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Punjab News: नगर निगम के अफसर से 21.90 लाख की ठगी, पुलिस ने 2 लोगों को किया गिरफ्तार

पठानकोट में MBBS एडमिशन दिलाने के नाम पर 21.90 लाख रुपये की ठगी का खुलासा हुआ है। साइबर क्राइम पुलिस ने रायपुर से दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर 48 मोबाइल, लैपटॉप और फर्जी दस्तावेज बरामद किए।

Punjab News: नगर निगम के अफसर से 21.90 लाख की ठगी, पुलिस ने 2 लोगों को किया गिरफ्तार
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डेली संवाद, पठानकोट। Punjab News: पठानकोट नगर निगम के अफसर से लाखों रुपए की ठगी करने वाले ठगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। साइबर क्राइम पुलिस ने मेडिकल कॉलेज में एडमिशन दिलाने के नाम पर 21.9 लाख रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो मुख्य आरोपियों को छत्तीसगढ़ के रायपुर से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी पहले गुरुग्राम में फर्जी काउंसलिंग सेंटर चलाते थे और बाद में पहचान बदलकर रायपुर में नया ऑफिस खोल लिया था। पुलिस ने रायपुर स्थित फर्जी काउंसलिंग सेंटर पर छापेमारी कर बड़ी संख्या में लैपटॉप, मोबाइल फोन, फर्जी सिम कार्ड, जाली पहचान पत्र, डेबिट कार्ड, विद्यार्थियों और मेडिकल कॉलेजों से जुड़ा डेटा तथा अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं।

मेडिकल सीट दिलाने का दिया झांसा

पठानकोट नगर निगम के सेनेटेशन ऑफिसर विक्रमजीत ने साइबर पुलिस को शिकायत दी थी कि उनके बेटे गौरव ने वर्ष 2025 में NEET परीक्षा दी थी। परीक्षा के बाद परिवार को अलग-अलग नंबरों से फोन आए।

फोन करने वालों ने खुद को गुरुग्राम स्थित 'द एडमिशन सॉल्यूशन' काउंसलिंग सेंटर का प्रतिनिधि बताया। आरोपियों ने परिवार को कम फीस में फैजाबाद के सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS सीट दिलाने का झांसा दिया।

बैंक ट्रांसफर से लिए 21.9 लाख

पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के झांसे में आकर पीड़ित परिवार गुरुग्राम सेक्टर-48 स्थित कार्यालय पहुंचा। वहां आरोपियों ने कथित तौर पर भरोसे में लेकर सितंबर 2025 से नवंबर 2025 के बीच नकद, UPI और बैंक ट्रांसफर के जरिए कुल 21.9 लाख रुपये हासिल कर लिए।

इसके बाद 15 नवंबर 2025 को जब परिवार दोबारा कार्यालय पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला और आरोपियों के मोबाइल फोन भी बंद थे।

गुरुग्राम का ऑफिस बंद

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी गुरुग्राम का ऑफिस बंद करने के बाद अपनी पहचान छिपाने के लिए जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने रायपुर में 'ब्राइटमार्ग' नाम से नया कथित फर्जी काउंसलिंग सेंटर शुरू किया।

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पुलिस के अनुसार, यहां भी छात्रों और उनके अभिभावकों को मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का झांसा दिया जा रहा था। प्राथमिक जांच में इस नेटवर्क द्वारा 10 से 12 अन्य लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी किए जाने की बात भी सामने आई है।

रायपुर से दो मुख्य आरोपी गिरफ्तार

पठानकोट साइबर क्राइम पुलिस ने तकनीकी जांच के जरिए आरोपियों को ट्रेस किया और रायपुर में छापेमारी की।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान:

  • बंटी कुमार तिवारी, पुत्र शिव कुमार तिवारी, निवासी बिहार

  • मोहम्मद जुबेर, पुत्र शेर खान, निवासी दिल्ली

  • 48 मोबाइल और 3 लैपटॉप समेत सामान बरामद

एसपी विश्वजीत सिंह के मुताबिक आरोपियों के कब्जे से:

  • - 1 स्कॉर्पियो-N

  • - 3 लैपटॉप

  • - 48 मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड

  • - 3 जाली पहचान पत्र

  • - 3 डेबिट कार्ड

  • - विद्यार्थियों और MBBS कॉलेजों से संबंधित डेटा

  • - ऑफिस डायरियां

  • - अन्य फर्जी दस्तावेज

कई राज्यों में फैला होने की आशंका

पुलिस के अनुसार शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरोह अलग-अलग नामों से कई राज्यों में सक्रिय हो सकता है। पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

मामले में थाना साइबर क्राइम पठानकोट में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और IT Act की धारा 66(D) के तहत FIR दर्ज कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

पुलिस की अभिभावकों से अपील

पुलिस ने अभिभावकों और छात्रों से फर्जी एडमिशन स्कीमों से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि किसी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, PIN या पासवर्ड साझा न करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर शिकायत करने या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है।