डेली संवाद, लुधियाना।
Punjab News: लुधियाना (Ludhiana) के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड में सोमवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब मेडिकल करवाने पहुंचे तीन युवकों ने ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों के साथ गाली-गलौज, धक्का-मुक्की और मारपीट कर दी। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि डॉक्टरों को अपनी सुरक्षा के लिए कमरे में बंद होना पड़ा।
गुस्साए युवकों ने कमरे के दरवाजे पर लगातार लातें मारकर उसे तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान अस्पताल में करीब 30 मिनट तक दहशत का माहौल बना रहा और मरीजों व उनके परिजनों में भय का वातावरण फैल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
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Ludhiana Civil Hospital Assault[/caption]
डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार किया
जानकारी के अनुसार, रात करीब साढ़े 10 बजे तीन युवक एक ऑटो में सवार होकर शिमलापुरी क्षेत्र से सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में मेडिकल करवाने पहुंचे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर उनकी ड्यूटी पर मौजूद ईएमओ डॉ. हरीश और डॉ. अवतार सिंह से कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में विवाद इतना बढ़ गया कि युवकों ने डॉक्टरों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज और धक्का-मुक्की शुरू कर दी।
डॉक्टरों का कहना है कि जब युवकों का व्यवहार लगातार आक्रामक होता गया तो उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बावजूद आरोपी दरवाजे पर लातें मारते रहे और अस्पताल परिसर में हंगामा करते रहे। सूचना मिलने पर थाना-2 की पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोप है कि युवकों ने पुलिसकर्मियों के साथ भी हाथापाई की और तलवार से हमला करने की कोशिश की। हालांकि पुलिस ने स्थिति को किसी तरह नियंत्रण में लिया।
दोस्त के साथ मेडिकल करवाने आया था
दूसरी ओर, आरोपी युवक गग्गी का कहना है कि वह अपने दोस्त के साथ मेडिकल करवाने आया था, लेकिन डॉक्टरों ने सहयोग करने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया, जिससे विवाद बढ़ गया। वहीं डॉ. अवतार सिंह ने इन आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा कि युवक बिना किसी कारण के अस्पताल में हंगामा कर रहे थे। उन्होंने सरकारी काम में बाधा डालने के साथ-साथ अस्पताल की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया।
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए ऑटो को कब्जे में ले लिया है और एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। फरार आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ सरकारी ड्यूटी में बाधा, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जाएगी।