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Jalandhar News: 'नो एंट्री' में एंट्री का खेल! ट्रैफिक पुलिसकर्मी पर अवैध वसूली के आरोप, सोशल मीडिया पर मचा बवाल

Bribe
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डेली संवाद, जालंधर। Jalandhar News: जालंधर में ट्रैफिक पुलिस (Traffic Police) की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर की पूर्व महिला अध्यक्ष और मानवाधिकार कार्यकर्ता आरती ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा किया है, जिसमें एक ट्रैफिक पुलिस अधिकारी पर ट्रक चालक से कथित रूप से रिश्वत लेने का आरोप लगाया गया है। वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और स्थानीय लोगों के बीच भी पुलिस (Police) की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आरती का दावा है कि यह घटना शहर की मुख्य सब्जी मंडी के पास की है, जहां 'नो एंट्री' लागू होने के बावजूद ट्रकों को शहर के अंदर प्रवेश कराया जा रहा था। आरोप है कि ट्रैफिक पुलिस का एक अधिकारी ट्रकों को रोकने के बजाय अपनी सरकारी गाड़ी में बैठकर उनसे अवैध वसूली कर रहा था। [caption id="attachment_22454" align="aligncenter" width="1200"] Jalandhar Traffic Police accepted bribe Jalandhar Traffic Police accepted bribe[/caption]

पुलिसकर्मी को रंगे हाथों पकड़ लिया

वीडियो में कथित तौर पर एक ट्रक चालक पुलिसकर्मी की गाड़ी के पास पहुंचता है और उसे पैसे देता हुआ दिखाई देता है। आरती और उनकी टीम का कहना है कि उन्हें पिछले कई दिनों से इस इलाके में ट्रकों से अवैध वसूली और इसके चलते लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम की शिकायतें मिल रही थीं। इसी शिकायत के आधार पर वे मौके पर पहुंचे और वहां की गतिविधियों का वीडियो बनाया। उनका दावा है कि टीम ने पुलिसकर्मी को कथित तौर पर रंगे हाथों पकड़ लिया।

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वीडियो में ट्रक चालक से पूछताछ के दौरान वह यह स्वीकार करता हुआ दिखाई देता है कि उसने पुलिसकर्मी को 100 रुपये दिए थे। वीडियो में आरती और ट्रैफिक पुलिस अधिकारी के बीच तीखी बहस भी दिखाई देती है। आरती ने पुलिसकर्मी से सवाल किया कि वह सड़क पर ड्यूटी करने के बजाय गाड़ी में बैठकर क्या कर रहा है और ट्रक चालक से किस बात के पैसे लिए गए।

दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग

इस पर पुलिसकर्मी ने सफाई देते हुए कहा कि उसने ट्रक को रोका था, लेकिन मौके पर बैरिकेड नहीं होने के कारण उसकी दलील पर सवाल उठने लगे। आरती ने आरोप लगाया कि इलाके में जानबूझकर कोई नाका या बैरिकेड नहीं लगाया जाता, ताकि दूर से किसी को गतिविधियों की भनक न लगे और ट्रकों से कथित रूप से पैसे लेकर उन्हें शहर में प्रवेश की अनुमति दी जा सके। उनका कहना है कि इस वजह से नियमों का उल्लंघन होने के साथ-साथ ट्रैफिक व्यवस्था भी प्रभावित होती है। फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। मामले के सामने आने के बाद लोगों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।