डेली संवाद, जालंधर।
Punjab News: कनाडा (Canada) के ओंटारियो प्रांत में पंजाबी मूल की 27 वर्षीय युवती पर किराये के मकानों के नाम पर लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा है। पील रीजनल पुलिस ने ब्रैम्पटन निवासी सवरीत कौर को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने सोशल मीडिया पर फर्जी रेंटल विज्ञापन पोस्ट कर 17 लोगों से करीब 60 हजार कनाडाई डॉलर (लगभग 41 लाख रुपये) की ठगी की। पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की अपील करते हुए आरोपी की तस्वीर भी जारी की है।
पुलिस के अनुसार यह कथित ठगी मई 2025 से फरवरी 2026 के बीच की गई। सवरीत कौर ने फेसबुक, इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ब्रैम्पटन इलाके में बेसमेंट और अपार्टमेंट किराये पर उपलब्ध होने के आकर्षक विज्ञापन डाले। हर प्रॉपर्टी का मासिक किराया लगभग 1700 कनाडाई डॉलर बताया गया, जिससे कई लोग उसकी बातों पर भरोसा कर बैठे।
[caption id="attachment_8279" align="aligncenter" width="1200"]
Fraud[/caption]
60 हजार डॉलर से अधिक की रकम ठगी
विज्ञापन देखने के बाद कई लोगों ने आरोपी से संपर्क किया। उसने खुद को मकान उपलब्ध कराने वाली बताकर पीड़ितों के साथ रेंटल एग्रीमेंट किए और पहले तथा आखिरी महीने के किराये के नाम पर एडवांस राशि ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली। लोगों को भरोसा दिलाया गया कि तय तारीख पर उन्हें मकान मिल जाएगा। मामले का खुलासा तब हुआ जब पीड़ित अपना सामान लेकर बताए गए पतों पर रहने पहुंचे। वहां पहुंचकर उन्हें पता चला कि जिन मकानों का किराया उन्होंने दिया था, वे किराये के लिए उपलब्ध ही नहीं थे।
कई घरों में पहले से लोग रह रहे थे, जबकि कुछ संपत्ति मालिकों को इस पूरे मामले की कोई जानकारी ही नहीं थी। सबसे बड़ी परेशानी उन लोगों को हुई जिन्होंने नया घर मिलने की उम्मीद में अपना पुराना मकान पहले ही खाली कर दिया था। शिकायत मिलने के बाद पील रीजनल पुलिस ने जांच शुरू की। जांच के दौरान ऐसे 17 अलग-अलग मामलों का खुलासा हुआ, जिनमें सभी पीड़ितों से कुल 60 हजार डॉलर से अधिक की रकम ठगी गई। किसी भी पीड़ित को न तो वादा किया गया मकान मिला और न ही उनकी जमा राशि वापस की गई।
13 जुलाई को सवरीत कौर को गिरफ्तार कर लिया
पुलिस ने पर्याप्त सबूत मिलने के बाद 13 जुलाई को सवरीत कौर को गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उसे बेल हियरिंग के लिए ओंटारियो कोर्ट ऑफ जस्टिस की हिरासत में रखा गया है। पुलिस ने 22 जुलाई को मीडिया के माध्यम से गिरफ्तारी की जानकारी सार्वजनिक की और लोगों से अपील की कि यदि कोई अन्य व्यक्ति भी इसी तरह की ठगी का शिकार हुआ है तो वह आगे आकर शिकायत दर्ज कराए।
पील रीजनल पुलिस ने विशेष रूप से अप्रवासियों, छात्रों और नए किराएदारों को सलाह दी है कि सोशल मीडिया पर मिले रेंटल विज्ञापनों पर आंख बंद करके भरोसा न करें। किसी भी प्रॉपर्टी के लिए एडवांस भुगतान करने से पहले स्वयं जाकर मकान का निरीक्षण करें, मालिक की पहचान की पुष्टि करें और सभी दस्तावेजों की अच्छी तरह जांच करने के बाद ही किसी प्रकार का भुगतान करें। पुलिस का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी लोगों को इस तरह की ऑनलाइन ठगी से बचा सकती है।