डेली संवाद, नई दिल्ली/तेलंगाना।
Bandi Sanjay Kumar: केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार (Bandi Sanjay Kumar) के बेटे बंदी भागीरथ साई (Bandi Bhagirath Sai) को तेलंगाना पुलिस ने नाबालिग लड़की से कथित दुष्कर्म के मामले में हिरासत में ले लिया है। 25 वर्षीय भगीरथ साई पर पॉक्सो एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
मामले को लेकर केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार
(Bandi Sanjay Kumar)
ने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने अपने बेटे को जांच में सहयोग करने के लिए पुलिस के सामने पेश किया है। हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह आत्मसमर्पण नहीं था, बल्कि आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया गया है।
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न्यायपालिका का पूरा सम्मान
केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में लिखा, “सत्यमेव जयते। कानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हुए मेरा बेटा बंदी भगीरथ हमारे वकीलों के जरिए तेलंगाना पुलिस के सामने जांच के लिए गया है।” उन्होंने कहा कि कानून की नजर में सभी बराबर हैं, चाहे वह उनका अपना बेटा ही क्यों न हो।
बंदी संजय कुमार ने यह भी कहा कि उनके बेटे ने लगातार खुद को निर्दोष बताया है। मंत्री के अनुसार, कानूनी विशेषज्ञों से सलाह लेने और उपलब्ध सबूतों पर चर्चा के बाद उन्हें सलाह दी गई कि मामले का समाधान कानूनी प्रक्रिया के तहत ही किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया जाना चाहिए और न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान होना चाहिए।
केंद्रीय मंत्री ने अपने बयान में न्याय व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा,
मुझे न्याय प्रणाली पर पूरा विश्वास है। न्याय में देरी हो सकती है, लेकिन न्याय से इनकार नहीं किया जा सकता।”
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Bandi Sanjay Kumar's son denied relief in POCSO case[/caption]
आरोपी से पूछताछ
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मामले की जांच जारी है और आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां डिजिटल सबूतों और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल अदालत में मामले की अगली सुनवाई का इंतजार किया जा रहा है।
यह मामला सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने भी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया है, जबकि सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहस तेज हो गई है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ाई जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।