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US Visa: अमेरिका में H-4 वीजा धारकों की बड़ी जीत, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, भारतीयों को होगा फायदा

अमेरिका में H-4 EAD को लेकर बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के उस नियम पर रोक लगाई है, जिसमें वर्क परमिट के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन को खत्म किया गया था। फिलहाल इस फैसले का लाभ सिर्फ 7 याचिकाकर्ताओं को मिलेगा, इसे पूरे अमेरिका में लागू होने वाला आदेश नहीं माना गया है।

US Visa: अमेरिका में H-4 वीजा धारकों की बड़ी जीत, कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला, भारतीयों को होगा फायदा
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डेली संवाद, वॉशिंगटन। US H-4 EAD Automatic Extension: अमेरिका में H-4 वीजा धारकों के लिए Employment Authorization Document (EAD) को लेकर बड़ी राहत सामने आई है। कैलिफोर्निया की एक संघीय जिला अदालत ने ट्रंप प्रशासन के उस अंतरिम अंतिम नियम के खिलाफ सात H-4 जीवनसाथियों के पक्ष में प्रारंभिक निषेधाज्ञा जारी की है।

इसके तहत EAD के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की व्यवस्था खत्म की गई थी। हालांकि, कोर्ट का यह आदेश पूरे अमेरिका में सभी H-4 EAD धारकों पर लागू नहीं होता, बल्कि फिलहाल केवल मामले के सात याचिकाकर्ताओं को राहत देता है। इससे भारतीयों को बड़ी राहत मिलने वाली है।

क्या था ट्रंप प्रशासन का EAD नियम?

DHS ने 30 अक्टूबर 2025 को एक Interim Final Rule जारी कर कुछ श्रेणियों में EAD के ऑटोमैटिक एक्सटेंशन की व्यवस्था खत्म कर दी थी। नए नियम के मुताबिक, 30 अक्टूबर 2025 या उसके बाद दाखिल किए गए पात्र EAD रिन्यूअल आवेदनों पर सामान्य तौर पर पहले जैसी ऑटोमैटिक एक्सटेंशन सुविधा उपलब्ध नहीं रही।

हालांकि, नियम लागू होने से पहले मिल चुके कुछ ऑटोमैटिक एक्सटेंशन इससे प्रभावित नहीं हुए। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर उन लोगों पर पड़ सकता है जिनका EAD रिन्यूअल आवेदन लंबित रहते हुए मौजूदा कार्ड की वैधता खत्म हो जाती है।

H-4 EAD धारकों के लिए क्यों अहम है फैसला?

H-4 वीजा आम तौर पर H-1B प्रोफेशनल्स के जीवनसाथियों को मिलता है। पात्र H-4 जीवनसाथी C26 कैटेगरी के तहत EAD के लिए आवेदन कर सकते हैं।

पहले कुछ पात्र H-4 EAD मामलों में समय पर दाखिल रिन्यूअल आवेदन के आधार पर ऑटोमैटिक एक्सटेंशन उपलब्ध था। USCIS की नीति में पात्र मामलों के लिए यह एक्सटेंशन पहले 180 दिनों तक था और बाद में कुछ परिस्थितियों में अवधि बढ़ाई गई थी।

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रिन्यूअल में देरी होने पर EAD खत्म होने और नए कार्ड की मंजूरी के बीच काम करने का अधिकार प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से H-4 EAD धारकों के लिए कोर्ट का ताजा आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

याचिकाकर्ताओं ने कोर्ट में क्या कहा?

सात H-4 जीवनसाथियों ने अदालत में चुनौती देते हुए तर्क दिया कि DHS ने ऑटोमैटिक एक्सटेंशन खत्म करते समय Administrative Procedure Act (APA) के तहत जरूरी नोटिस और सार्वजनिक टिप्पणी की प्रक्रिया का पालन नहीं किया।

याचिकाकर्ताओं ने यह भी कहा कि USCIS की प्रोसेसिंग में लगने वाले लंबे समय के कारण EAD खत्म होने और रिन्यूअल मंजूर होने के बीच काम रुकने का गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।

कोर्ट ने क्या कहा?

10 सितंबर 2026 के आदेश में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया के जज डेविड ओ. कार्टर ने सात याचिकाकर्ताओं के पक्ष में प्रारंभिक राहत दी। कोर्ट ने पाया कि DHS ने नियम लागू करते समय APA की जरूरी प्रक्रिया को लेकर पर्याप्त आधार नहीं दिखाया। सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और बेहतर जांच के आधार पर तत्काल बदलाव की जरूरत बताई थी, लेकिन अदालत ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना।

कोर्ट ने यह राहत राष्ट्रीय स्तर पर लागू नहीं की। यानी अमेरिका में मौजूद हर H-4 EAD धारक को इस आदेश से स्वतः समान राहत नहीं मिली है। फिलहाल आदेश मामले के सात नामित याचिकाकर्ताओं तक सीमित है।

भारतीय H-4 परिवारों के लिए क्या मायने?

H-1B कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भारतीय प्रोफेशनल्स शामिल हैं और उनके कई जीवनसाथी H-4 स्टेटस पर अमेरिका में रहते हैं। ऐसे में EAD से जुड़े नियमों में बदलाव का असर भारतीय परिवारों और कामकाजी H-4 जीवनसाथियों पर भी पड़ सकता है।

हालांकि, इस कोर्ट आदेश को सभी H-4 EAD धारकों के लिए ऑटोमैटिक एक्सटेंशन बहाल होने के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। मामला अभी कानूनी प्रक्रिया में है और कोर्ट ने इसे व्यापक nationwide injunction के रूप में लागू नहीं किया है।