डेली संवाद, मंडी। Kiratpur-Manali Four Lane: हिमाचल प्रदेश घूमने जाने वाले पर्यटकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। कीरतपुर-मनाली फोरलेन पर ड्योढ़ और हणोगी में बनी दो महत्वपूर्ण सुरंगों को शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 से वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इन टनल के शुरू होने से मनाली जाने वाले पर्यटकों को लंबे ट्रैफिक जाम और लैंडस्लाइड प्रभावित सड़क से बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में पर्यटक मनाली (Manali) और आसपास के पर्यटन स्थलों पर पहुंचते हैं। ऐसे में इन दोनों सुरंगों का खुलना पर्यटन सीजन के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
2.8 किमी ड्योढ़ और 650 मीटर हणोगी टनल शुरू
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने मंडी-मनाली मार्ग के पंडोह-टकोली सेक्शन में दो महत्वपूर्ण टनल तैयार की हैं।
ड्योढ़ टनल (T4-01): 2.8 किलोमीटर
हणोगी टनल (T4-02): 650 मीटर
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने शुक्रवार को अपने सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए दोनों सुरंगों के वाहनों के लिए खुलने की जानकारी साझा की।
6 किलोमीटर का रास्ता घटकर 3.5 किलोमीटर हुआ
इन सुरंगों के शुरू होने से संबंधित मार्ग की दूरी करीब 6 किलोमीटर से घटकर 3.5 किलोमीटर रह जाएगी। इससे जोगनी माता मंदिर, ड्योढ़ और हणोगी के आसपास लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।
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खासकर पर्यटन सीजन में इन स्थानों पर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं। अब सुरंगों के जरिए ट्रैफिक को लैंडस्लाइड प्रभावित और संकरे हिस्सों से बाहर निकालने में मदद मिलेगी।
मंडी से कुल्लू पहुंचने में लगेगा करीब 1 घंटा
दोनों टनल के शुरू होने के बाद मंडी से कुल्लू का सफर करीब दो घंटे से घटकर लगभग एक घंटे रह जाने की उम्मीद है। NHAI ने इन सुरंगों को विंटर टूरिस्ट सीजन और अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरा से पहले तैयार किया है।
इससे मनाली जाने वाले यात्रियों को यात्रा समय में भी राहत मिलने की संभावना है।
हणोगी में लैंडस्लाइड से मिलेगी राहत
हणोगी क्षेत्र में बारिश और लैंडस्लाइड के कारण अक्सर हाईवे प्रभावित होता रहा है। कई बार भूस्खलन के चलते सड़क पर घंटों यातायात बाधित हो जाता था।
पर्यटन सीजन में रोजाना एक से दो घंटे तक सैकड़ों वाहन जाम में फंस जाते थे। नई सुरंगों के शुरू होने से इस समस्या में काफी कमी आने की उम्मीद है।
5.5 किलोमीटर लंबे लैंडस्लाइड जोन से छुटकारा
ड्योढ़ और हणोगी टनल शुरू होने से यात्रियों को करीब 5.5 किलोमीटर लंबे लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्र से गुजरने से राहत मिलेगी।
इससे संकरे और घुमावदार सड़क मार्ग पर वाहनों का दबाव भी कम होगा और यात्रा पहले के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित एवं सुगम होने की उम्मीद है।
140 मीटर लंबे पुल से जुड़ी हैं दोनों टनल
ड्योढ़ की 2.8 किलोमीटर और हणोगी की 650 मीटर लंबी सुरंगों को खोतीनाला के पास करीब 140 मीटर लंबे और 45 मीटर ऊंचे पुल से जोड़ा गया है।
सुरंगों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए CCTV कैमरे, वेंटिलेशन सिस्टम और इमरजेंसी एग्जिट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यातायात शुरू करने से पहले NHAI की ओर से सुरक्षा जांच और ट्रायल रन भी किया गया।
7 सितंबर को हुआ था ट्रायल रन
NHAI के मेंबर प्रोजेक्ट्स विपनेश शर्मा ने 7 सितंबर को हणोगी टनल का निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने सुरंग में मौजूद व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को सभी सुरक्षा मानकों को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
₹4,465.94 करोड़ की लागत से बन रहा फोरलेन
ड्योढ़ और हणोगी टनल पंडोह बाईपास-टकोली फोरलेन सेक्शन का हिस्सा हैं। करीब 18.908 किलोमीटर लंबे इस सेक्शन पर लगभग ₹4,465.94 करोड़ की लागत से काम किया जा रहा है।
इस परियोजना का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल (HAM) के तहत किया जा रहा है, जिसमें सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की भागीदारी होती है।
मनाली, रोहतांग और लेह-लद्दाख जाने वालों को फायदा
कीरतपुर-मनाली फोरलेन हिमाचल प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाला महत्वपूर्ण सड़क मार्ग है। इसी रास्ते से पर्यटक मनाली, अटल टनल, मणिकर्ण, रोहतांग, शिंकुला दर्रा, केलांग और लेह-लद्दाख की ओर जाते हैं।
ड्योढ़ और हणोगी टनल शुरू होने के बाद इस पूरे मार्ग पर सफर तेज और सुगम होने की उम्मीद है। खासकर आने वाले पर्यटन सीजन में पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली से मनाली जाने वाले यात्रियों को इसका सीधा फायदा मिल सकता है।