डेली संवाद, फाजिल्का।
Punjab News: पंजाब के फाजिल्का जिले से एक बड़ा मामला सामने आया है। जलालाबाद के DSP गुरसेवक सिंह बराड़ के खिलाफ अदालत के आदेश पर एफआईआर दर्ज की गई है। आरोप है कि उन्होंने बिजली विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) को NDPS एक्ट के झूठे मामले में फंसाने की कथित साजिश में भूमिका निभाई। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और पूरे घटनाक्रम की पड़ताल जारी है।
JE ने दर्ज कराई थी शिकायत
जानकारी के अनुसार, पंजाब स्टेट पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (PSPCL) में कार्यरत जेई अमित कुमार, निवासी मंडी रोडांवाली, ने 13 जुलाई को थाना अरनीवाला में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 3 जून 2026 की सुबह वह अपनी कार से मंडी रोडांवाली से अरनीवाला ड्यूटी के लिए जा रहे थे।
रास्ते में गंग नहर पुल के पास वह कार में रखे वाटर कूलर के लिए पानी भर रहे थे। इसी दौरान एक स्विफ्ट कार में सवार तीन व्यक्ति वहां पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए उनकी पूछताछ शुरू कर दी।
कार की सीट के नीचे मिला संदिग्ध पैकेट
शिकायत के मुताबिक, तीनों लोगों ने कार की तलाशी ली और सीट के नीचे से भूरे रंग की टेप से लिपटा एक पैकेट बरामद होने का दावा किया। अमित कुमार ने कहा कि उन्हें इस पैकेट के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
कुछ ही देर में मौके पर DSP गुरसेवक सिंह और अन्य पुलिसकर्मी भी पहुंच गए। बढ़ती भीड़ और स्थिति को देखते हुए अमित कुमार को पैकेट सहित CIA फाजिल्का ले जाया गया।
जांच में नशीला पदार्थ नहीं मिला
CIA कार्यालय में संदिग्ध पैकेट की जांच की गई, लेकिन उसमें कोई नशीला पदार्थ नहीं मिला। इसके बाद अमित कुमार को छोड़ दिया गया। बाद में उन्होंने पूरे मामले की स्वतंत्र रूप से जानकारी जुटाई और शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत में आरोप लगाया गया कि 2 जून 2026 की रात सुखजिंदर सिंह उर्फ शम्मी, सागर और राजन कुमार उर्फ नन्नू ने कथित तौर पर साजिश रचकर उनकी कार की सीट के नीचे पैकेट रखा था, ताकि उन्हें NDPS एक्ट के तहत झूठे मामले में फंसाया जा सके।
इस शिकायत के आधार पर थाना अरनीवाला में तीनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं और NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
अदालत के आदेश पर DSP भी नामजद
मामले की जांच के दौरान गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। अदालत में दिए गए उनके बयानों में दावा किया गया कि इस पूरे घटनाक्रम में DSP गुरसेवक सिंह की भी कथित भूमिका थी।
इसके बाद अदालत के निर्देश पर 15 जुलाई 2026 को DSP गुरसेवक सिंह को भी इस मामले में नामजद कर लिया गया। पुलिस अब सभी आरोपों की जांच कर रही है।
जांच जारी, अंतिम निष्कर्ष आना बाकी
फिलहाल मामले की जांच जारी है और अभी आरोपों की न्यायिक या अंतिम पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां सभी तथ्यों और सबूतों की पड़ताल कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप कितने सही हैं और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।