डेली संवाद, आगरा। GST Scam News: रेलवे पार्सल के जरिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल कर जीएसटी (GST) चोरी करने के बड़े मामले का खुलासा हुआ है। विजिलेंस जांच में सामने आया कि करीब 42 लाख रुपये के माल को केवल 2 लाख रुपये का दिखाकर दूसरे राज्यों में भेजा गया। यह मामला उत्तर प्रदेश के आगरा का है।
इस मामले में तत्कालीन सहायक आयुक्त वाणिज्यकर संदीप कुमार सिंह, वाणिज्य कर अधिकारी देवेश पांडेय, सतीश चंद्र और ट्रांसपोर्टर असलम कुरैशी के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज किया गया है। इस खुलासे के बाद जीएसटी (GST) विभाग के अफसरों पर सवाल खड़े हो गए हैं।
वर्ष 2023 में शासन तक पहुंची थी शिकायत
जानकारी के अनुसार वर्ष 2023 में शासन को शिकायत मिली थी कि आगरा फोर्ट (Agra Fort) रेलवे स्टेशन से रेलवे पार्सल बोगी के माध्यम से फर्जी प्रपत्रों के आधार पर माल भेजकर जीएसटी (GST) चोरी की जा रही है। शिकायत के बाद शासन ने विजिलेंस जांच के आदेश दिए।
जांच में पता चला कि 29 सितंबर और 7 अक्टूबर 2022 को अवध एक्सप्रेस (Awadh Express) की पार्सल बोगी में माल लोड किया गया था। शिकायतकर्ता ने संबंधित जीएसटी (GST) अधिकारियों को इसकी जानकारी भी दी थी, लेकिन मौके पर पहुंचने के बावजूद अधिकारियों ने कार्रवाई नहीं की।
42 लाख के माल को 2 लाख का दिखाया
विजिलेंस जांच में सामने आया कि ट्रांसपोर्टर ने पार्सल के दस्तावेजों में माल की कीमत मात्र 2 लाख रुपये दिखाई थी, जबकि जीएसटी विभाग की जांच में उसी माल का वास्तविक मूल्य 42 लाख रुपये पाया गया। जांच एजेंसी के अनुसार अधिकारियों ने ट्रांसपोर्टर को फायदा पहुंचाने के लिए जानबूझकर चेकिंग नहीं की।
स्कैनिंग मशीन के जरिए भी हुआ खेल
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि रेलवे स्टेशन पर लगी स्कैनिंग मशीन का दुरुपयोग किया जा रहा था। ट्रांसपोर्टर ने रेलवे से अनुमति लेकर स्कैनिंग मशीन लगाई थी और प्रत्येक स्कैनिंग के बदले रेलवे को शुल्क देता था।
आरोप है कि कई पार्सलों की वास्तविक स्कैनिंग किए बिना ही फर्जी स्कैनिंग दिखाकर माल भेजा जाता था, जिससे रेलवे राजस्व को भी नुकसान पहुंचा। रेलवे की आंतरिक जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद ट्रांसपोर्टर की जमानत राशि भी जब्त कर ली गई थी।
विजिलेंस ने दर्ज कराया भ्रष्टाचार का मुकदमा
एसपी विजिलेंस आलोक शर्मा ने बताया कि खुली जांच की रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। शासन से अनुमति मिलने के बाद तीन जीएसटी अधिकारियों और ट्रांसपोर्टर के खिलाफ भ्रष्टाचार का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और जांच में जिन अन्य लोगों की भूमिका सामने आएगी, उन्हें भी आरोपी बनाया जाएगा।