GST Scam in Punjab: पंजाब में करोड़ों की GST चोरी का पर्दाफाश, लोहा-स्क्रैप और स्टील से लोड 145 ट्रकों की चैकिंग, 4.35 करोड़ का माल जब्त, करोड़ों का जुर्माना ठोका
डेली संवाद, चंडीगढ़/लुधियाना/जालंधर/खन्ना।
GST Scam in Punjab: केंद्र और पंजाब सरकार की तमाम सख्ती के बाद GST स्कैम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। मंडी गोबिंदगढ़, खन्ना, लुधियाना और जालंधर में रोज करोड़ों रुपए की जीएसटी की बोगस बिलिंग हो रही है। इसका खुलासा खुद पंजाब के वित्त आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने किया है। अफसरों की मुस्तैदी से 4.35 करोड़ रुपए का माल जब्त किया गया है।
पंजाब के वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने खुलासा किया है कि राज्य के कर विभाग द्वारा लोहे और स्टील क्षेत्र पर केंद्रित एक बड़े प्रवर्तन अभियान के दौरान 145 से अधिक वाहनों को रोका गया तथा लगभग 4.35 करोड़ रुपये मूल्य का माल जब्त किया गया।
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फर्जी बिलिंग नेटवर्क ध्वस्त
आबकारी एवं कर मंत्री चीमा ने बताया, “मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना क्षेत्र में चलाया गया यह व्यापक अभियान विशेष रूप से फर्जी बिलिंग नेटवर्कों को ध्वस्त करने और बिना दस्तावेजों के माल की ढुलाई को रोकने के लिए तैयार किया गया था। इस कार्रवाई के तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों पर 2.5 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगने की संभावना है।”
कार्रवाई के विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि 5 जून 2026 को की गई सफल प्रवर्तन कार्रवाई की गति को बनाए रखते हुए स्टेट इन्वेस्टिगेशन एंड प्रिवेंशन यूनिट्स (सिपू) ने इस नवीनतम समन्वित अभियान को अंजाम दिया। उन्होंने कहा, “सिपू लुधियाना, जालंधर, शंभू, पटियाला और बठिंडा की संयुक्त टीमों ने राज्य के प्रमुख लौह एवं इस्पात केंद्रों में कर चोरी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम किया।”
145 वाहनों की चैकिंग
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आगे बताया कि इस विशेष अभियान के परिणामस्वरूप लोहे के स्क्रैप, स्टील उत्पादों तथा संबंधित सामग्री की ढुलाई करने वाले 145 से अधिक वाहनों को गहन जांच के लिए रोका गया। उन्होंने कहा, “पकड़े गए माल की कुल मात्रा 145 मीट्रिक टन से अधिक आंकी गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग 4.35 करोड़ रुपये है।”
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच में ऐसे कई मामले सामने आए हैं, जिनमें औद्योगिक माल बिना वैध इनवॉइस और ई-वे बिल के ले जाया जा रहा था अथवा अत्यंत संदिग्ध एवं अप्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर परिवहन किया जा रहा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस समय व्यापक जांच जारी है और सभी उल्लंघनकर्ताओं के विरुद्ध जीएसटी अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई पहले ही शुरू कर दी गई है।
कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा कि आबकारी एवं कर विभाग सूचना-आधारित कार्रवाइयों के माध्यम से राज्य के राजस्व की रक्षा करने तथा निष्पक्ष व्यापारिक प्रथाओं को बढ़ावा देने के अपने संकल्प पर अडिग है। उन्होंने कहा कि जीएसटी अनुपालन को सख्ती से सुनिश्चित करने और ईमानदार करदाताओं के हितों की रक्षा के लिए पंजाब भर में सिपू टीमों द्वारा इस प्रकार की समन्वित कार्रवाइयां लगातार जारी रहेंगी।
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जालंधर का K ट्रांसपोर्टर है माफिया
सूत्र बताते हैं कि जीएसटी की बोगस बिलिंग का काम जालंधर के दो बड़े ट्रांसपोर्टर कर रहे हैं। इसमें एक इंडस्ट्रियल एरिया सोढ़ल में दफ्तर खोल रखा है। यहां कुछ अफसरों की सैटिंग के बाद बिना बिल या बोगस बिलिंग के जरिए स्क्रैप व लोहा की ढुलाई करने का ठेका ये ट्रांसपोर्टर लेता है। K शब्द वाले ट्रांसपोर्टर के ठिकानों पर पिछले कुछ साल में छापा भी पड़ा, लेकिन सैंटिंग की बदौलत वह बाहर आ गया।
जानकारी के मुताबिक जालंधर में कुछ ईमानदार जीएसटी अफसर इस ट्रांसपोर्टर के खिलाफ एक्शन लेना चाहते हैं, लेकिन विभाग ही कुछ दागी अफसर मोटा पैसा लेकर इस ट्रांसपोर्टर को बचाने का काम करते हैं। फिलहाल उक्त ट्रांसपोर्टर पर केंद्रीय जीएसटी टीम की निगाह है, जिससे इस ट्रांसपोर्टर पर कभी भी कार्ऱवाई हो सकती है।
इन इलाकों में है गोदाम
उधर, जालंधर-लुधियाना और खन्ना से मंडी गोबिंदगढ़ तक फैले जीएसटी बोगस बिलिंग के खेल में करोड़ों रुपए की चोरी हो रही है। इसमें स्क्रैप, लोहा, स्टील, तांबा और पीतल की गाड़ियां शामिल हैं। इन कारोबारियों में 120 फुटी रोड, 66 फुटी रोड समेत शहर के बाहरी इलाकों में बड़े गोदाम है। यहां हजारों टन माल बिना बिल के ही आता जाता रहता है।
यहीं नहीं, पिछले महीने बस्तियात इलाके के दो गोदामों में आग लगी थी, जहां करोड़ों रुपए के माल जलकर स्वाहा हो गए। करोड़ों रुपए इस माल को न तो कोई बिल था न ही कोई बिल्टी। बताया जा रहा है कि गोदाम मालिकों द्वारा फायर ब्रिगेड के कुछ अफसरों को मैनेज कर रिपोर्ट बनाई गई। लेकिन जानकारी बताते हैं कि करीब 10 करोड़ रुपए का माल जलकर स्वाहा हो गया। अगर इसकी जांच की जाए तो बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी का मामला उजागर हो सकता है।