डेली संवाद, चंडीगढ़। Punjab News: पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की गतिविधियां तेज हो गई हैं। सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने दिल्ली में कांग्रेस नेता राहुल गांधी से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि करीब 40 मिनट चली बैठक में दोनों नेताओं ने पंजाब कांग्रेस से जुड़े अपने मुद्दे राहुल गांधी के सामने रखे।
सूत्रों के मुताबिक, राहुल गांधी ने इस मामले में पंजाब के प्रभारी भूपेश बघेल से फीडबैक लेने की बात कही है। इसके बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को पद पर बनाए रखने या बदलाव करने को लेकर फैसला लिया जा सकता है।
समय मांगना सामान्य प्रक्रिया
बैठक के बाद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि विधायकों और नेताओं का अपने पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए समय मांगना सामान्य प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि विधानसभा चुनाव नजदीक हैं और ऐसे समय में नेता अपने शीर्ष नेतृत्व के सामने अपनी बात रख सकते हैं। रंधावा ने पंजाब विधानसभा में कथित तौर पर हो रहे हंगामे और अव्यवस्था का मुद्दा भी उठाया।
इस बीच बुधवार सुबह संसद भवन के बाहर का एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा राहुल गांधी के साथ नजर आए। इस दौरान कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल भी उनके साथ मौजूद थे।
रंधावा के घर हुई चन्नी खेमे की बैठक
इससे पहले मंगलवार रात सुखजिंदर सिंह रंधावा के आवास पर चन्नी खेमे से जुड़े नेताओं की बैठक हुई। बैठक में प्रताप सिंह बाजवा, राणा गुरजीत सिंह, धर्मवीर गांधी, सांसद शेर सिंह घुबाया और परगट सिंह समेत कई नेता शामिल हुए। सभी नेता रंधावा के घर डिनर के लिए पहुंचे थे।
वहीं, पंजाब में कांग्रेस के हालिया राजनीतिक घटनाक्रम को लेकर हाईकमान भी स्थिति पर नजर बनाए हुए है। भूपेश बघेल के पंजाब दौरे के बाद पार्टी के भीतर उठे सवालों और विभिन्न नेताओं के बीच बढ़ती खींचतान ने प्रदेश अध्यक्ष को लेकर नेतृत्व की चिंता बढ़ा दी है।
रैलियों और पार्टी कार्यक्रमों में चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में लगे नारों के बाद हाईकमान अब राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष बनाए रखने के मुद्दे पर दोबारा विचार कर रहा है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी की टीम पंजाब के 23 जिलों में फीडबैक जुटा रही है। इसके लिए पांच टीमें काम कर रही हैं, जो प्रदेश अध्यक्ष को लेकर जमीनी स्तर पर पार्टी कार्यकर्ताओं और लोगों की राय ले रही हैं।
बड़ा फैसला लिया जा सकता
इन टीमों की रिपोर्ट जल्द राहुल गांधी के कार्यालय को सौंपी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, 25 अगस्त से पहले पंजाब कांग्रेस के संगठन को लेकर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।