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Punjab Congress News: अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ही रहेंगे पंजाब कांग्रेस के प्रधान, पूर्व सीएम चरणजीत चन्नी को भी मिली बड़ी जिम्मेदारी

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डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab Congress News: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले कांग्रेस हाईकमान ने राज्य में बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए चुनावी तैयारियों को गति दे दी है। पार्टी ने अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग (Amarinder Singh Raja Warring) को पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष (PPCC Chief) बनाए रखा है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री और जालंधर से सांसद चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjit Singh Channi) को कैंपेन कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। वहीं प्रताप सिंह बाजवा को कांग्रेस विधायक दल (CLP) का नेता बरकरार रखा गया है। ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बुधवार को नई संगठनात्मक समितियों की सूची जारी की। बताया जा रहा है कि इन नियुक्तियों को अंतिम रूप देने से पहले दिल्ली में कांग्रेस हाईकमान ने लगातार कई बैठकें कर चुनावी रणनीति तैयार की थी। [caption id="attachment_12777" align="aligncenter" width="1200"] Amarinder Singh Raja Warring Amarinder Singh Raja Warring[/caption]

इनको मिली अहम जिम्मेदारी

कांग्रेस ने विजय इंदर सिंगला (Vijay Inder Singla) को इलेक्शन मैनेजमेंट एंड कोऑर्डिनेशन कमेटी का चेयरपर्सन बनाया है। वहीं सुखजिंदर सिंह रंधावा (Sukhjinder Singh Randhawa) को कोर कमेटी की कमान और डॉ. अमर सिंह को मेनिफेस्टो कमेटी का चेयरमैन नियुक्त किया गया है।

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पार्टी ने संगठन और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने के लिए विभिन्न समितियों में कुल 21 वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया है। इसका उद्देश्य क्षेत्रीय और सामाजिक संतुलन बनाए रखना तथा गुटबाजी को कम करना बताया जा रहा है। [caption id="attachment_8109" align="aligncenter" width="1200"] charanjit-singh-channi charanjit-singh-channi[/caption]

तीन नए वर्किंग प्रेसिडेंट नियुक्त

कांग्रेस हाईकमान ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी में तीन नए वर्किंग प्रेसिडेंट भी नियुक्त किए हैं। इनमें सुखविंदर सिंह डैनी, राज कुमार वेरका और पूर्व मंत्री संगत सिंह गिलजियां को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं कैंपेन कमेटी में सुखपाल सिंह खैहरा, राणा गुरजीत सिंह और सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी को को-चेयरपर्सन बनाया गया है।

चुनावी समितियों में वरिष्ठ नेताओं को जगह

इलेक्शन मैनेजमेंट एंड कोऑर्डिनेशन कमेटी में पूर्व डिप्टी सीएम ओपी सोनी, पूर्व मंत्री रजिया सुल्ताना, भारत भूषण आशु, कुलजीत सिंह नागरा और अंगद सिंह सैनी को को-चेयरपर्सन बनाया गया है। इसी तरह मेनिफेस्टो कमेटी में सांसद गुरजीत सिंह औजला, विधायक परगट सिंह, पूर्व विधायक हरदयाल सिंह कंबोज और पूर्व मंत्री सुखबिंदर सिंह सरकारिया को भी अहम जिम्मेदारी दी गई है।

चार बैठकों के बाद बनी रणनीति

पंजाब कांग्रेस के नए संगठनात्मक ढांचे को अंतिम रूप देने से पहले हाईकमान ने कई दौर की बैठकें कीं।
  • 29 मई 2026 को मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी ने पंजाब नेताओं के साथ बैठक कर अनुशासन और गुटबाजी पर चर्चा की।
  • 16 से 18 जून के बीच ऑब्जर्वर कमेटी ने सांसदों, विधायकों और जिला अध्यक्षों से फीडबैक लिया।
  • 21 जून को राहुल गांधी ने पंजाब के प्रमुख नेताओं से अलग-अलग मुलाकात कर चुनावी रणनीति पर चर्चा की।
  • 25 जून को केसी वेणुगोपाल की मौजूदगी में नए संगठनात्मक ढांचे को अंतिम मंजूरी दी गई।
[caption id="attachment_15495" align="aligncenter" width="1200"] PARTAP-SINGH-BAJWA PARTAP-SINGH-BAJWA[/caption]

सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन पर फोकस

कांग्रेस ने इस बार संगठन में मालवा, माझा और दोआबा तीनों क्षेत्रों को संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की है। 69 सीटों वाले मालवा क्षेत्र से दलित चेहरे चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेन कमेटी की जिम्मेदारी देकर बड़ा संदेश दिया गया है। माझा क्षेत्र से सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप सिंह बाजवा को अहम जिम्मेदारियां देकर जट सिख नेतृत्व को मजबूत किया गया है। वहीं दोआबा क्षेत्र, जहां दलित और एनआरआई आबादी अधिक है, वहां राज कुमार वेरका, संगत सिंह गिलजियां और सुखविंदर सिंह डैनी को वर्किंग प्रेसिडेंट बनाकर क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और सभी गुटों को साथ लेकर चलने की रणनीति अपनाई है। अब देखना होगा कि यह नया संगठनात्मक ढांचा आगामी चुनाव में पार्टी को कितना फायदा पहुंचा पाता है।