डेली संवाद, लुधियाना। Flight Cancel: हलवारा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से शुरू हुई दिल्ली-हलवारा-दिल्ली हवाई सेवा यात्रियों के लिए लगातार परेशानी का कारण बनती जा रही है। शनिवार को एक बार फिर दिल्ली से हलवारा आने और यहां से दिल्ली जाने वाली उड़ान रद्द कर दी गई। महज 6 दिनों में तीसरी बार फ्लाइट कैंसिल होने से करीब 102 यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
फ्लाइट रद्द होने से खास तौर पर उन 65 यात्रियों की मुश्किल बढ़ गई, जिन्हें दिल्ली (Delhi) से आगे इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़नी थी। कई यात्री परिवार और छोटे बच्चों के साथ एयरपोर्ट पहुंचे थे, लेकिन उड़ान रद्द होने की जानकारी मिलने के बाद उन्हें सामान लेकर वापस लौटना पड़ा। कुछ यात्रियों ने यात्रा की तारीख बदली, जबकि कई लोग मजबूरी में टैक्सी लेकर दिल्ली के लिए रवाना हुए।
दिल्ली से हलवारा नहीं पहुंची AI-481 फ्लाइट
शनिवार सुबह दिल्ली से हलवारा आने वाली एयर इंडिया की AI-481 फ्लाइट हलवारा एयरपोर्ट नहीं पहुंची। इसी विमान को हलवारा से यात्रियों को लेकर AI-482 बनकर दिल्ली लौटना था।
जब दिल्ली से विमान ही हलवारा नहीं पहुंचा तो वापसी की उड़ान भी रद्द करनी पड़ी। सुबह एयरपोर्ट पहुंचे यात्रियों को फ्लाइट कैंसिल होने की जानकारी मिली तो उनकी आगे की यात्रा को लेकर संकट खड़ा हो गया।
यात्रियों को समय पर नहीं मिली फ्लाइट रद्द होने की जानकारी
यात्रियों ने आरोप लगाया कि उन्हें फ्लाइट रद्द होने की जानकारी समय रहते नहीं दी गई। एयर इंडिया की ओर से बताया गया कि यात्रियों को शुक्रवार रात करीब 3:30 बजे ईमेल के जरिए सूचना भेजी गई थी।
यात्रियों का सवाल है कि सुबह की फ्लाइट के लिए महज कुछ घंटे पहले ईमेल भेजना कितना प्रभावी है। उनका कहना है कि कई यात्री रात में सो रहे होते हैं या सुबह एयरपोर्ट जाने की तैयारी में होते हैं। ऐसे में आखिरी समय पर सूचना मिलने से वैकल्पिक यात्रा की व्यवस्था करना मुश्किल हो जाता है।
कुछ यात्रियों ने दोपहर की फ्लाइट का लिया सहारा
फ्लाइट कैंसिल होने के बाद यात्रियों के पास सीमित विकल्प बचे। कुछ यात्रियों ने दोपहर की AI-484 फ्लाइट में सीट लेने की कोशिश की।
जिन यात्रियों को सीट मिल गई, वे एयरपोर्ट के वेटिंग हॉल में बैठकर अगली उड़ान का इंतजार करते रहे। वहीं, कई यात्रियों को अपनी यात्रा की तारीख बदलनी पड़ी।
इंटरनेशनल फ्लाइट वाले यात्रियों की सबसे ज्यादा परेशानी
दिल्ली से आगे इंटरनेशनल फ्लाइट पकड़ने वाले 65 यात्रियों के लिए स्थिति ज्यादा गंभीर रही। हलवारा से दिल्ली की उड़ान रद्द होने के कारण उनकी कनेक्टिंग इंटरनेशनल फ्लाइट छूटने का खतरा पैदा हो गया।
कई यात्रियों ने समय बचाने के लिए सड़क मार्ग से दिल्ली जाने का फैसला किया। इससे उन्हें हवाई टिकट के अलावा अचानक हजारों रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा।
टैक्सी के लिए 10 से 12 हजार रुपए तक मांगे
यात्रियों के मुताबिक, फ्लाइट कैंसिल होने के बाद हलवारा और सुधार क्षेत्र से दिल्ली जाने के लिए कुछ टैक्सी संचालकों ने 10 से 12 हजार रुपए तक किराया मांगा। वन-वे टैक्सी के लिए भी करीब 5 से 5.5 हजार रुपए तक की मांग किए जाने की बात यात्रियों ने कही।
यात्रियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही हवाई टिकट के पैसे दिए थे। अब फ्लाइट कैंसिल होने के कारण अचानक सड़क मार्ग से दिल्ली जाने पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया कि फ्लाइट कैंसिल होने की मजबूरी का फायदा उठाकर टैक्सी संचालक मनमाना किराया मांग रहे हैं।
एक ही विमान के भरोसे दोनों दिशाओं की उड़ान
हलवारा-दिल्ली हवाई सेवा में सबसे बड़ी समस्या यह सामने आ रही है कि दोनों दिशाओं की उड़ानें एक ही विमान के रोटेशन पर निर्भर हैं। दिल्ली से आने वाला विमान ही हलवारा से यात्रियों को लेकर वापस दिल्ली जाता है। ऐसे में अगर किसी वजह से दिल्ली से विमान हलवारा नहीं पहुंचता तो यहां से दिल्ली जाने वाली उड़ान भी प्रभावित हो जाती है।
शनिवार को भी यही हुआ। AI-481 के हलवारा नहीं पहुंचने के कारण AI-482 को रद्द करना पड़ा। यात्रियों का सवाल है कि यदि एक विमान की तकनीकी या संचालन संबंधी समस्या से पूरा रूट ठप हो सकता है तो एयरलाइन की ओर से वैकल्पिक विमान की व्यवस्था क्यों नहीं की जाती?
7 और 9 सितंबर को भी कैंसिल हुई थी फ्लाइट
हलवारा-दिल्ली हवाई सेवा पिछले कुछ दिनों से लगातार प्रभावित हो रही है। इससे पहले 7 सितंबर और 9 सितंबर को भी उड़ान रद्द हुई थी।
इसके अलावा इससे पहले तकनीकी कारणों से उड़ान में देरी होने के चलते यात्रियों को घंटों एयरपोर्ट पर इंतजार करना पड़ा था। लगातार फ्लाइट प्रभावित होने से यात्रियों के बीच इस हवाई सेवा की विश्वसनीयता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
यात्रियों को राहत देने वाला एयरपोर्ट परेशानी न बन जाए
हलवारा एयरपोर्ट से नियमित उड़ान शुरू होने के बाद लुधियाना और आसपास के यात्रियों को उम्मीद थी कि दिल्ली जाने के लिए सड़क मार्ग की लंबी यात्रा से राहत मिलेगी।
लेकिन यदि उड़ानें बार-बार रद्द होती रहीं और यात्रियों को आखिरी समय में महंगी टैक्सी या सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ा तो हवाई सेवा शुरू करने का उद्देश्य कमजोर पड़ सकता है।
यात्रियों ने की वैकल्पिक व्यवस्था की मांग
यात्रियों की मांग है कि एयरलाइन को फ्लाइट रद्द होने की स्थिति में समय रहते यात्रियों को सूचना देनी चाहिए। साथ ही वैकल्पिक विमान और जरूरत पड़ने पर यात्रियों के लिए उचित परिवहन व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए।
यात्रियों का कहना है कि हलवारा एयरपोर्ट से शुरू हुई हवाई सेवा तभी सफल होगी, जब उड़ानें नियमित और भरोसेमंद तरीके से संचालित हों।