डेली संवाद, जालंधर। Punjab News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पूर्व डिप्टी डायरेक्टर निरंजन सिंह ने पंजाब की राजनीति में एंट्री कर ली है। वह खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह से जुड़ी अकाली दल (वारिस पंजाब दे) में शामिल हो गए हैं। चंडीगढ़ में पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष और अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह तथा विधायक मनप्रीत सिंह अयाली की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली।
निरंजन सिंह लंबे समय तक ED के जालंधर कार्यालय में तैनात रहे और पंजाब से जुड़े कई चर्चित ड्रग-मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच का हिस्सा रहे हैं। इनमें जगदीश सिंह भोला ड्रग रैकेट और राजा कंडोला से जुड़े मामले शामिल रहे।
'पंजाब में बदलाव होना चाहिए'
पार्टी में शामिल होने से पहले निरंजन सिंह ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। उनका कहना था कि अलग-अलग सरकारें नशा खत्म करने का वादा करती रही हैं, लेकिन समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि पंजाब में बदलाव की जरूरत है।
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निरंजन सिंह के मुताबिक, इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने वारिस पंजाब दे के साथ जुड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व के साथ मुलाकात के बाद उनका निर्णय तय हुआ।
6 हजार करोड़ के ड्रग केस की जांच से जुड़े थे
निरंजन सिंह उस समय सुर्खियों में आए थे, जब वह पंजाब के चर्चित जगदीश सिंह भोला ड्रग रैकेट से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच कर रहे थे। यह मामला करीब 6,000 करोड़ रुपये के सिंथेटिक ड्रग रैकेट से जुड़ा था।
ED के जालंधर कार्यालय में तैनाती के दौरान उन्होंने पंजाब से जुड़े कई मनी लॉन्ड्रिंग मामलों की जांच की। रिपोर्टों के मुताबिक, राजा कंडोला मामले की जांच भी उनके कार्यकाल में हुई थी।
बिक्रम मजीठिया से भी हुई थी पूछताछ
भोला ड्रग-मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के दौरान निरंजन सिंह की टीम ने तत्कालीन पंजाब मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया से पूछताछ की थी। रिपोर्टों के अनुसार, दिसंबर 2014 में मजीठिया से पूछताछ हुई थी।
इसके कुछ समय बाद निरंजन सिंह के जालंधर से कोलकाता ट्रांसफर का मामला सामने आया। इस ट्रांसफर को लेकर कानूनी विवाद भी हुआ और पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में इसे चुनौती दी गई थी।
2016 में बने थे डिप्टी डायरेक्टर
निरंजन सिंह ने ED में असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम किया और बाद में 2016 में डिप्टी डायरेक्टर के पद पर पदोन्नत हुए। उन्होंने 2018 में ED छोड़ने का फैसला किया था, हालांकि बाद में इस्तीफे को लेकर स्थिति बदली।
उनकी औपचारिक सेवानिवृत्ति 31 मई 2021 को हुई। सेवानिवृत्ति के बाद भी वह पंजाब में ड्रग्स और ED से जुड़े मामलों पर सार्वजनिक रूप से अपनी राय रखते रहे।
राजनीति में आने वाले पूर्व ED अधिकारियों में शामिल
निरंजन सिंह का राजनीति में प्रवेश ऐसे समय हुआ है जब पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, ED से सेवानिवृत्त होने के बाद सक्रिय राजनीति में आने वाले अधिकारियों में उनका नाम भी शामिल हो गया है।
हालांकि, निरंजन सिंह ने फिलहाल चुनाव लड़ने को लेकर कोई अंतिम घोषणा नहीं की है। उन्होंने कहा है कि उन्हें पार्टी की ओर से किसी सीट के बारे में नहीं बताया गया है।
वारिस पंजाब दे में एक और पूर्व अधिकारी की एंट्री
निरंजन सिंह के साथ पूर्व पंजाब पुलिस DSP बलविंदर सिंह सेखों के भी वारिस पंजाब दे संगठन में शामिल होने की रिपोर्ट सामने आई है।
निरंजन सिंह के पार्टी में शामिल होने के बाद पंजाब की राजनीति में उनकी पूर्व ED सेवा और ड्रग मामलों की जांच का रिकॉर्ड चर्चा का विषय बना हुआ है।