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US News: अमेरिका से निकाले जाएंगे 18,000 भरतीय, इसमें पंजाबी सबसे ज्यादा, जाने वजह

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डेली संवाद, न्यूयार्क। US News: India Set To Take Back 18,000 Citizens From US - अमेरिका (America) में अवैध रूप से रह रहे 18,000 भारतीय (Indians) निकाले जाएंगे। इसमें सबसे ज्यादा संख्या पंजाबियों (Punjabi) की है। अमेरिकी वेबसाइट ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक इनके पास अमेरिका की नागरिकता नहीं है, वहां की नागरिकता हासिल करने के लिए सही कागज दस्तावेज भी नहीं हैं।

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अमेरिका (America) में पिछले महीने अवैध प्रवासियों से डील करने वाली सरकारी संस्था (ICE) ने करीब 15 लाख लोगों की एक सूची बनाई थी, जो अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे हैं। 18 हजार भारतीय इसी सूची का हिस्सा हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चार्ज संभालते हुए यह ऐलान किया है।

अमेरिका में अवैध प्रवासियों में 3% भारतीय

रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार वहां अवैध रूप से रह रहे अपने सभी नागरिकों की पहचान करने और उन्हें वापस लाने के लिए ट्रम्प प्रशासन के साथ मिलकर काम करने को तैयार है। इसमें बताया गया है कि भारत नहीं चाहता कि अवैध नागरिकों के मुद्दे का H-1B वीजा और स्टूडेंट वीजा जैसे कार्यक्रमों पर असर पड़े।

अमेरिकी सरकार के आंकड़ों के मुताबिक 2023 में 3,86,000 लोगों को H-1B वीजा दिया गया था, जिनमें से लगभग तीन-चौथाई भारतीय नागरिक हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अमेरिका में अवैध प्रवासियों के रहने के मामले में भारत का स्थान बहुत मामूली है।

2.50 लाख भारतीय अवैध

अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा डेटा के मुताबिक साल 2024 में अवैध प्रवासियों में सिर्फ 3% भारतीय नागरिक थे। मेक्सिको, वेनेजुएला और ग्वाटेमाला जैसे लैटिन अमेरिकी देशों की हिस्सेदारी इसमें सबसे ज्यादा है।

Donald Trump President of America
Donald Trump President of America

अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे भारतीय कितने हैं, इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। हालांकि पिछले साल होमलैंड सुरक्षा विभाग के एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया था कि 2022 तक अमेरिका में करीब 2 लाख 20 हजार भारतीय अवैध रूप से रह रहे थे।

अवैध प्रवासियों की संख्या करीब 7.25 लाख

प्यू रिसर्च सेंटर के साल 2022 की रिपोर्ट में अमेरिका में अवैध प्रवासियों की संख्या 10 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है। इसमें भारत से आनेवाले अवैध प्रवासियों की संख्या करीब 7 लाख 25 हजार हो सकती है। ट्रम्प ने सोमवार को शपथ लेने के बाद अवैध प्रवासियों की एंट्री बैन करने के अलावा जन्मजात नागरिकता (बर्थराइट सिटीजनशिप) को खत्म करने को लेकर भी एग्जीक्यूटिव ऑर्डर जारी किया है।

एग्जीक्यूटिव ऑर्डर वह आदेश होते हैं, जिन्हें राष्ट्रपति जारी करते हैं। उनका यह आदेश कानून बन जाता है जिसे कांग्रेस की मंजूरी की जरूरत नहीं होती। कांग्रेस इन्हें पलट नहीं सकती। हालांकि इन्हें अदालत में चुनौती दी जा सकती है।

PR In America
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जन्मजात नागरिकता कानून

ट्रम्प ने कहा कि वह अमेरिका-मेक्सिको सीमा पर नेशनल इमरजेंसी घोषित करेंगे। देश में अवैध एंट्री को तुरंत रोका जाएगा और सरकार लाखों अवैध प्रवासियों को उनके देश वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेगी। इसके बाद से ही अमेरिका में अवैध तरीके से रह रहे प्रवासियों पर खतरा मंडराने लगा है।

अमेरिकी संविधान का 14वां संशोधन बच्चों को जन्मजात नागरिकता की गारंटी देता है। अमेरिका में यह कानून 150 साल से लागू है। ट्रम्प ने जन्मजात नागरिकता को खत्म करने का फैसला किया है।

30 दिन का समय दिया

ट्रम्प ने उन माता-पिता के बच्चों को जन्मजात नागरिकता देने से इनकार करने का आदेश दिया है जो अमेरिका में अवैध रूप से रह रहे हैं या फिर अस्थायी वीजा लेकर रह रहे हैं। ट्रम्प ने इस आदेश को लागू करने के लिए 30 दिन का समय दिया है। प्यू रिसर्च सेंटर की 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक 16 लाख भारतीय बच्चों को अमेरिका में जन्म लेने की वजह से नागरिकता मिली है।

हालांकि ट्रम्प के आदेश में कहा गया है कि यह केवल उन लोगों पर लागू होगा जो इस आदेश की तारीख से 30 दिनों के बाद अमेरिका में जन्मे हैं। इसका मतलब है कि अमेरिका में भारतीयों की आने वाली पीढ़ी इसके दायरे में होगी।