनाएं।
उन्होंने कहा कि हमें वर्तमान और भविष्य की चुनौतियों के लिए खुद को तैयार करना है। जवान और किसान को सशक्त बनाकर ही स्वर्णिम भविष्य की नींव रखी जा सकती है। उन्होंने कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में तेजी से काम करने की जरूरत बताई।
अब नया नाम होगा 'दिग्विजय नाथ कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन’
महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष सीएम योगी ने घोषणा की कि ‘दिग्विजय नाथ एल.टी. प्रशिक्षण महाविद्यालय' अब से ‘दिग्विजय नाथ कॉलेज ऑफ टीचर्स एजुकेशन’ के नाम से जाना जाएगा।
परिषद की संस्थाओं को गुणात्मक विकास की ओर ले जाने के लिए मार्गदर्शन देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि संस्थाध्यक्षों, शिक्षकों और कर्मचारियों को खुद को समय के हिसाब से लगातार अपडेट करते रहना होगा। इसके लिए प्रौद्योगिकी को अपनाना होगा।
[caption id="attachment_21099" align="alignnone" width="1200"]
Gorakshpeethadheeshwar and CM Yogi presided over general meeting of Maharana Pratap Shiksha Parishad[/caption]
पूर्वी उप्र के युवाओं के प्रशिक्षण पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के माध्यम से आर्टिफिशयल इंटिलिजेंस (एआई), साइबर और स्पेस साइंस जैसे विषयों में प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया। साथ ही कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्यक्रम चलाए जाने चाहिए।
सीएम ने रोजगारपरक शिक्षा पर दिया जोर
राष्ट्रीय शिक्षा नीति का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की संस्थाओं में इसके अनुरूप शिक्षण-प्रशिक्षण के कार्यक्रमों को बढ़ाया जाए। शिक्षा रोजगारपरक होनी चाहिए ताकि कैंपस से निकलने पर छात्र-छात्राओं को कहीं भटकना न पड़े। पूर्वी उत्तर प्रदेश के युवाओं को तकनीकी रूप से दक्ष और स्किल्ड युवा बनाने की दिशा में सभी को प्रयत्न करना है।
मुख्यमंत्री ने संस्थाध्यक्षों को निर्देश दिया कि वे अपनी संस्थाओं और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से क्षेत्रीय किसानों को प्रशिक्षण देकर अत्याधुनिक खेती से जोड़ें। उन्होंने चिकित्सा सेवा को भी आमजन तक पहुंचाने के लिए कहा।
युगानुकूल होने चाहिए पाठ्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए पाठ्यक्रम युगानुकूल होने चाहिए, जिनसे छात्र-छात्राओं को बदलते दौर की चुनौतियों से मुकाबले के लिए खुद को तैयार करने में मदद मिले। दुनिया तेजी से बदल रही है इसलिए हमें भी अपने युवाओं को अत्याधुनिक तकनीक में पारंगत बनाना होगा। कैंपस में तकनीकी शिक्षा का विकास करना होगा।
[caption id="attachment_21100" align="alignnone" width="1200"]
Gorakshpeethadheeshwar and CM Yogi presided over general meeting of Maharana Pratap Shiksha Parishad[/caption]
जनता की खुशहाली में करें योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि परिषद के संस्थाध्यक्षों से लेकर शिक्षकों, कर्मचारियों समेत सभी को जनता की खुशहाली में योगदान सुनिश्चित करना होगा। यह तभी होगा जब हम अपने कैंपस की गतिविधियों को जनता की आवश्यकताओं से जोड़ें और उसके अनुरूप पाठ्यक्रम से लेकर शिक्षण-प्रशिक्षण तक की व्यवस्था करें।
हर संस्था का सुस्पष्ट लक्ष्य होना चाहिए। हर संस्थाध्यक्ष का दायित्व है कि वह अपनी टीम के साथ मनोयोग से और लीक से हटकर काम करें। हर संस्था को सामूहिक रूप से प्रयास कर स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और नवाचार करते हुए समयबद्धता और अनुशासन के साथ खुद की पहचान कायम करनी होगी।
भव्य शताब्दी वर्ष मनाने की हो तैयारी
मुख्यमंत्री ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के शताब्दी वर्ष 2032 को भव्य एवं ऐतिहासिक रूप से मनाने के लिए तैयारियों में जुट जाने का आह्वान किया। गौरतलब है कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना 1932 में युगपुरुष ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ जी महाराज ने की थी।
इसे राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ जी महाराज ने विस्तार दिया। वर्तमान गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। बैठक में बतौर अध्यक्ष सीएम योगी ने आदेश दिया कि सभी संस्थाओं के प्रमुख विस्तृत कार्ययोजना तैयार करके अभी से शताब्दी वर्ष की तैयारियों में जुट जाएं।