रमेश शुक्ला ‘सफर’, (पीएम हाउस न्यूज नेटवर्किंग) सरहाली (तरनतारन)। Punjab News: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के ‘घर’ पर आईएसआई (ISI) का ‘आतंकी हमला’ होने के बाद विश्व की नजरें पाकिस्तान व कनाडा के साथ-साथ दुनिया भर में बैठे ऐसे आतंकियों पर टिकी हैं जो देश-दुनिया में आतंक का पर्याय बन रहे हैं। भारत की 24 घंटे खुफिया व सुरक्षा एजेंसियां जुट गई है। इस आतंकी हमले का जवाब देने के लिए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के गांव के लोग भी हैं।
10 दिसंबर 2022 की रात 11 बजकर 22 मिनट पर राकेट प्रोपेल्ड ग्रेनेड (आरपीजी) से हमला करने वाले आतंकियों-गैंगस्टरों की गिनती पांच थी, यह सभी बाइक और एक ब्रेजा कार से आए थे। हरिके पत्तन के तरफ से सरहाली आते हुए एक ढाबे पर रूके तो सीसीटीवी में तस्वीरें कैद हुई हैं।
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सरहाली पुलिस थाने पर हमले की जिम्मेदारी खालिस्तान समर्थक कनाडा में बैठे गैंगस्टर लखबीर सिंह लंडा ने ली है। चौकाने वाली बात तो यह है कि आतंकी का घर सरहाली थाने से 14 किलोमीटर दूर है। एनआईए की एक टीम ने 24 घंटे पहली आतंकी लखबीर सिंह लंडा के घर दबिश दी है।
इसी कड़ी में अब तरनतारन के गैंगस्टर सतनाम उर्फ सतबीर सत्ता की तलाश की जा रही है। सत्ता आतंकी रिंदा और लंडा के नेटवर्क का हिस्सा है। इसके पहले शाहाबाद और कुरुक्षेत्र में आरडीएक्स मिलने के बाद से वो वांछित है। यह सभी सीमा पार से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी के नेटवर्क चला रहे हैं।
ऐसे में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ-साथ आतंकी लखबीर सिंह लंडा का मूल रूप से भारत के पंजाब प्रांत का तरनतारन जिला है और सरहाली थाने से पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शऱीफ के पूर्वजों का वही गांव है जहां 11 अप्रैल 2022 को उनके पाकिस्तान के 23वें प्रधानमंत्री बनने के बाद लड्डू बांटे गए थे, उसी गांव से करीब 20 किलोमीटर दूर सरहाली के पुलिस थाने पर हुए आतंकी हमला हुआ है।
सिक्योरिटी टाइट की जाए
आतंकी हमले की जानकारी खुफिया विभाग ने दी थी और 15 दिन पहले ही लिखित आदेश दिए गए थे कि पुलिस थानों पर हमला हो सकता है, सिक्योरिटी टाइट की जाए। सरहाली पुलिस थाने के सामने रिक्शा खड़ा करके ग्राहक के तलाश में खड़े दर्शन सिंह ने ठेठ पंजाबी में बातों ही बातों में कहते हैं कि सर ‘हाली’ ते शुरूआत हैगी, वैक्खो की ‘बणदा’ साड्डे पंजाब दा।
बात पते की थी, खैर आपने पढ़ लिया, देख लिया और सुन भी लिया कि यह हमला भारत में जरूर हुआ है लेकिन यह जिला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के पूर्वजों के घर पर हुआ है क्योंकि जालंधर से अमृतसर आते समय बाबा बकाला कस्बा है। बाबा बकाला के ही गांव जाति उमरा से ही पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ व मौजूदा प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का परिवार गया था।
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यह ऐसा गांव है जहां अधिकांश घरों के चिराग दुबई में नवाज शरीफ की फैक्टरियों में काम करते हैं। यह गांव शरीफ परिवार के पूर्वजों की समाध पर पूजा भी करता है। शरीफ परिवार ने पैतृक घर की जमीन गुरूघर को दे दी है , जहां शरीफ परिवार के लिए सुख-दुख में गांव वाले अरदास करते हैं।
पंजाब के पूर्व डिप्टी स्पीकर प्रोफेसर दरबारी लाल कहते हैं आतंक को ‘ शह ‘ दे रहा पाकिस्तान, ‘बाज’ नहीं आते आतंकी, पड़ोसी नहीं ‘शरीफ’ । आतंकी घटना पाकिस्तान की साजिश है, रिश्ते में हम हैं तो पाकिस्तान के ‘ बाप’, इसका जवाब पाकिस्तान को मिलना ही चाहिए।
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