डेली संवाद, नई दिल्ली। Delhi Jal Board Scam: दिल्ली जल बोर्ड (DJB) से जुड़े कथित घोटाले के मामले में एंटी करप्शन ब्रांच (ACB) ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार किया है। मामला दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) से जुड़े टेंडरों में कथित अनियमितताओं का है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस मामले में दिल्ली सरकार की एंटी करप्शन ब्रांच की एफआईआर के आधार पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की थी। ED ने दिसंबर 2025 में इस मामले में सत्येंद्र जैन समेत 14 लोगों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी।
सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के टेंडर जांच के घेरे में
मामला दिल्ली जल बोर्ड के कई सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स के विस्तार और अपग्रेडेशन के लिए जारी किए गए चार टेंडरों से जुड़ा है। ED के अनुसार, जांच में टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर हेरफेर और एक विशेष तकनीक को बढ़ावा देने के आरोप सामने आए थे।
जांच एजेंसी ने आरोप लगाया है कि टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी के जरिए एक कंपनी को फायदा पहुंचाया गया और कमीशन/रिश्वत के तौर पर रकम के लेन-देन की बात सामने आई।

ED ने दाखिल की थी चार्जशीट
इस मामले में ED ने अपनी जांच के आधार पर सत्येंद्र जैन सहित कई आरोपियों के खिलाफ अभियोजन शिकायत दाखिल की थी। एजेंसी के अनुसार, मामले में कथित अपराध से जुड़े करीब 17.70 करोड़ रुपये के प्रोसीड्स ऑफ क्राइम की जांच की गई।
ED ने करीब 15.36 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी प्रोविजनली अटैच की थीं। सत्येंद्र जैन उस समय दिल्ली सरकार में मंत्री और दिल्ली जल बोर्ड के चेयरमैन थे, जब जांच के दायरे में आए टेंडर जारी किए गए थे।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी
ACB की गिरफ्तारी के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। जांच एजेंसी सत्येंद्र जैन से कथित टेंडर अनियमितताओं, भुगतान और अन्य आरोपियों के साथ संबंधों को लेकर पूछताछ कर सकती है।
यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि मामले में लगाए गए आरोप अभी जांच और न्यायिक प्रक्रिया का विषय हैं। किसी आरोपी की गिरफ्तारी या जांच एजेंसी के आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं हैं। अंतिम फैसला अदालत की प्रक्रिया के बाद ही होगा।