डेली संवाद, नई दिल्ली/उज्जैन/वाराणसी/देवघर।
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में आधी रात से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। 12 ज्योतिर्लिंगों सहित प्रमुख शिवालयों में विशेष पूजन और दर्शन की व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिरों में ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।
महाकालेश्वर मंदिर में 44 घंटे होंगे दर्शन
महाशिवरात्री
(Mahashivratri 2026)
पर मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर (Mahakaleshwar Temple) में महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) पर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर के पट रात 2:30 बजे खोल दिए गए। यहां लगातार 44 घंटे तक श्रद्धालु दर्शन-पूजन कर सकेंगे।
[caption id="attachment_102427" align="aligncenter" width="1200"]
Maha Shiv Ratri[/caption]
इस दौरान शयन आरती नहीं होगी। मंदिर प्रशासन के अनुसार, आज करीब 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। भगवान महाकाल (Mahakal) को दूल्हे के रूप में सजाने के लिए 3 क्विंटल फूल मंगवाए गए हैं।
100 किलो आंवले के फूल, सवा लाख बेलपत्र और 200 किलो देशी फूलों से 11 फीट लंबा सेहरा तैयार किया गया है। 16 फरवरी को दोपहर 12 बजे वर्ष में एक बार होने वाली भस्म आरती भी आयोजित की जाएगी।
[caption id="attachment_102429" align="aligncenter" width="1200"]
Maha ShivRatri[/caption]
ओंकारेश्वर में 24 घंटे दर्शन
खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर मंदिर (Omkareshwar Temple) को रात 3 बजे से दर्शन के लिए खोल दिया गया। यहां 24 घंटे निरंतर दर्शन-पूजन की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
काशी विश्वनाथ में मंगला आरती के बाद खुले पट
उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ मंदिर (Kashi Vishwanath Temple) में रात 2:15 बजे मंगला आरती संपन्न हुई। इसके बाद सुबह 3:30 बजे मंदिर श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया। रात से ही भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। प्रशासन ने सुचारू दर्शन के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है।
[caption id="attachment_8004" align="aligncenter" width="800"]
Lord Shiva[/caption]
देवघर में पंचशूल पूजा और शिव-पार्वती विवाह
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम (Baidyanath Dham) में परंपरानुसार पंचशूलों की विशेष पूजा की गई। इसके बाद मंदिर के शिखरों पर पंचशूलों की पुनर्स्थापना की गई और बाबा बैद्यनाथ (Baba Baidyanath) व माता पार्वती का पारंपरिक गठबंधन संपन्न हुआ।
महाशिवरात्रि पर सुबह 3:15 बजे विशेष पूजा की गई तथा 4:25 बजे मंदिर के पट आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। रविवार को यहां शिव-पार्वती विवाह उत्सव मनाया जाएगा और शाम को भव्य शिव बारात निकाली जाएगी।
महाशिवरात्रि (Mahashivratri 2026) के अवसर पर देशभर के शिवालयों में श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर है और पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है।