डेली संवाद, नई दिल्ली। Gold Silver Price Today: दिवाली से पहले सोना-चांदी खरीदने वालों के लिए राहत की खबर है। देश में सोने और चांदी की कीमतों में लगातार गिरावट देखने को मिल रही है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, आज 10 ग्राम 24 कैरेट सोने का भाव 2,530 रुपये गिरकर करीब 1.38 लाख रुपये पर आ गया है। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 1,372 रुपये कम होकर करीब 1.80 लाख रुपये रह गई है।
इससे पहले शुक्रवार को 10 ग्राम सोना करीब 1.40 लाख रुपये और एक किलो चांदी 1.81 लाख रुपये के स्तर पर बिक रही थी। लगातार गिरावट के चलते त्योहारों के सीजन में सोना-चांदी खरीदने की योजना बना रहे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
अक्टूबर में सोना ₹8,084 और चांदी ₹39,485 सस्ती
अक्टूबर महीने में कीमती धातुओं की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इस दौरान सोना 8,084 रुपये और चांदी 39,485 रुपये सस्ती हुई है।
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1 अक्टूबर 2026 को 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1.48 लाख रुपये थी, जबकि एक किलो चांदी का भाव 2.20 लाख रुपये के आसपास था। महीने के दौरान दोनों कीमती धातुओं में आई गिरावट ने निवेशकों और सर्राफा कारोबारियों का ध्यान खींचा है।
सोने की कीमतों में गिरावट की 3 बड़ी वजह
1. ऊंचे भाव पर निवेशकों की मुनाफावसूली
त्योहारों से पहले सोने की कीमतें काफी ऊंचे स्तर पर पहुंच गई थीं। ऐसे में बड़े निवेशकों ने मुनाफा कमाने के लिए सोने की बिकवाली शुरू कर दी। इससे बाजार में सोने की कीमतों पर दबाव बढ़ा।
2. अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना
अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड की मजबूती का असर सोने की कीमतों पर पड़ा है। डॉलर मजबूत होने से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना महंगा हो जाता है, जिससे इसकी मांग और कीमतों पर असर पड़ सकता है।
3. महंगे दाम देखकर खरीदारों की दूरी
सोने की कीमतें ऊंचे स्तर पर पहुंचने के कारण आम खरीदारों ने भी खरीदारी कम कर दी। मांग में कमी और निवेशकों की बिकवाली ने कीमतों को नीचे लाने में भूमिका निभाई।
चांदी सस्ती होने की 3 बड़ी वजह
1. औद्योगिक मांग में कमी
चांदी का इस्तेमाल सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कई औद्योगिक उत्पादों में होता है। इन क्षेत्रों से मांग कमजोर होने पर चांदी की कीमतों पर दबाव पड़ता है।
2. बाजार में बिकवाली का दबाव
शेयर और वायदा बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच बड़े ट्रेडर्स ने चांदी की बिकवाली की। इससे बाजार में कीमतों में गिरावट देखने को मिली।
3. सोने की कीमतों में गिरावट का असर
सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों पर कई बार एक-दूसरे का असर दिखाई देता है। सोने की कीमतों में गिरावट आने से चांदी में भी बिकवाली का दबाव बढ़ा।
क्या सोना-चांदी अभी और सस्ता होगा?
कमोडिटी एक्सपर्ट अजय केडिया के मुताबिक, निवेशकों को सोने और चांदी में एक साथ बड़ी रकम लगाने के बजाय किस्तों में खरीदारी करनी चाहिए। उनका सुझाव है कि कुछ खरीदारी अभी की जा सकती है और बाकी निवेश 15 से 20 दिन के अंतराल पर किया जा सकता है।
उनके मुताबिक, सोने-चांदी में निवेश करते समय एक-दो महीने के बजाय 6 महीने से लेकर एक साल तक का नजरिया रखना बेहतर हो सकता है। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है और कीमतों की दिशा कई आर्थिक कारकों पर निर्भर करेगी।
सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान
1. BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें
हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सोना खरीदें। हॉलमार्किंग से सोने की शुद्धता की जानकारी मिलती है। खरीदारी करते समय हॉलमार्क और HUID नंबर की BIS Care ऐप से जांच जरूर करें।
2. खरीदारी से पहले कीमत जरूर चेक करें
सोना खरीदने से पहले उसका वजन और उस दिन का बाजार भाव अलग-अलग भरोसेमंद स्रोतों से जांच लें। 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट सोने की कीमत अलग-अलग होती है। इसके अलावा ज्वेलरी खरीदते समय मेकिंग चार्ज और GST की जानकारी भी लें।
असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके
1. मैग्नेट टेस्ट: शुद्ध चांदी सामान्य चुंबक से आकर्षित नहीं होती। हालांकि, सिर्फ इस टेस्ट से चांदी की शुद्धता साबित नहीं होती।
2. आइस टेस्ट: चांदी की तापीय चालकता काफी अच्छी होती है। इसलिए असली चांदी पर रखी बर्फ तेजी से पिघल सकती है।
3. स्मेल टेस्ट: शुद्ध चांदी में आमतौर पर कोई खास गंध नहीं होती। धातु जैसी तेज गंध मिलावट का संकेत हो सकती है।
4. क्लॉथ टेस्ट: चांदी को मुलायम सफेद कपड़े से रगड़ने पर काला निशान आ सकता है। यह चांदी पर ऑक्सिडेशन या टार्निश होने का संकेत हो सकता है, लेकिन इससे शुद्धता की अंतिम पुष्टि नहीं होती।
चांदी की शुद्धता की सही जानकारी के लिए BIS हॉलमार्क या प्रमाणित जांच का सहारा लेना बेहतर है।