डेली संवाद, कनाडा/नई दिल्ली। Canada PR News: कनाडा में परमानेंट रेजिडेंट (PR) बनने का सपना देख रहे भारतीयों और खासकर पंजाब के युवाओं के लिए बड़ी खबर सामने आई है। कनाडा सरकार ने अपने बजट 2026 और नई इमिग्रेशन योजना के तहत 2027 के अंत तक देश में पहले से रह रहे 2 लाख तक अस्थायी निवासियों को स्थायी निवासी (Permanent Resident) बनाने का अवसर देने का प्रस्ताव रखा है।
इस योजना का फायदा कनाडा (Canada) में लंबे समय से रह रहे योग्य वर्क परमिट धारकों और उनके परिवारों को मिल सकता है। इसके अलावा मानवीय आधार पर लंबे समय से लंबित मामलों को भी प्राथमिकता दी जाएगी। हालांकि, केवल स्टडी परमिट या वर्क परमिट होने से किसी को स्वतः PR नहीं मिलेगी।
कनाडा सरकार की वन-टाइम PR योजना क्या है?
कनाडा सरकार ने इमिग्रेशन सिस्टम को व्यवस्थित करने और पहले से देश में रह रहे अस्थायी निवासियों को स्थायी दर्जा देने के लिए एक विशेष समय-सीमित योजना पेश की है।
सरकार के बजट 2026 के अनुसार, 2027 के अंत तक 2 लाख तक अस्थायी निवासियों को PR देने का अवसर उपलब्ध कराया जाएगा। इनमें से 1 लाख ऐसे वर्कर्स को शामिल करने की बात कही गई है, जो Express Entry या Provincial Nominee Program (PNP) के तहत पात्र हैं।
यह नियमित PR कोटे के अतिरिक्त एक विशेष पहल है। इसका उद्देश्य पहले से कनाडा में रह रहे लोगों को स्थायी निवास का अवसर देना है।
दो विशेष वर्गों में होगी PR देने की प्रक्रिया
कनाडा की नई इमिग्रेशन योजना में दो प्रमुख वर्गों के माध्यम से लोगों को PR देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
1. Workers Cohort
इस वर्ग के तहत कनाडा में पहले से काम कर रहे योग्य अस्थायी कर्मचारियों और उनके साथ रहने वाले परिवार के सदस्यों को स्थायी निवास देने पर ध्यान दिया जाएगा। इसमें Express Entry और Provincial Nominee Program (PNP) के योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिलेगी। प्रांतों और क्षेत्रों के साथ मिलकर श्रम बाजार की जरूरतों के अनुसार चयन किया जाएगा।
2. Humanitarian Cohort
इस वर्ग में कनाडा में पहले से रह रहे ऐसे लोगों को शामिल किया जाएगा, जिनके मामले कई वर्षों से लंबित हैं। इसका उद्देश्य मानवीय प्रतिबद्धताओं को पूरा करना और परिवारों को एक साथ रखने में मदद करना है।
सरकार ने दोनों वर्गों के लिए अलग-अलग एक लाख लोगों का अंतिम बंटवारा अभी आधिकारिक तौर पर स्पष्ट नहीं किया है।
कनाडा का इमिग्रेशन कोटा रहेगा स्थिर
कनाडा सरकार की 2027-2029 इमिग्रेशन लेवल योजना के तहत नियमित इमिग्रेशन लक्ष्य को स्थिर रखने का प्रस्ताव है।
PR कोटा: हर साल 3 लाख 80 हजार नए स्थायी निवासी।
अस्थायी निवासी: हर साल 3 लाख 70 हजार नए अस्थायी निवासी।
वर्कर्स: हर साल 2 लाख 20 हजार नए अस्थायी कर्मचारी।
इंटरनेशनल स्टूडेंट्स: हर साल 1 लाख 50 हजार नए विद्यार्थी।
सरकार का लक्ष्य 2027 के अंत तक देश की कुल आबादी में अस्थायी निवासियों का अनुपात 5 प्रतिशत से कम करना है।
किन लोगों को मिल सकता है योजना का फायदा?
1. वर्क परमिट धारक: कनाडा में पहले से काम कर रहे ऐसे कर्मचारी जो Express Entry या PNP की पात्रता पूरी करते हैं, उन्हें विशेष अवसर मिल सकता है।
2. प्रांतीय नॉमिनी प्रोग्राम (PNP) के उम्मीदवार: प्रांतों की श्रम जरूरतों के अनुसार योग्य उम्मीदवारों को प्राथमिकता मिल सकती है।
3. ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में काम करने वाले कर्मचारी: प्रांतीय और क्षेत्रीय श्रम बाजार की जरूरतों को ध्यान में रखकर ऐसे कर्मचारियों के चयन पर भी ध्यान दिया जाएगा।
4. लंबे समय से लंबित मानवीय मामले: कनाडा में कई वर्षों से रह रहे और मानवीय आधार पर लंबित मामलों वाले लोगों को Humanitarian Cohort के तहत अवसर मिल सकता है।
5. परिवार के सदस्य: Workers Cohort में पात्र कर्मचारियों के साथ उनके परिवार के सदस्यों को भी शामिल करने की योजना है।
Temporary Foreign Workers प्रोग्राम में भी होगा सुधार
कनाडा सरकार ने Temporary Foreign Workers Program (TFWP) को बेहतर बनाने के लिए अगले पांच वर्षों में लगभग 151.5 मिलियन कनाडाई डॉलर खर्च करने का प्रस्ताव रखा है।
इसका उद्देश्य स्थानीय और क्षेत्रीय रोजगार जरूरतों के अनुसार विदेशी कर्मचारियों की भर्ती व्यवस्था को बेहतर बनाना और नियोक्ताओं की जवाबदेही मजबूत करना है।
इसके अलावा असाइलम आवेदनों के बैकलॉग को कम करने के लिए पांच वर्षों में 98 मिलियन डॉलर और प्रवासी श्रमिकों की सहायता करने वाले गैर-लाभकारी संगठनों के लिए 82 मिलियन डॉलर का प्रावधान किया गया है।
पंजाब के युवाओं के लिए क्यों अहम है यह खबर?
पंजाब से बड़ी संख्या में युवा पढ़ाई और रोजगार के लिए कनाडा जाते हैं। ऐसे में वहां पहले से रह रहे योग्य वर्क परमिट धारकों के लिए सरकार की यह नई पहल महत्वपूर्ण हो सकती है।
हालांकि, कनाडा सरकार की ओर से पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और चयन से जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि किन उम्मीदवारों को इस विशेष योजना का लाभ मिलेगा।