डेली संवाद, चंडीगढ़।
Haryana News: सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चीफ इंजीनियर (Chief Engineer) को सस्पैंड (Suspend) कर दिया है। आरोप है कि चीफ इंजीनियर (Chief Engineer) ने बिना काम किए ही एक ठेकेदार को एडवांस पेमेंट कर दी थी। जिससे सरकार ने चीफ इंजीनियर को पहले ही चार्जशीट कर दिया था।
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(Haryana)
के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी (Nayab Singh Saini)ने रविवार को फरीदाबाद में मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (FMDA ) की मीटिंग में नगर निगम के चीफ इंजीनियर (Chief Engineer) को सस्पेंड कर दिया। बीके कर्दम ने अमृत योजना के ठेकेदार बृज गोपाल को बिना काम के एडवांस पेमेंट की थी। इस मामले में बीके कर्दम को चार्जशीट भी किया गया था।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मीटिंग में शिकायत सुनने के बाद उन्हें सस्पेंड करने के आदेश दिए। साथ ही पुलिस को FIR दर्ज करने के भी आदेश दिए। अभी बीके कर्दम हिसार में नगर निगम के चीफ इंजीनियर के पद पर तैनात थे।
इस मामले में कार्रवाई हुए
साल 2019 में अमृत योजना के तहत 150 करोड़ रुपए की लागत से सीवरेज लाइन, जलापूर्ति और बरसाती पानी निकासी का काम शुरू हुआ था। 5 साल बाद भी ठेकेदार की ओर से काम पूरा नहीं किया गया। जबकि नगर निगम की ओर से ठेकेदार को 80 फीसदी भुगतान किया जा चुका था। ठेकेदार ने कई स्थानों पर सीवर लाइन अधूरी छोड़ दी।
चीफ इंजीनियर कार्यालय ने भुगतान किया
ठेकेदार ने लाइन को मुख्य लाइन से नहीं जोड़ा। इसके साथ ही सीवर लाइन को STP लाइन से जोड़ने का काम किया जाना था। वह काम भी अधूरा है। अमृत योजना के तहत होने वाले काम के लिए थर्ड पार्टी वेब कोर्स एजेंसी बनाई गई थी। एजेंसी को ही सर्वे कर पुष्टि करनी थी कि काम पूरा हुआ है या नहीं। एजेंसी की रिपोर्ट में सामने आया कि चीफ इंजीनियर कार्यालय की ओर से भुगतान किया गया।
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Suspend Chief Engineer[/caption]
ठेकेदार ने काम करने से मना किया
कुछ दिन पहले शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल ने अमृत योजना के कार्यों को लेकर सेक्टर-16 सर्किट हाउस में बैठक बुलाई थी। इसमें चीफ इंजीनियर बीके कर्दम, कार्यकारी इंजीनियर नितिन कादियान और बृजगोपाल कंपनी के ठेकेदार भी मौजूद थे।
बैठक में मंत्री ने लंबित सभी कार्यों को पूरा करने के आदेश दिए। जिस पर ठेकेदार ने बैठक में ही आगे काम करने से मना कर दिया। इस पर मंत्री का गुस्सा और भी बढ़ गया। 2 महीने पहले ही चीफ इंजीनियर बीके कर्दम को सरकार ने चार्जशीट किया था।
नोटिस की कॉपी
1 दिसंबर 2020 को कार्यभार संभाला
1 दिसंबर 2020 को बीके कर्दम ने करनाल नगर निगम से ट्रांसफर होकर फरीदाबाद नगर निगम का कार्यभार संभाला था। 2020 में नगर निगम में हुए 50 करोड़ रुपए के घोटाले की जांच कर रहे चीफ इंजीनियर ठाकुर लाल शर्मा का ट्रांसफर कर दिया गया था और उनकी जगह बिजेंद्र कर्दम को नियुक्त किया गया था। अप्रैल 2025 में बीके कर्दम का हिसार ट्रांसफर हो गया था।