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Punjab News: पंजाब के नवांशहर में बनेगा 160 करोड़ का मेडिकल कॉलेज, 50 MBBS सीटें और 30 बेड का सुपर स्पेशलिटी कार्डियक केयर यूनिट मिलेगा

पंजाब सरकार ने नवांशहर में 160 करोड़ रुपये के मेडिकल कॉलेज प्रोजेक्ट का LOI जारी किया। 50 MBBS सीटें, 30 बेड का कार्डियक केयर यूनिट और 10 रुपये की OPD पर्ची होगी।

Punjab News: पंजाब के नवांशहर में बनेगा 160 करोड़ का मेडिकल कॉलेज, 50 MBBS सीटें और 30 बेड का सुपर स्पेशलिटी कार्डियक केयर यूनिट मिलेगा
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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब की भगवंत मान सरकार ने दोआबा क्षेत्र के लोगों को दिवाली का बड़ा तोहफा दिया है। सरकार ने शहीद भगत सिंह (एसबीएस) नगर यानी नवांशहर में अत्याधुनिक मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल बनाने के लिए लेटर ऑफ इंटेंट (LOI) जारी कर दिया है।

करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस प्रोजेक्ट के तहत मेडिकल कॉलेज में MBBS की 50 सीटें होंगी। इसके साथ ही 30 बेड की सुपर स्पेशलिटी कार्डियक केयर यूनिट भी स्थापित की जाएगी।

पंजाब के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने 5 नवंबर को पंजाब भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। इस मौके पर पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रौड़ी और स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव कुमार राहुल भी मौजूद रहे।

मेडिकल कॉलेज और टीचिंग हॉस्पिटल

डॉ. बलबीर सिंह ने बताया कि पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड (PIDB) ने इस प्रोजेक्ट को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत मेसर्स इंडस सुपर स्पेशलिटी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड को सौंपा है।

इस प्रोजेक्ट के तहत नवांशहर के मौजूदा 150 बेड वाले जिला अस्पताल को अपग्रेड करके 220 बेड का टीचिंग हॉस्पिटल बनाया जाएगा। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज के लिए अकादमिक और आवासीय सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी।

अस्पताल परिसर में 30 बेड की आधुनिक सुपर स्पेशलिटी कार्डियक केयर यूनिट बनाई जाएगी। इसमें एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी जैसी सुविधाओं के लिए कैथ लैब और इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी सेवाएं उपलब्ध होंगी।

MBBS की 50 सीटें

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में हर साल MBBS की 50 सीटों पर दाखिले होंगे। इनमें से 50 प्रतिशत सीटें पंजाब सरकार के कोटे के तहत आरक्षित रहेंगी।

इससे दोआबा क्षेत्र के विद्यार्थियों को अपने घर के नजदीक मेडिकल की पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। सरकार का कहना है कि इससे क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा की सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं को लाभ होगा।

डेढ़ साल में शुरू हो सकता है मेडिकल कॉलेज

डॉ. बलबीर सिंह के मुताबिक, प्रोजेक्ट की औपचारिक समय-सीमा तीन साल तक रखी गई है, लेकिन अस्पताल की मौजूदा इमारत, डायलिसिस सेंटर और क्रिटिकल केयर ब्लॉक पहले से मौजूद हैं। इसलिए स्वास्थ्य सेवाएं जल्द शुरू करने की कोशिश की जाएगी।

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उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज की नई इमारत का निर्माण अगले महीने शुरू होने की उम्मीद है। सरकार को उम्मीद है कि करीब डेढ़ साल के भीतर मेडिकल कॉलेज लोगों के लिए उपलब्ध हो जाएगा।

हार्ट अटैक के मरीजों को मिलेगा बड़ा फायदा

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस मेडिकल कॉलेज और कार्डियक केयर यूनिट का लाभ नवांशहर, बलाचौर, रोपड़, गढ़शंकर, बंगा, माछीवाड़ा और आसपास के 35 से 40 किलोमीटर के क्षेत्र में रहने वाले लोगों को मिलेगा।

उन्होंने कहा कि पहले हार्ट अटैक के मरीजों को इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़, जालंधर, लुधियाना या अमृतसर जैसे शहरों में जाना पड़ता था। कई बार अस्पताल पहुंचने में देरी के कारण मरीजों की जान को खतरा हो जाता था।

अब नवांशहर में ही आधुनिक हृदय रोग उपचार की सुविधा उपलब्ध होने से मरीजों को गोल्डन ऑवर के दौरान इलाज मिल सकेगा।

मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत मुफ्त इलाज

डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में आम लोगों को सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि ओपीडी की पर्ची फीस केवल 10 रुपये होगी।

इसके अलावा जरूरतमंद और पात्र मरीजों को मुख्यमंत्री सेहत योजना (MMSY) और आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत कैशलेस और मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।

अस्पताल की सरकारी फार्मेसी के माध्यम से जरूरी दवाइयां मुफ्त उपलब्ध करवाई जाएंगी। वहीं, सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य जांचें भी कम दरों पर की जाएंगी।

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि इस प्रोजेक्ट से दोआबा क्षेत्र में मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूती मिलेगी।