डेली संवाद, मोहाली। Asian Champions Trophy 2026: पंजाब में पहली बार आयोजित 'हीरो एशियन चैंपियंस ट्रॉफी पंजाब-2026' की शानदार सफलता ने राज्य को विश्व हॉकी के मानचित्र पर नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का पंजाब को अंतरराष्ट्रीय हॉकी का प्रमुख केंद्र बनाने का सपना इस आयोजन के साथ साकार होता नजर आ रहा है। भारत ने रोमांचक फाइनल मुकाबले में जापान को 4-1 से हराकर छठी बार एशियन चैंपियंस ट्रॉफी अपने नाम की।
इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का आयोजन जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम और मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में किया गया। पूर्व विश्व कप विजेता खिलाड़ियों, ओलंपियनों और अंतरराष्ट्रीय हॉकी सितारों की मौजूदगी ने इस आयोजन को और खास बना दिया। टूर्नामेंट की सफलता से वर्ष 2030 में हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पंजाब का दावा भी मजबूत हुआ है।
भारत ने जापान को 4-1 से हराकर रचा इतिहास
भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही और अपने सभी सात मुकाबले जीतकर चैंपियन बनी। भारत ने जालंधर में पांच लीग मैच खेले, जबकि मोहाली में सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबले आयोजित हुए।
फाइनल में भारत ने जापान को 4-1 से हराया। इस जीत के साथ भारतीय टीम ने छठी बार खिताब अपने नाम किया। इसके अलावा 2023 और 2024 के बाद लगातार तीसरी बार ट्रॉफी जीतकर खिताब की हैट्रिक भी पूरी की।

फाइनल में आखिरी 18 मिनट में भारत ने दागे चार गोल
जापान ने मुकाबले की शुरुआत में ही बढ़त बना ली थी। मैच के तीसरे मिनट में काजुमासा मात्सुमोतो ने गोल करके जापान को 1-0 से आगे कर दिया। हाफ टाइम तक जापान की यह बढ़त बरकरार रही।
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हालांकि, दूसरे हाफ में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार वापसी की। 42वें मिनट में शिलानंद लाकड़ा ने गोल करके स्कोर 1-1 कर दिया। इसके बाद 47वें मिनट में दिलप्रीत सिंह ने गोल दागकर भारत को 2-1 की बढ़त दिलाई।
भारत का आक्रामक खेल यहीं नहीं रुका। 52वें मिनट में जुगराज सिंह ने तीसरा गोल किया, जबकि 53वें मिनट में विवेक सागर प्रसाद ने गोल करके भारत की जीत 4-1 से पक्की कर दी। दूसरी ओर, मलेशिया ने दक्षिण कोरिया को 5-2 से हराकर टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल किया।
हरमनप्रीत सिंह बने टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी
भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन के कारण आकर्षण का केंद्र रहे। उन्हें टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना गया। इसके साथ ही उन्होंने 10 गोल करके टॉप स्कोरर का पुरस्कार भी हासिल किया।
हरमनप्रीत सिंह ने इस टूर्नामेंट के दौरान अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अपने 250 गोल पूरे करके एक ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की। मलेशिया के खिलाफ लीग मुकाबले में उनकी हैट्रिक और शानदार ड्रैग-फ्लिक ने भारतीय टीम को मजबूती दी।

कृष्ण बहादुर पाठक बने सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर
भारतीय गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को टूर्नामेंट का सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर घोषित किया गया। उन्होंने कई अहम मौकों पर शानदार बचाव किए।
विशेष रूप से मलेशिया और दक्षिण कोरिया के खिलाफ लीग मुकाबलों में पेनल्टी कॉर्नर पर उनके बेहतरीन प्रदर्शन ने भारत की जीत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दमदार प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही।
पहली बार अंतरराष्ट्रीय हॉकी का शानदार आयोजन
मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में पहली बार इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन किया गया। स्टेडियम में दर्शकों की भारी भीड़, शानदार माहौल और विश्व स्तरीय सुविधाओं ने आयोजन को यादगार बना दिया।
सेमीफाइनल, कांस्य पदक मुकाबले और फाइनल के लिए किए गए प्रबंधों की भी खूब सराहना हुई। अंतरराष्ट्रीय टीमों, अधिकारियों और हॉकी प्रशंसकों ने मोहाली में आयोजित मुकाबलों को लेकर उत्साह दिखाया।
जालंधर में दर्शकों ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह
जालंधर के ओलंपियन सुरजीत हॉकी स्टेडियम में लीग मुकाबलों के दौरान दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। बांग्लादेश के खिलाफ भारत की 13-0 की शानदार जीत से लेकर मलेशिया के खिलाफ 4-2 के रोमांचक मुकाबले तक, स्टेडियम में हर दिन बड़ी संख्या में हॉकी प्रेमी पहुंचे।
जालंधर ने एक बार फिर साबित किया कि यह शहर भारतीय हॉकी की नर्सरी होने के साथ-साथ बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट आयोजित करने की क्षमता भी रखता है।

2030 हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पंजाब का दावा मजबूत
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के सफल आयोजन ने पंजाब में भविष्य के बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की संभावनाओं को मजबूत किया है। जालंधर और मोहाली में मिली दर्शकों की शानदार भागीदारी, बेहतर स्टेडियम सुविधाओं और सफल प्रबंधन ने यह साबित किया है कि पंजाब विश्व स्तरीय हॉकी मुकाबलों की मेजबानी के लिए तैयार है।
इस आयोजन से वर्ष 2030 के हॉकी विश्व कप की मेजबानी के लिए पंजाब का दावा मजबूत हुआ है। पंजाब की यह उपलब्धि केवल एक टूर्नामेंट की सफलता नहीं, बल्कि राज्य में हॉकी के भविष्य के लिए एक नई शुरुआत मानी जा रही है।
भारतीय हॉकी की नजर अब 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर
एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में भारत की शानदार जीत ने एक बार फिर एशिया में भारतीय हॉकी की ताकत साबित की है। कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक के बेहतरीन प्रदर्शन ने टीम को खिताब तक पहुंचाया।
इस टूर्नामेंट में 1966 एशियाई खेलों, 1975 हॉकी विश्व कप और 1980 मॉस्को ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ियों से लेकर 2024 पेरिस ओलंपिक के कांस्य पदक विजेता खिलाड़ियों तक कई दिग्गजों ने शिरकत की। अब भारतीय हॉकी टीम की नजरें 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर हैं।