डेली संवाद, बांदा।
ED Raid News Update: आयकर विभाग (Income Tax) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बुंदेलखंड क्षेत्र में खनन और उससे जुड़े कारोबारियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई शहरों में एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पूर्व विधायक युवराज सिंह और उनके भाई सहित आठ खनन कारोबारियों से जुड़े ठिकानों से अब तक लगभग 16 करोड़ रुपये की नकदी और जेवरात बरामद किए गए हैं। इसमें करीब आठ करोड़ रुपये नकद और लगभग इतनी ही कीमत के आभूषण बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार
ईडी (ED)
की यह कार्रवाई करीब 40 घंटे से लगातार जारी है। आयकर विभाग (Income Tax) की 26 टीमों में शामिल लगभग 200 अधिकारी और कर्मचारी बांदा, महोबा, हमीरपुर, गाजियाबाद, नोएडा, लखनऊ, गोरखपुर, भोपाल और दिल्ली में स्थित घरों, कार्यालयों और अन्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों द्वारा आय-व्यय से जुड़े दस्तावेजों, बैंक खातों और संपत्ति से संबंधित कागजातों की गहन पड़ताल की जा रही है।
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Enforcement Directorate[/caption]
कई शहरों में रेड
जांच के दौरान खनन कारोबारी सोमेश भारद्वाज के घर और कार्यालय के साथ ही लखनऊ (Luckonw) स्थित उनके आवास पर भी छापेमारी की गई। उनके मुनीम शारदा साहू से संपत्ति और आय के स्रोतों के बारे में पूछताछ की गई। प्रारंभिक जांच में आय-व्यय से जुड़े कागजों में हेराफेरी के संकेत मिलने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिन कारोबारियों के यहां जांच चल रही है, उनका कारोबार खनन के अलावा रियल एस्टेट, एविएशन, स्वास्थ्य सेवाओं और मैनपावर सप्लाई जैसे क्षेत्रों में भी फैला हुआ है।
आयकर विभाग (Income Tax) की यह कार्रवाई कानपुर के आयकर उपनिदेशक (जांच) ऋषिराज के नेतृत्व में बुधवार सुबह करीब छह बजे शुरू हुई थी। जांच के दायरे में पूर्व विधायक युवराज सिंह, उनके भाई और मौरंग कारोबारी सीरजध्वज, महोबा के पेट्रोल पंप और खनन कारोबारी तथा लोकसभा चुनाव में बसपा प्रत्याशी रहे दिलीप सिंह, बिजली विभाग के ठेकेदार शशांक शेखर, अवनि परिधि अस्पताल के संचालक अज्ञात गुप्ता, कारोबारी शिवशरण सिंह और राहुल सिंह शामिल हैं।
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Income Tax Raid[/caption]
दो दिन चली छापेमारी
अधिकारियों ने सभी संदिग्धों के मोबाइल फोन बंद करवा दिए हैं और शिफ्टवार टीमें दिन-रात दस्तावेजों की जांच कर रही हैं। सूत्रों का कहना है कि जैसलमेर में दिलीप सिंह की बेटी के भव्य शादी समारोह में हुए भारी खर्च के बाद विभाग की नजर इन कारोबारियों पर गई थी। गौरतलब है कि युवराज सिंह वर्ष 2019 में हमीरपुर सीट से उपचुनाव जीतकर विधायक बने थे। यह सीट तत्कालीन विधायक अशोक चंदेल को हत्या के मामले में सजा होने के बाद खाली हुई थी।
वहीं, छापेमारी को लेकर युवराज सिंह ने सोशल मीडिया पर अपनी सफाई देते हुए कहा कि वह शहर से बाहर हैं और इस कार्रवाई से उनका कोई संबंध नहीं है। उन्होंने इसे राजनीतिक विद्वेष के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश बताया है। बांदा के आयकर अधिकारी शिवशंकर मिश्रा के अनुसार यह कार्रवाई उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी जांच जारी है और पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।