डेली संवाद, संगरूर। Punjab News: पंजाब में नशों के खिलाफ जंग को मजबूत बनाने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने खेलों को अहम हथियार बताया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश का हर खेल मैदान नौजवानों को नशों से दूर रखने और उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है। मुख्यमंत्री ने 31 अक्टूबर को संगरूर में 67.16 लाख रुपये की लागत से तैयार आधुनिक खेल मैदान लोगों को समर्पित किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गांवों में विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार का उद्देश्य नौजवानों की ऊर्जा को नशों की बजाय खेल, फिटनेस और रचनात्मक गतिविधियों की ओर लगाना है।
67.16 लाख रुपये की लागत से तैयार हुआ खेल मैदान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि नवनिर्मित खेल मैदान आधुनिक सुविधाओं से लैस है। इसमें वॉलीबॉल कोर्ट, फुटबॉल मैदान, छह लेन वाला 400 मीटर रनिंग ट्रैक और क्रिकेट पिच बनाई गई है।
इसके अलावा मैदान में चेन-लिंक फेंसिंग, चारदीवारी और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई गई हैं। इससे गांव के उभरते खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने और बेहतर स्तर पर मुकाबला करने का अवसर मिलेगा।
नशों के खिलाफ जंग में खेलों को बनाया मजबूत हथियार
मुख्यमंत्री ने कहा कि नशों के खिलाफ लड़ाई केवल कानून लागू करने से नहीं जीती जा सकती। इसके लिए समाज के हर वर्ग की भागीदारी और निरंतर जन-जागरूकता जरूरी है। खेल युवाओं को अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से जोड़ते हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि नौजवानों के हाथों में नशे की बजाय खेलों का सामान हो। इसी सोच के तहत खेल मैदानों को उम्मीद, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के केंद्रों में बदला जा रहा है।
हर गांव में अच्छे स्कूल और खेल मैदान का लक्ष्य
भगवंत मान ने कहा कि हर गांव में शिक्षा के लिए अच्छा स्कूल और खेलों के लिए सभी जरूरी सुविधाओं से लैस मैदान होना चाहिए। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और खेल सुविधाएं मिलने से ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चे भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखा सकते हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे को आर्थिक स्थिति या क्षेत्र के कारण अवसरों से वंचित नहीं रहना चाहिए। सरकार का प्रयास है कि गांवों की खेल प्रतिभाओं को भी बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलें।
खेल मैदान सामाजिक एकता और भाईचारे के भी केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल मैदान केवल खेल गतिविधियों तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये सामाजिक एकता, भाईचारे और आपसी सहयोग को भी मजबूत करते हैं। खेलों से युवाओं में टीम वर्क, अनुशासन और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना विकसित होती है।
उन्होंने कहा कि 'युद्ध नशों विरुद्ध' अभियान के तहत सरकार यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रही है कि खेल नौजवानों की जिंदगी का अहम हिस्सा बनें।
पंजाब को खेलों में फिर अग्रणी बनाने का लक्ष्य
भगवंत मान ने कहा कि पंजाब का खेलों में शानदार इतिहास रहा है और सरकार राज्य को देश के खेल क्षेत्र में फिर से अग्रणी बनाने के लिए काम कर रही है। खेल मैदानों पर किया गया निवेश नौजवानों की सेहत, चरित्र और भविष्य में निवेश है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि नए खेल मैदान ग्रामीण क्षेत्रों में खेल गतिविधियों को बढ़ावा देंगे और अधिक से अधिक युवाओं को खेल अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, प्रगतिशील और नशा मुक्त पंजाब के निर्माण के लिए सरकार जरूरी खेल एवं शैक्षणिक ढांचा विकसित करने में कोई कमी नहीं छोड़ेगी।