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Punjab News: पंजाब में ED की रडार पर आया नगर निगम का दफ्तर, MLA का नाम भी आया सामने

मोगा की विधायक, उनके परिवार और करीबियों से जुड़े ठिकानों पर हुई तलाशी; ED को मिले दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, 1.006 करोड़ रुपये के जमीन मुआवजे में कथित हेराफेरी की जांच तेज

Punjab News: पंजाब में ED की रडार पर आया नगर निगम का दफ्तर, MLA का नाम भी आया सामने
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब के मोगा से आम आदमी पार्टी (AAP) की विधायक डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) के चंडीगढ़ जोनल ऑफिस-1 ने विधायक, उनके परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़े अन्य लोगों के सात ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। ED ने यह कार्रवाई 4 नवंबर 2026 को मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की थी।

इस मामले में मोगा नगर निगम भी जांच के घेरे में आ गया है। जिससे नगर निगम के अफसरों में हड़कंप मचा हुआ है। 6 नवंबर को जारी प्रेस रिलीज में एजेंसी ने इस कार्रवाई और जांच से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। ED के मुताबिक, तलाशी वाले ठिकानों में डॉ. अमनदीप कौर अरोड़ा से जुड़ा एक अस्पताल-सह-नशा मुक्ति केंद्र भी शामिल था। तलाशी के दौरान आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य साक्ष्य बरामद किए गए हैं। एजेंसी इनकी जांच कर रही है।

सरकारी जमीन के मुआवजे में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा की हेराफेरी

ED की जांच मोगा जिले के धर्मकोट पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR के आधार पर शुरू हुई थी। यह मामला गांव अधरामन की सरकारी जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कथित हेराफेरी से जुड़ा है। FIR में पटवारी नवदीप सिंह, दिलखुश कुमारी और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं।

आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी करके नेशनल हाईवे नंबर 754A के लिए अधिग्रहित जमीन के बदले करीब 1,00,65,724 रुपये का मुआवजा गलत तरीके से जारी करवाया गया। इस मामले में पंजाब पुलिस ने पटवारी नवदीप सिंह के खिलाफ चार्जशीट भी दाखिल की है।

दिलखुश कुमारी के बैंक खाते में पहुंची मुआवजे की रकम

ED की प्रेस रिलीज के अनुसार, जांच में सामने आया कि जमीन अधिग्रहण के मुआवजे की राशि दिलखुश कुमारी के बैंक खाते में जमा करवाई गई थी। बाद में बैंक ने इस खाते को फ्रीज कर दिया।

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एजेंसी का आरोप है कि मोगा की विधायक, उनके पति और अन्य सहयोगियों की कथित भूमिका इस मुआवजे की रकम को दूसरी जगह भेजने और निकालने में रही है। ED इस पूरे वित्तीय लेन-देन की जांच कर रही है।

सरकारी और चैरिटेबल जमीनों के कथित अवैध हस्तांतरण की जांच

ED की जांच में कई सरकारी, नगर निगम और चैरिटेबल संपत्तियों के कथित धोखाधड़ीपूर्ण अधिग्रहण और हस्तांतरण का मामला भी सामने आया है। प्रेस रिलीज में जिन संपत्तियों का उल्लेख किया गया है, उनमें शामिल हैं:

  • जीरा रोड पर केंद्र सरकार की 13 मरले जमीन।

  • सिविल लाइंस में पंजाब सरकार की 7 मरले जमीन।

  • रेलवे रोड पर मार्केट कमेटी की 6 मरले जमीन।

  • मोगा के मेहला सिंह-3 क्षेत्र में नगर निगम की 3 कनाल 16 मरले जमीन।

  • यूनाइटेड चर्च ऑफ नॉर्दर्न इंडिया ट्रस्ट एसोसिएशन की 52 मरले 8 सरसाहियों की जमीन।

ED के मुताबिक, आरोप है कि राजस्व रिकॉर्ड और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों में कथित हेराफेरी करके इन संपत्तियों का अधिग्रहण या हस्तांतरण विधायक के रिश्तेदारों और अन्य संबंधित लोगों के पक्ष में किया गया।

ईडी की प्रेस रिलीज
ईडी की प्रेस रिलीज

मोगा में आवासीय संपत्ति खरीदने की भी जांच

प्रेस रिलीज में मोगा में एक आवासीय संपत्ति के अधिग्रहण से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। इसमें संदेह जताया गया है कि संपत्ति की खरीद में अघोषित नकदी का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।

ED का कहना है कि कथित तौर पर इन संपत्तियों के अधिग्रहण और हस्तांतरण से अपराध की कमाई (Proceeds of Crime) पैदा हुई। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है।

ED को मिले दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस

तलाशी अभियान के दौरान ED ने कई आपत्तिजनक दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। एजेंसी के अनुसार, बरामद सामग्री विधायक और उनके सहयोगियों की कथित बेनामी संपत्तियों के अधिग्रहण से संबंधित संकेत देती है।

फिलहाल बरामद दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की जांच की जा रही है। ED ने स्पष्ट किया है कि मामले में आगे की जांच जारी है।