Skip to content

IKG PTU: आईकेजी पीटीयू में विद्यार्थियों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार के ‘बिजनेस क्लास’ पाठ्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित

आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आईकेजी पीटीयू) ने अपने संबद्ध (एफिलिएटेड) कालेजों के लिए पंजाब सरकार की पहल "बिजनेस क्लास’ पाठ्यक्रम" पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया।

IKG PTU: आईकेजी पीटीयू में विद्यार्थियों में उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए पंजाब सरकार के ‘बिजनेस क्लास’ पाठ्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, जालंधर/कपूरथला। IKG PTU: आई.के. गुजराल पंजाब टेक्निकल यूनिवर्सिटी (आईकेजी पीटीयू) ने अपने संबद्ध (एफिलिएटेड) कालेजों के लिए पंजाब सरकार की पहल "बिजनेस क्लास’ पाठ्यक्रम" पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया। पंजाब सरकार की पहल का उद्देश्य युवाओं में आवश्यक उद्यमिता कौशल विकसित करना है।

यह कार्यशाला कुलपति प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार बंसल के मार्गदर्शन एवं रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू के सहयोग से आयोजित की गई। कार्यशाला के समन्वयक (कोऑर्डिनेटर) डिप्टी रजिस्ट्रार ऋषि गुप्ता रहे, जिन्हें सभी संबद्ध कालेजों में ‘बिजनेस क्लास’ पाठ्यक्रम के क्रियान्वयन की निगरानी की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

विद्यार्थियों को सशक्त बनाने में एक महत्वपूर्ण कदम

कार्यशाला का शुभारंभ डीन विद्यार्थी कल्याण डॉ. सतवीर सिंह के औपचारिक स्वागत संबोधन से हुआ। डॉ. सिंह ने कहा कि वर्तमान आर्थिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए पारंपरिक शैक्षणिक मॉडल में समयानुकूल बदलाव आवश्यक है। उन्होंने कहा कि वास्तविक जीवन के व्यावसायिक ज्ञान एवं कौशल को मुख्यधारा की शिक्षा व्यवस्था में शामिल करना विद्यार्थियों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

यह भी पढ़ें: लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्रा से रेप! गुस्साए छात्रों ने किया जमकर हंगामा, आगजनी

पंजाब विकास आयोग (पंजाब डेवलपमेंट कमीशन - पी.डी.सी) के विशेषज्ञ श्रेयांश श्रीवास्तव एवं अशोक ठाकुर ने कार्यशाला में विस्तृत तकनीकी सत्र आयोजित किए। उन्होंने ‘बिजनेस क्लास’ पाठ्यक्रम की मूल रूपरेखा, शिक्षण-पद्धतियों तथा इसके दीर्घकालिक आर्थिक दृष्टिकोण के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

इस विषय के लिए पंजीकरण कराया

विशेषज्ञों ने पाठ्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा करते हुए बताया कि व्यावहारिक उद्यमिता प्रशिक्षण को कालेजों के नियमित शैक्षणिक पाठ्यक्रम में किस प्रकार शामिल किया जा रहा है। इंटरैक्टिव प्रश्नोत्तर सत्र के दौरान विशेषज्ञों श्रेयांश श्रीवास्तव एवं अशोक ठाकुर ने संबद्ध कालेजों के प्राचार्यों एवं संकाय प्रतिनिधियों द्वारा उठाए गए पाठ्यक्रम के संचालन, क्रियान्वयन की रणनीतियों तथा मूल्यांकन पद्धति से संबंधित प्रश्नों का समाधान किया।

डिप्टी रजिस्ट्रार ऋषि गुप्ता ने बताया कि संबद्ध कालेजों में अब तक 40,000 से अधिक विद्यार्थियों ने इस विषय के लिए पंजीकरण कराया है। यह आंकड़ा विद्यार्थियों में कार्यक्रम के प्रति भारी उत्साह एवं रुचि को दर्शाता है। तकनीकी सत्रों के समापन के बाद विश्वविद्यालय की ओर से दोनों विशेषज्ञों को उनके बहुमूल्य मार्गदर्शन एवं योगदान के लिए स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।

सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया

कार्यशाला का समापन डिप्टी रजिस्ट्रार ऋषि गुप्ता द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने कार्यशाला को सफल बनाने के लिए सभी संबद्ध कालेजों, विशेषज्ञ रिसोर्स पर्सन्स, बोर्ड ऑफ स्टडीज के समन्वयकों, विभागाध्यक्षों तथा शिक्षण संकाय का उनके बहुमूल्य समय एवं सक्रिय सहभागिता के लिए आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कुलपति प्रो. (डॉ.) अरविंद कुमार बंसल के मार्गदर्शन एवं रजिस्ट्रार डॉ. नवदीपक संधू के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया एवं उनके दूरदर्शी पाठ्यक्रम के सुचारु एवं प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध एवं तैयार रहने की बात दोहराई! इसका उद्देश्य विद्यार्थियों के लिए उद्यमिता, नवाचार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सुव्यवस्थित मार्ग तैयार करना है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय के प्रमुख अधिकारियों एवं शिक्षाविदों में डॉ. राजीव चौहान, डॉ. गज़ल शर्मा, डॉ. राजप्रीत कौर, आशीष शर्मा एवं अंकित कपिला शामिल रहे एवं सभी की सक्रिय भागीदारी रही।