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GST Scam: लाखों की नकदी पकड़े जाने के बावजूद स्कूल संचालक से पूछताछ क्यों नहीं? जालंधर में फर्जी बिलिंग नेटवर्क पर उठे सवाल, क्या यह GST स्कैम से जुड़ा है मामला?

जालंधर में कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क को लेकर सामने आए मामले में स्कूल संचालक से जुड़ी लाखों रुपये की कथित नकदी चर्चा में है। नकदी के स्रोत और पुलिस की जांच को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं।

GST Scam: लाखों की नकदी पकड़े जाने के बावजूद स्कूल संचालक से पूछताछ क्यों नहीं? जालंधर में फर्जी बिलिंग नेटवर्क पर उठे सवाल, क्या यह GST स्कैम से जुड़ा है मामला?
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डेली संवाद, जालंधर। GST Scam in Jalandhar: जालंधर में फर्जी बिलिंग के बड़े नेटवर्क को लेकर सामने आ रहे आरोपों के बीच अब एक स्कूल संचालक से जुड़ा मामला चर्चा में है। हालिया घटना के दौरान लाखों रुपये की नकदी मौजूद होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद पुलिस की ओर से नकदी के स्रोत और उससे जुड़े संभावित लेन-देन को लेकर स्कूल संचालक से पूछताछ किए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

घटना के दौरान मौजूद कथित नकदी को लेकर पुलिस की भूमिका और जांच प्रक्रिया पर भी चर्चा हो रही है। हालांकि, नकदी का वास्तविक स्रोत क्या था और उसका कथित फर्जी बिलिंग नेटवर्क से कोई संबंध था या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। सूत्र बता रहे हैं लोहा कारोबार से जुड़े एक व्यक्ति ने बड़े पैमाने पर GST चोरी कर रकम इकट्ठा किया है।

लाखों की नकदी के स्रोत पर सवाल

घटना के दौरान बड़ी मात्रा में नकदी मौजूद होने की बात सामने आई। ऐसे में सवाल उठाया गया है कि क्या पुलिस ने स्कूल संचालक से यह जानने का प्रयास किया कि इतनी बड़ी रकम कहां से आई और किस उद्देश्य से रखी गई थी?

क्या नकदी से संबंधित कोई दस्तावेज, हिसाब-किताब या अन्य प्रमाण पुलिस के सामने पेश किए गए? इन सवालों के जवाब अभी सार्वजनिक तौर पर सामने नहीं आए हैं।

फर्जी बिलिंग के आरोपों के बीच कैश की जांच क्यों नहीं?

स्कूल संचालक पहले से फर्जी बिलिंग नेटवर्क के आरोपों से घिरा है। ऐसे में हालिया घटना के दौरान मिली लाखों रुपये की नकदी को लेकर जांच की मांग उठी है।

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नकदी का किसी अवैध गतिविधि से संबंध है या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है। लेकिन इतनी बड़ी रकम की मौजूदगी और उसके स्रोत की जांच किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

क्या पुलिस ने नकदी का पूरा विवरण दर्ज किया?

मामले में सबसे बड़ा सवाल पुलिस की कार्रवाई को लेकर उठाया गया है। यदि घटना के दौरान लाखों रुपये की नकदी मौजूद थी, तो पुलिस रिकॉर्ड में इस रकम का क्या विवरण दर्ज किया गया? नकदी को लेकर कोई कार्रवाई हुई या नहीं? इन सवालों पर अभी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

सवाल यह भी है कि क्या पुलिस ने स्कूल संचालक से इस संबंध में पूछताछ की और क्या संबंधित दस्तावेज अथवा बैंक लेन-देन की जानकारी हासिल की गई।

जांच एजेंसियों के सामने भी उठ सकते हैं सवाल

फर्जी बिलिंग नेटवर्क से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है। संबंधित एजेंसियों द्वारा मामले में सामने आए तथ्यों की जांच की जा रही है।

जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी हो सकता है कि कथित नकदी किसी वैध कारोबारी लेन-देन का हिस्सा थी या उसके पीछे कोई अन्य वित्तीय गतिविधि थी। बैंक लेन-देन, हिसाब-किताब और संबंधित दस्तावेजों की जांच से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल

पूरे मामले में पुलिस की भूमिका को लेकर भी सवाल सामने आए हैं। यदि घटना के दौरान लाखों रुपये की नकदी मौजूद थी, तो पुलिस रिकॉर्ड में इस नकदी को लेकर क्या कार्रवाई की गई, यह जांच का विषय है।

वहीं, पुलिस द्वारा मामले में अब तक की गई कार्रवाई और स्कूल संचालक से पूछताछ के संबंध में विस्तृत आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक होने का इंतजार है। (अगली खबर में पढ़ें: एक्सपोर्टरों को कौन मुहैया करवा रहा है फर्जी बिल? कितने प्रतिशत कमीशन पर सरकार को लगाया जा रहा है करोड़ों का चूना)