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Punjab News: नगर निगम के एसई को थप्पड़ मारने वाले पार्षद के खिलाफ FIR, सरकारी रिकॉर्ड फाड़ने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप

Punjab News: नगर निगम के एसई को थप्पड़ मारने वाले पार्षद के खिलाफ FIR, सरकारी रिकॉर्ड फाड़ने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप
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डेली संवाद, लुधियाना। Punjab News: पंजाब के लुधियाना में नगर निगम के जोन-बी कार्यालय में सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर (एसई) के साथ कथित मारपीट और बदसलूकी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के पार्षद चतरवीर सिंह उर्फ कमल अरोड़ा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। यह कार्रवाई नगर निगम कमिश्नर द्वारा पुलिस कमिश्नर को भेजी गई शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस ने 12 जून को थाना डिवीजन नंबर-3 में पार्षद के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं 221, 132, 324(4), 352, 351(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोप है कि 10 जून को नगर निगम के जोन-बी कार्यालय में एसई प्रवीन सिंगला के साथ हाथापाई की गई थी।

एसई ने लगाए गंभीर आरोप

सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर प्रवीन सिंगला ने अपनी शिकायत में बताया कि 10 जून 2026 को दोपहर करीब 1 बजे वह अपने कार्यालय में नियमित सरकारी कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वार्ड नंबर 20 के पार्षद चतरवीर सिंह उर्फ कमल अरोड़ा अपने एक अज्ञात साथी के साथ उनके केबिन में पहुंचे।

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शिकायत के अनुसार, सड़क निर्माण कार्य को लेकर पार्षद काफी नाराज थे और कार्यालय में पहुंचते ही उन्होंने गाली-गलौज शुरू कर दी। एसई ने जब उन्हें बताया कि संबंधित कार्य स्थानीय विधायक दलजीत सिंह गरेवाल की जानकारी में किया जा रहा है, तो पार्षद और अधिक भड़क गए। आरोप है कि उन्होंने ऑन-ड्यूटी अधिकारी का कॉलर पकड़ लिया और हाथापाई शुरू कर दी।

अज्ञात साथी ने भी दिया साथ

शिकायत में कहा गया है कि पार्षद के साथ आया अज्ञात व्यक्ति भी पूरी घटना में शामिल था। एसई के अनुसार, जब पार्षद ने उनके साथ धक्का-मुक्की शुरू की तो उसका साथी भी उनके खिलाफ आक्रामक रवैया अपनाते हुए मारपीट में शामिल हो गया। एसई प्रवीन सिंगला ने आरोप लगाया कि दोनों व्यक्तियों ने उनकी टेबल पर रखी महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों और दस्तावेजों को फाड़ दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड को नुकसान पहुंचाते हुए दोनों आरोपी लगातार बदसलूकी और धक्का-मुक्की करते रहे। इस घटना से सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई और महत्वपूर्ण दस्तावेज क्षतिग्रस्त हो गए।

जान से मारने की धमकी देने का आरोप

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि हाथापाई के दौरान दोनों आरोपियों ने अधिकारी को लगातार जान से मारने की धमकियां दीं। एसई का कहना है कि उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी गई और कार्यालय परिसर में खुलेआम डराने-धमकाने की कोशिश की गई। घटना के दौरान कार्यालय में मौजूद अन्य कर्मचारियों और सरकारी ठेकेदार विपल टक्कल ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभालने का प्रयास किया। शोर सुनकर जूनियर इंजीनियर गौरव कुमार और एमडीओ बलसिंह सिंह भी मौके पर पहुंचे। शिकायतकर्ता का कहना है कि अगर समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी।

कुर्सी फेंकने का भी आरोप

एसई ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि पार्षद ने गुस्से में उनकी ओर एक कुर्सी भी फेंकी। हालांकि उन्होंने पीछे हटकर खुद को बचा लिया। कुर्सी सीधे सरकारी अलमारी से टकराई, जिससे कुर्सी टूट गई और अलमारी को भी नुकसान पहुंचा।

कमल अरोड़ा ने आरोपों को बताया झूठा

दूसरी ओर, पार्षद कमल अरोड़ा ने मारपीट के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उनके और अधिकारी के बीच केवल तीखी बहस हुई थी, लेकिन किसी प्रकार की मारपीट नहीं हुई। उन्होंने दावा किया कि एफआईआर दर्ज होने की जानकारी उन्हें दो दिन बाद मिली।

वीडियो जारी कर एसई पर लगाए आरोप

घटना के बाद जारी एक वीडियो में कमल अरोड़ा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके वार्ड से संबंधित विकास कार्यों की फाइलें लंबे समय से लंबित थीं। उनका आरोप है कि संबंधित अधिकारी फाइलों को मंजूरी नहीं दे रहे थे और बार-बार अनुरोध के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही थी। अरोड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी सत्तारूढ़ दल के दबाव में विपक्षी पार्षदों के वार्डों के विकास कार्यों की अनदेखी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को अपने क्षेत्र की समस्याएं अधिकारियों के सामने रखने का अधिकार है।

पुलिस जांच जारी

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला अब लुधियाना की राजनीति और नगर निगम प्रशासन के बीच चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।