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UP News: बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट तक, योगी सरकार ने बनाया निवेश व विकास का नया मॉडल

UP News: बॉटलनेक से ब्रेकथ्रू स्टेट तक, योगी सरकार ने बनाया निवेश व विकास का नया मॉडल
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डेली संवाद, लखनऊ। UP News: उत्तर प्रदेश अब "बॉटलनेक" से "ब्रेकथ्रू" राज्य में परिवर्तित हो चुका है। और, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ( Yogi Adityanath ) का प्रदेश के लिए ऐसा कहना केवल एक राजनीतिक वक्तव्य नहीं, बल्कि पिछले साढ़े आठ से अधिक वर्षों में हुए संरचनात्मक सुधारों का परिणाम है। राज्य सरकार ने प्रशासनिक बाधाओं, पुरानी प्रक्रियाओं और जटिल अनुमतियों की संस्कृति को बदलते हुए निवेश और विकास के लिए एक नया मॉडल खड़ा करने में सफलता हासिल की। “मिनिमम गवर्नमेंट–मैक्सिमम गवर्नेंस” के सिद्धांत को व्यवहार में उतारते हुए नीतियों, प्रक्रियाओं और डिजिटल प्रणालियों को इस तरह जोड़ा गया कि उद्योग, निवेशक और आम नागरिके, तीनों को सीधा लाभ हुआ। विभागों के चक्कर लगाने की परंपरा ध्वस्त हुई, त्वरित मंजूरी की व्यवस्था स्थापित की गई और शासन व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनी।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में छलांग

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ने 2017-18 में 12वें स्थान से आगे बढ़ते हुए 2019 में दूसरा स्थान हासिल किया। वर्ष 2022 और 2024 में राज्य को ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा मिला, जबकि लॉजिस्टिक्स रैंकिंग में भी राज्य लगातार ‘अचीवर्स’ की श्रेणी में रहा। यह भी पढ़ें: जालंधर में सुपर क्रीमिका स्वीट्स और Zomato को लीगल नोटिस जारी वाणिज्य एवं उद्योग श्रेणी में गुड गवर्नेंस इंडेक्स 2021 में उत्तर प्रदेश शीर्ष स्थान पर रहा, यानी सुधार केवल कागज़ों पर नहीं, राष्ट्रीय स्तर पर मान्य और मापनीय रहे। यही नहीं, सरलीकरण और भूमि प्रशासन में उत्तर प्रदेश को ‘टॉप अचीवर’ घोषित किया गया, जिसने निवेश के रास्ते की पारंपरिक बाधाओं को हटाने में बड़ी भूमिका निभाई।

डिजिटल सिंगल विंडो सिस्टम बना गेमचेंजर

‘निवेश मित्र’ पोर्टल ने प्रदेश में औद्योगिक मंजूरियों की पूरी तस्वीर बदल दी। 45 विभागों की 525 से अधिक सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गईं, 20 लाख से अधिक स्वीकृतियां डिजिटल रूप से जारी हुईं और 97% से अधिक आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण हुआ। उपयोगकर्ताओं में 96% संतोष दर्ज होना इस व्यवस्था की विश्वसनीयता का प्रमाण है। अब निवेश मित्र 3.0 विकसित किया जा रहा है, जो AI आधारित डैशबोर्ड, रीयल-टाइम ट्रैकिंग, स्वचालित सूचनाओं और राष्ट्रीय सिंगल विंडो सिस्टम से एकीकृत व्यवस्था के साथ अगले स्तर का स्मार्ट गवर्नेंस मॉडल प्रस्तुत करेगा।

नियामक अनुपालन का सरलीकरण

उद्योग जगत की सबसे बड़ी शिकायत, जटिल अनुपालन प्रणाली को योगी सरकार ने व्यवस्थित तरीके से संशोधित किया। 65 विभागों में 4,675 अनुपालन कम किए गए। 4,098 अनुपालनों का डिजिटलीकरण एवं सरलीकरण किया गया। 577 अनुपालन अपराधमुक्त (डीक्रिमिनलाइज) किए गए। 948 पुराने अधिनियम/नियम/विनियम निरस्त किए गए। इसके साथ ही, ट्रेड लाइसेंस की अनिवार्यता समाप्त हुई, 20 से कम कर्मचारियों वाली दुकानों के लिए पंजीकरण आवश्यकता हटाई गई और श्रम, अग्निशमन, परिवहन, विधिक माप विज्ञान में अपराधों की कम्पाउंडिंग व्यवस्था लागू कर व्यवसाय-हितैषी वातावरण बनाया गया। [caption id="attachment_98179" align="aligncenter" width="1200"] CM Yogi Adityanath CM Yogi Adityanath[/caption]

यूपी की निवेश नीतियों को केंद्र ने भी दी मान्यता

डी-रेगुलेशन के क्षेत्र में किए गए इन सुधारों को केंद्र सरकार ने भी औपचारिक रूप से मान्यता दी है। केंद्र द्वारा संचालित “डी-रेगुलेशन 1.0” कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर पहला स्थान प्राप्त हुआ है। यह रैंकिंग केवल कागजी मूल्यांकन नहीं, बल्कि जमीन पर लागू किए गए सुधारों के आधार पर दी गई है। अनावश्यक अनुपालन समाप्त करने, लाइसेंस प्रक्रियाओं को सरल बनाने और दंडात्मक प्रावधानों को घटाकर सुधारात्मक दृष्टिकोण अपनाने से उद्योगों के कामकाज में गति आई है। इस मान्यता ने निवेशकों का भरोसा मजबूत किया और उत्तर प्रदेश को एक स्थिर, पारदर्शी और एक ऐसे राज्य के रूप में स्थापित किया है, जहां निवेशकों को नियमों की अनिश्चितता नहीं झेलनी पड़ती।

उद्योग स्थापना से बदली जमीनी तस्वीर

एक्सप्रेसवे, डिफेंस कॉरिडोर, औद्योगिक पार्क, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर और लॉजिस्टिक्स हब, इन सबने उत्तर प्रदेश को उभरते औद्योगिक पावरहाउस के रूप में स्थापित किया है। नए निवेश ने रोजगार, निर्यात और एमएसएमई क्षेत्र को नई ऊर्जा दी है और वैश्विक निवेशकों का विश्वास राज्य के प्रति बढ़ा है।