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Punjab News: पंजाब के चीफ सैक्रेटरी पर आपराधिक अवमानना का केस चलेगा! KAP सिन्हा माफी मांगने को हुए तैयार, जाने वजह

पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के DA बकाये मामले में आज हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के बिना शर्त माफीनामे को स्वीकार करने या आपराधिक अवमानना की कार्रवाई आगे बढ़ाने पर फैसला हो सकता है।

Punjab News: पंजाब के चीफ सैक्रेटरी पर आपराधिक अवमानना का केस चलेगा! KAP सिन्हा माफी मांगने को हुए तैयार, जाने वजह
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) के बकाये से जुड़े मामले में आज 12 अक्टूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में अहम सुनवाई होगी। इस मामले में पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा के लिखित बिना शर्त माफीनामे पर फैसला हो सकता है।

अदालत यह तय करेगी कि माफी स्वीकार कर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई बंद की जाए या मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाए। पिछली सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा की बेंच ने मामले को नियमित अवमानना से अपग्रेड करके आपराधिक अवमानना के दायरे में डाल दिया था।

मुख्य सचिव के माफीनामे पर फैसला

अब यह मामला पहली बार उस विशेष रोस्टर डिवीजन बेंच के सामने पेश होगा, जो आपराधिक अवमानना से जुड़े मामलों की सुनवाई करती है। इस सुनवाई को पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के DA बकाये से जुड़े मामले में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुख्य सचिव केएपी सिन्हा ने हाईकोर्ट में लिखित रूप से बिना शर्त माफी मांगने का प्रस्ताव दिया है। पिछली बेंच ने उनके माफीनामे को स्वीकार या खारिज करने का फैसला नई बेंच पर छोड़ दिया था।

अवमानना की कार्यवाही

आज की सुनवाई में अदालत के सामने मुख्य सवाल यह होगा कि क्या मुख्य सचिव की माफी स्वीकार करके उनके खिलाफ चल रही आपराधिक अवमानना की कार्यवाही समाप्त कर दी जाए, या अदालत को गुमराह करने और गलत तथ्य पेश करने के मामले में औपचारिक आरोप तय करके कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाए।

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इस मामले में 9 अक्टूबर को हुई सुनवाई के दौरान पंजाब के मुख्य सचिव केएपी सिन्हा अदालत में पेश हुए थे। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया था कि अदालत की गरिमा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।

बिना शर्त माफी मांगने के लिए तैयार

वहीं, पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने दलील दी थी कि मुख्य सचिव का अदालत को गुमराह करने का कोई इरादा नहीं था। उन्होंने कहा था कि यदि अदालत चाहे तो मुख्य सचिव बिना शर्त माफी मांगने के लिए तैयार हैं।

अब 12 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई में अदालत मुख्य सचिव के माफीनामे और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर महत्वपूर्ण फैसला ले सकती है।