Skip to content

America News: H-1B Visa वालों को ट्रंप का एक और झटका! H-4 वीजा धारकों का वर्क परमिट हो सकता है खत्म, भारतीयों पर बड़ा असर

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2017 के बीच H-4 एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट (EAD) के स्वीकृत आवेदनों में करीब 93 प्रतिशत लाभार्थी भारतीय नागरिक थे। इनमें लगभग 94 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं।

America News: H-1B Visa वालों को ट्रंप का एक और झटका! H-4 वीजा धारकों का वर्क परमिट हो सकता है खत्म, भारतीयों पर बड़ा असर
Share Facebook X WhatsApp Telegram Email
View in ePaper

डेली संवाद, अमेरिका। America News: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब H-1B वीजा धारकों को एक और बड़ा झटका देने की तैयारी कर रहे हैं। खबर है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन H-1B वीजा धारकों के परिवारों से जुड़ी एक अहम नीति में बदलाव की तैयारी कर रहा है।

प्रस्तावित योजना के तहत H-1B वीजा धारकों के कुछ आश्रित जीवनसाथियों यानी H-4 वीजा होल्डर्स के काम करने का अधिकार खत्म किया जा सकता है। अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था में बड़ा बदलाव होगा।

इस कदम का सबसे ज्यादा असर भारतीय पेशेवरों के परिवारों पर पड़ने की संभावना है, क्योंकि H-4 वर्क परमिट पाने वालों में भारतीय नागरिकों की हिस्सेदारी काफी अधिक रही है।

भारतीय महिलाओं पर पड़ सकता है असर

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 2014 से 2017 के बीच H-4 एम्प्लॉयमेंट ऑथराइजेशन डॉक्यूमेंट (EAD) के स्वीकृत आवेदनों में करीब 93 प्रतिशत लाभार्थी भारतीय नागरिक थे। इनमें लगभग 94 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं।

यानी यदि प्रस्तावित बदलाव लागू होता है तो अमेरिका में H-1B वीजा पर काम कर रहे भारतीय पेशेवरों के उन जीवनसाथियों पर सीधा असर पड़ सकता है, जो वर्तमान में H-4 वीजा के आधार पर नौकरी कर रहे हैं।

अभी यह स्पष्ट नहीं

यह प्रस्ताव डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के नियामक एजेंडे का हिस्सा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि प्रस्ताव को औपचारिक रूप से कब जारी किया जाएगा।

अभी तुरंत खत्म नहीं होगा H-4 वर्क परमिट

हालांकि, प्रस्ताव सामने आने का मतलब यह नहीं है कि H-4 वीजा धारकों का वर्क परमिट तुरंत खत्म हो जाएगा। किसी भी बदलाव को लागू करने से पहले DHS को Federal Register में प्रस्तावित नियम प्रकाशित करना होगा।

इसके बाद आम लोगों और संबंधित पक्षों को प्रस्ताव पर अपनी राय और आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। इन टिप्पणियों की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सरकार अंतिम नियम जारी कर सकती है।