डेली संवाद, नई दिल्ली। GST News: जीएसटी कौंसिल (GST Council) की 57वीं बैठक में कारोबारियों और टैक्सपेयर्स के लिए कई बड़े सुधारों पर फैसला लिए जाने की जानकारी सामने आई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में हुई बैठक का मुख्य फोकस GST की टैक्स दरों में बदलाव के बजाय Ease of Doing Business, ऑटोमेशन और टैक्स प्रक्रिया को आसान बनाने पर रहा।
प्रस्तावित सुधारों के तहत GST रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC), ई-कॉमर्स और माल की आवाजाही से जुड़े नियमों को सरल बनाने पर जोर दिया गया है। GST व्यवस्था में पहले से ही सिस्टम आधारित जोखिम मूल्यांकन और रिफंड प्रोसेसिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। GST में 10 बड़े बदलाव किए गए हैं। पढ़े पूरी खबर....
1. GST Registration होगा आसान
कम जोखिम वाले कारोबारियों के लिए GST Registration प्रक्रिया को ऑटोमैटिक बनाने पर जोर दिया गया है। ऐसे मामलों में सिस्टम के जरिए तेजी से रजिस्ट्रेशन देने की व्यवस्था होगी। नाम, पता या डायरेक्टर में बदलाव जैसे कुछ संशोधनों को भी ऑटोमेटेड तरीके से मंजूरी देने का प्रस्ताव है।
2. GST Return में पुरानी गलतियां सुधारने की सुविधा
रिटर्न में मामूली डेटा एंट्री या इनवॉइस संबंधी गलतियों के कारण पैदा होने वाले विवादों को कम करने की दिशा में बदलाव किए गए हैं। सप्लायर द्वारा बिल में सुधार करने पर उसका लाभ संबंधित खरीदार को भी सिस्टम के जरिए मिलने की व्यवस्था पर जोर दिया गया है।
3. GST Refund होगा तेज
रिफंड प्रक्रिया को और अधिक ऑटोमेटेड बनाने की तैयारी है। कम जोखिम वाले मामलों में सिस्टम आधारित प्रोसेसिंग के जरिए तेजी से रिफंड देने की व्यवस्था की जा रही है। GST व्यवस्था में पहले ही कम जोखिम वाले मामलों के लिए 90% provisional refund की व्यवस्था लागू की जा चुकी है।
4. छोटे टैक्स विवादों में राहत
कम राशि वाले मामलों में अनावश्यक नोटिस और कानूनी प्रक्रिया को कम करने का प्रस्ताव है। नोटिस, सुनवाई और आदेश की प्रक्रिया के लिए एक समान स्टैंडर्ड बनाए जाने पर जोर दिया गया है।
5. ITC को लेकर कारोबारियों को राहत
ईमानदार खरीदारों को Input Tax Credit से जुड़ी परेशानियों से राहत देने की दिशा में कदम उठाए गए हैं। सही बिल, माल की प्राप्ति और भुगतान जैसी शर्तें पूरी करने वाले खरीदारों के हितों की सुरक्षा के लिए व्यवस्था बनाने पर जोर दिया गया है।
इसके अलावा कर्मचारियों के हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस, टेलीकॉम टावर, कुछ पाइपलाइन और नष्ट किए जाने वाले एक्सपायर्ड फ्री सैंपल जैसे मामलों में ITC को लेकर भी राहत का प्रस्ताव बताया गया है।
6. छोटे कारोबारियों के लिए Ease of Doing Business
छोटे टैक्सपेयर्स के लिए GST Registration Cancellation की प्रक्रिया को ऑटोमेट करने पर जोर दिया गया है। इसके साथ ही छोटे कारोबारियों के लिए रिटर्न फाइलिंग और टैक्स भुगतान की प्रक्रिया को भी सरल बनाने की दिशा में बदलाव प्रस्तावित हैं।
7. GST गिरफ्तारी और अभियोजन को लेकर बड़ा बदलाव
GST मामलों में गिरफ्तारी और prosecution की व्यवस्था को लेकर भी बड़ा बदलाव बताया गया है। अभियोजन की सीमा बढ़ाने और सामान्य मामलों में जुर्माने की राशि कम करने की बात सामने आई है।
हालांकि GST गिरफ्तारी के अधिकार को पूरी तरह खत्म किए जाने के दावे को आधिकारिक अधिसूचना से सत्यापित करना जरूरी है, क्योंकि मौजूदा GST कानून में गिरफ्तारी से संबंधित प्रावधान मौजूद हैं। GST कानून में inspection, search, seizure और arrest के लिए अलग प्रावधान निर्धारित हैं।
8. Export Services में राहत
विदेशी कंपनियों और भारतीय कारोबारियों के बीच होने वाले कुछ सेवा लेनदेन को Export of Services के दायरे में लाने से कारोबारियों को फायदा मिल सकता है। इससे विदेशों में कारोबार करने वाली भारतीय कंपनियों की कार्यप्रणाली आसान होने की उम्मीद है।
9. E-Commerce कारोबारियों को फायदा
छोटे ऑनलाइन सेलर्स के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के दूसरे राज्यों में मौजूद वेयरहाउस को लेकर GST व्यवस्था आसान बनाने का प्रस्ताव है। इससे छोटे व्यापारी एक राज्य से दूसरे राज्यों में सामान बेचने के लिए कारोबार की संरचना को ज्यादा आसानी से संचालित कर सकेंगे।
10. फिलहाल GST Rates में बदलाव नहीं
बैठक का मुख्य फोकस GST दरों में बदलाव के बजाय GST सिस्टम को सरल और डिजिटल बनाने पर रहा। यानी कारोबारियों के लिए रजिस्ट्रेशन, रिटर्न, रिफंड, ITC और अनुपालन प्रक्रिया को आसान बनाने पर ज्यादा ध्यान दिया गया।
GST 2.0 का क्या है मकसद?
GST व्यवस्था में लगातार बढ़ते डिजिटल सिस्टम, डेटा एनालिटिक्स और ऑटोमेशन के जरिए टैक्स प्रशासन को ज्यादा पारदर्शी और आसान बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इससे कारोबारियों को बार-बार अधिकारियों के चक्कर लगाने और कागजी कार्रवाई से राहत मिलने की उम्मीद है।