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Jalandhar Cantt Railway Station: PM नरेंद्र मोदी के आगमन से पहले जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर लगा नींव पत्थर गायब, पूर्व सांसद सुशील रिंकू ने अफसरों को लगाई कड़ी फटकार

जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर ये नींव पत्थर 2023 में लगाया गया था, जिसमें पीएम मोदी, सीएम भगवंत मान और तत्कालीन सांसद सुशील रिंकू का नाम लिखा है, जो अब गायब बताया गया
जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर ये नींव पत्थर 2023 में लगाया गया था, जिसमें पीएम मोदी, सीएम भगवंत मान और तत्कालीन सांसद सुशील रिंकू का नाम लिखा है, जो अब गायब बताया गया
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar Cantt Railway Station: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) के 17 जुलाई को उद्घाटन से पहले जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर लगा नींव पत्थर गायब हो गया है। इसकी जानकारी आज उस समय लगी, जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद सुशील रिंकू रेलवे स्टेशन पर चल रही तैयारियों का जायजा लेने पहुंचे। स्टेशन परिसर में लगा नींव पत्थर गायब होने पर सुशील रिंकू ने कड़ी आपत्ति जताई और मौके पर ही रेलवे अधिकारियों को फटकार लगाई। रिंकू ने अधिकारियों से परियोजना का नींव पत्थर ढूंढकर फिर से स्थापित करने को कहा है। पंजाब भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील रिंकू ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन (Jalandhar Cantt Railway Station) का उद्घाटन करेंगे। रिंकू ने बताया कि लगभग 97 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन तैयार हुआ है। रिंकू ने कहा कि आज वे रेलवे अधिकारियों के साथ स्टेशन की तैयारियों का जायजा ले रहे थे, इस दौरान परियोजना का नींव पत्थर (Foundation Stone) स्टेशन परिसर में कहीं भी दिखाई नहीं दिया। जिससे सुशील रिंकू ने नाराजगी जाहिर करते हुए रेलवे अधिकारियों को फटकार लगाई।

सांसद कार्यकाल के दौरान

सुशील रिंकू ने कहा कि यह अत्यंत गंभीर लापरवाही है और विकास कार्यों के इतिहास को मिटाने का प्रयास है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। रिंकू ने कहा कि जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत उनके सांसद कार्यकाल के दौरान हुई थी। उनके लगातार प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से इस परियोजना को स्वीकृति मिली तथा निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ। सुशील रिंकू मे कहा कि जिस परियोजना की नींव उनके कार्यकाल में रखी गई, उसका नींव पत्थर का गायब होना न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि उन सभी लोगों के योगदान का भी अपमान है जिन्होंने इस परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए मेहनत की। उन्होंने रेलवे अधिकारियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि सार्वजनिक परियोजनाओं में पारदर्शिता और तथ्यों का सम्मान होना चाहिए। किसी भी जनप्रतिनिधि या परियोजना के इतिहास की अनदेखी करना उचित नहीं है।

शहर के विकास को नई गति मिलेगी

सुशील रिंकू ने रेलवे अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस मामले की तत्काल जांच कर नींव पत्थर को नियमानुसार स्थापित किया जाए तथा भविष्य में ऐसी लापरवाही दोबारा न हो। रिंकू ने कहा कि उन्हें इस बात की प्रसन्नता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं 17 जुलाई को इस महत्वपूर्ण परियोजना का उद्घाटन करने आ रहे हैं। इससे जालंधर और पूरे दोआबा क्षेत्र के रेल यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त होंगी तथा शहर के विकास को नई गति मिलेगी। इस अवसर पर भारतीय जनता पार्टी जालंधर के कई वरिष्ठ नेता एवं पदाधिकारी भी उपस्थित रहे। सभी नेताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देशभर में रेलवे का तेजी से आधुनिकीकरण हो रहा है और जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन इसका एक उत्कृष्ट उदाहरण है।